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शुक्रवार, 28 जनवरी 2022

पूजा करते समय यह चीज गिर जाए तो समझो साक्षात साईं भगवान खड़े हैं पास विशेष संकेत

 जय साईं राम स्वागत है आप सभी का आपके अपने चैनल पर तो जैसा कि आप सभी जानते हैं कि हम सभी बाबा को प्रतिमा पर मूर्ति पर माला चढ़ाते हैं घर की पूजा में भगवान को माला चढाते हैं फूल चढ़ाते हैं और धोखे से जब वह माला गिर जाता है तो हम चिंतित हो जाते हैं कि आखिर ऐसा क्यों हुआ क्या है इसका संकेत क्या कहीं भगवान् हमसे नाराज हैं या बाबा हमसे गुस्सा है या कुछ और तरह-तरह के खेल हमारे दिल में दिमाग में चलते रहते हैं कि आखिर इसका क्या वजह हो सकता है कि जिसके कारण यह मसाला हमारा चढ़ाया हुआ जो गिर गया इन्हीं बातों को लेकर बाबा के एक भक्त ने आज कमेंट किया है जिनका नाम है कि आखिर सिंह जिन्होंने कमेंट किया है कि हम 9 गुरूवार से साईं बाबा का व्रत मन्नत मांगे हैं और मेरे पास गुरुवार का व्रत हुआ है इन पांच गुरुवार में जब हम पूजा करने बैठते हैं और जब व्रत करना प्रारंभ करते हैं तो हर गुरुवार को साईं बाबा के फोटो से चढ़ा हुआ माला गिर जाता है इसका क्या संकेत है तो देखिए मैं आपको बताना चाहूंगा कि बाबा या भगवान जिसके लिए पूजा करते व्रत करते हैं व्रत के दौरान पूजा के दौरान अगर आपके द्वारा चढ़ा वर्क फूल माला अगर गिरता है तो इसका यह संकेत है कि एक सकती जिस शक्ति के पूजा कर रहे हैं जो बारिश से आप अवश्य करें बाबा वह आपके आसपास है और आपकी प्रार्थना सुन रहे हैं आपकी मनोकामना सुन रहे हैं और आपके ऊपर अपनी अपार कृपा बनाए रखे हुए हैं इस कारण इसके यही संकेत है कि बाबा आपसे पसंद है और आपकी मनोकामना बहुत जल्द पूरी होने वाली है हम जब भी मंदिर में भी जाते हैं जब माता के कि है तो अचानक प्रतिमा से माला फूल गिर जाता है हमारे ऊपर गिर जाता है यह हमारे क्वालिटी गिर जाता है इससे यही संकेत है कि भगवान आपकी भक्ति से प्रसन्न है और आपकी अपनी अपार कृपा करने वाले हैं तो आप सभी को यह जानकारी अच्छी लगी हो तो आप वीडियो को लाइक करें चैनल पर नए सब्सक्राइब करें और बैल आइकॉन ऑपरेशन जरूर करें हम मिलेंगे अगली बार एक नई वीडियो के साथ तब तक के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद ओम साईं

गुरुवार, 6 जनवरी 2022

Sai himself came to return the lost purse of a devotee going to shirdi, then everyone including the bus driver were stunned.

 When the lost purse of his devotees returned during the Shirdi yatra, they themselves went to Shirdi after seeing Sai Nath, everyone's senses were blown away Hello friends, all of you are warmly welcome to our YouTube channel, friends, you believe in Sai Baba or not, but Sai We keep seeing and hearing the miracle of

Those who have shared their experience with us, so let's know friends, what happened on this day that the flood of MCD had to come to their devotees or if it happened to return, then let's know the story of Anju Sharma, her friends, my name is Anju Sharma. By the way, I fast on every Thursday of Sai Baba that I believe in Sai Baba wholeheartedly, I am an exclusive devotee of Sai Baba. about 2018 as far as i remember
It was the month of April. I was going to Shirdi to travel by bus because I used to worship Sai selflessly. Baba had infinite grace on me. Sai never let me down when I left for Shirdi by bus. Yes, suddenly a big shark person came and started begging from him, I saw that no one is giving him and he was very helpless and disappointed that the condition was not seen from me, I immediately took out fifty rupees and started fast, everything is going well. Had been
Suddenly I fell asleep when I woke up, I saw that my mobile offers were not at my place, I was very cheap after seeing this, I started remembering Baba and started saying that I do not even have any money and everything Money is also there, my atm card was also in it.
So I came in front of Baba, I said that I always feed the poor and help the needy, I am no one in this world, my father, remove my sorrows, I have come back saying that I have come to the bus. I had made a reservation for both of them to go, due to which I had no problem in coming home, I had spent some time at home that I was sleeping disappointedly on the terrace, then suddenly I saw that the person to whom I had given ₹ 50 was The wind felt outside my house that I was on the terrace and as soon as I reached I saw that
There was no one there, I asked the worker from my home, then came to know that yes had come here, he said that in this committee of the house, I sat and narrated the whole thing to the worker in detail, she was also surprised to hear that too. I started telling me that Baba himself had come, you have seen your lost labor approach, you have seen that there is power in real devotion, whenever you call on Sainath with a sincere heart, Sai Baba comes running in some form or the other, just our devotion. the power must be unwavering towards them

बुधवार, 5 जनवरी 2022

Everyone was stunned to see Shiva incarnated in the river Ganges to save the life of his devotee #shiv #ganga

 What happened when Mahadev himself reached to save the life of the devotee while bathing in the Ganges 'Then seeing what happened, everyone's hair stood up.


 Har Har Mahadev Hello friends, a warm welcome to all of you in our YouTube channel. If any devotee sincerely believes in Mahadev. So Mahadev does not let his faith break, such a true incident happened with Kamlesh ji and his mother living in Charani village of Rajasthan. By the way, Kamlesh ji is a great devotee of Mahadev.
But when Kamlesh ji takes a dip in the river Ganges, suddenly the flow of water becomes very fast there, and Mahesh ji starts drowning in that, Mahesh ji's old mother gets very worried seeing this, quickly By running, his old mother starts asking people for help. Now Kamlesh ji's condition starts deteriorating very much. He suddenly starts swimming in the flow of water. But it is said that no devotees, if you have Mahadev's hand on you, then also Kaal. Nothing can harm you.
Then suddenly Kamlesh ji gets the hand of a sage there, Kamlesh ji reaches the shore holding that sage's hand, but when he comes to his senses, then when he sees there, the sadhus disappear there Kamlesh. Ji and his old mother understand that this is not protected by anyone else but Mahadev himself, friends, Mahadev definitely protects his devotees, just our faith and devotion should be true towards him, hope today's video
If you liked today's video, if you liked it, then please like share and subscribe the video,

 See you next time with a special video thank you very much

जब चुड़ैल से अपने भक्त की जान बचाने आए साईं बाबा,फिर जो हुआ देखकर उड़ गए गए सभी के होश #sai #truesto

 चुड़ैल की काली शक्तियों से अपने भक्तों की जान बचाने आए .साईं बाबा और फिर जो हुआ था'सभी लोगों के रोंगटे खड़े हो गए राजस्थान के अनूपशहर में त्रिमूर्ति नाम का एक बहुत ही बड़ा व्यापारी रहा करता था, जो कि अपने मेहनत और लगन के कारण ही इतना बड़ा व्यापारी बन पाया था, वह बहुत ही ईमानदार और सज्जन स्वभाव का व्यक्ति था वह अक्सर गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता किया करते थे साथ ही त्रिमूर्ति जी साईं बाबा के असीम भक्त थे और वह प्रतिदिन साईं बाबा की सच्ची श्रद्धा के साथ आस्था भाव के साथ पूजा किया करते थे.

 आसपास के लोगों में इनकी अच्छे व्यवहार के कारण त्रिमूर्ति जी का बहुत ही ज्यादा आदर-सम्मान था त्रिमूर्ति जी अच्छे कामों में बहुत ही बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया करते थे सब कुछ सुखमय रूप से व्यतीत हो रहा था परंतु त्रिमूर्ति जी को इस बात का थोड़ा भी अनुमान नहीं था कि आगे बहुत ही बड़ा संकट आने वाला है जब एक दिन त्रिमूर्ति जी अपना दुकान बंद करने के बाद घर जा रहे थे फिर जो उनके साथ ऐसी घटना थी कि उसे देखने और सुनने वाले सभी हैरान हो गए मूर्ति जी पैदल ही अपने घर की ओर बढ़ रहे थे 

अंदर ही चलते चलते वह सुनसान रास्ते में जा पहुंचे जहां बहुत ही अंधेरे के बीच उन्हें एक मोमबत्ती जलती वह बुझती हुई दिखाई दे रही थी उन्होंने उस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और वह अपने मन से आगे बढ़ता रहा तभी उन्हें महसूस हुआ कि पीछे से उन्हें कोई बहुत ही तेज धक्का मारा जिसके कारण वह तुरंत ही जमीन पर गिर गए और तुरंत ही उसके पैर में मोच आ गई और फिर उन्होंने देखा कि उन्हें एक अदृश्य शक्ति वड़ा होने से रोक रही है परंतु त्रिमूर्ति जी को वहां पर कोई भी दिखाई नहीं दे रहा था उन्हें बिल्कुल भी समझ नहीं आ रहा था;

 कि आखिर यह हो क्या रहा है और तभी अचानक त्रिमूर्ति जी को चार रखी महसूस होने लगा कि कोई उनके मुंह को दबाकर उनकी सांसे को बंद कर रहा है उसको इतने कठिन जगह में पागल त्रिमूर्ति जी ने साईं बाबा को आंखें बंद कर याद की और जैसे ही उनकी आंखें खुली का भी उसे अंधेरे से भरी सड़क पर मोमबत्ती के उजाले में एक विशाल था या नजर आई थिंक विशाल शरीर और हाथ में चिंता है और देखते ही देखते अब त्रिमूर्ति जी का झगड़ा हुआ शरीर अचानक से शांत हो गया कुछ ही पल हुए कि वह परछाई भी गायब हो गई त्रिमूर्ति जी तुरंत ही समझ गया कि आज साहिबा नहीं मेरे प्राणों की रक्षा की है उसने तुरंत जब अपने घर पहुंच कर यह सभी बात अपने घरवालों को बताया तो यह सुनने के बाद सभी के होश उड़ गए 

उसी दिन से साईं बाबा को लेकर त्रिमूर्ति जी की आस्था और भी दृढ़ हो गई वीडियो अच्छी लगी होगी तो वीडियो को लाइक शेयर एंड सब्सक्राइब जरुर कीजिएगा बहुत-बहुत धन्यवाद

When Sai Baba came to save the life of his devotee from the witch, then everyone's senses were blown away after seeing what happened #sai #truesto

 Sai Baba came to save the lives of his devotees from the witch's black powers. This was the reason why he was able to become such a big businessman, he was a very honest and gentle person, he often used to help poor and needy people as well as Trimurti ji was an infinite devotee of Sai Baba and he was devoted to Sai Baba every day with true devotion. Used to worship with faith.

Trimurti ji had a lot of respect because of his good behavior among the people around him. There was no estimation that there was going to be a big crisis ahead when one day Trimurti ji was going home after closing his shop, then what happened to him was such an incident that all those who saw and heard him were astonished. headed home
While walking inside, he reached a deserted path where he could see a candle burning in the midst of very dark, he did not pay much attention to him and he kept on moving forward with his mind only then he realized that he was coming from behind. Someone hit very hard due to which he immediately fell on the ground and immediately he sprained his leg and then he saw that an invisible force was stopping him from having the vada.
But Trimurti ji could not see anyone there, he could not understand at all;

 That's what is happening after all and then suddenly Trimurti ji started to feel that someone was closing his breath by pressing his mouth. He opened his eyes to see him in a light of candle on the road full of darkness.
It was huge or was seen, there is a huge body and there is worry in the hand, and on seeing it, now Trimurti ji's quarreled body suddenly became calm, it took a few moments that even that shadow disappeared, Trimurti ji immediately understood that today is not Sahiba. Has saved my life, when he immediately reached his home and told all this to his family members, everyone's senses were blown away after hearing this.
From that day onwards, Trimurti ji's faith in Sai Baba became even stronger, if you liked the video, then please like share and subscribe the video, thank you very much.

शनिवार, 16 अक्टूबर 2021

जब अपने भक्त को बचाने खुद साईं बाबा दौड़े चले आए फिर जो चमत्कार हुआ उसे देखकर लोगों के होश उड़ गए

 क्या हुआ जब बाढ़ में फंसे भक्तों को बचाने स्वयं साइन आपको आना पड़ा और फिर जो चमत्कार हुआ उसे देखकर सभी लोग हैरान हो गए ओम साईं राम दोस्तों नमस्कार हमारे YouTube चैनल में आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है दोस्तों आज हम आपको कंगना ठाकुर के साथ हुए आईनाथ की ऐसी सच्ची घटना सुनाने जा रहे हैं जिसे सुनकर आपके भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे इसे सुनकर आपके पैरों तले ज़मीन खिसक जाएगी दरअसल दोस्तों हम बात कर रहे हैं बाल घाटी में रहने वाली कंगना ठाकुर की जिन्होंने हमारे साथ ही बाबा की एक ऐसी सच्ची घटना शेयर की है और बताया है कि कैसे स्वयं ही बाबा ने बाढ़ के दौरान उनके प्राणों की रक्षा की दोस्तों कंगना ठाकुर बताती है कि वह साईं बाबा को दिल से मानती है और निस्वार्थ होकर उनकी पूजा पाठ भी जिया करती है वह कहती है शायद मेरी भक्ति से प्रसन्न होकर बहुत के मुझसे आकर स्वयं साईनाथ ने मेरे प्राणों की रक्षा की थी हेलो दोस्तों इस बात में आज भी कोई दो राय नहीं है जो भक्त सच्ची श्रद्धा से साईं बाबा को याद करता है तो अवश्य ही साईंनाथ उनकी मुराद सुनकर किसी ना किसी रूप में दौड़े चले आते हैं तो आइए दोस्तों जानते हैं कि कैसे साईनाथ ने अपने भक्तों को बाहर निकालकर कंगना ठाकुर की रक्षा की दोस्तों बाल घाटी के छोटे से गांव में रहने वाली कंगना ठाकुर जी साईं बाबा के एक अनन्य भक्त थी वह हर रोज सुबह उठकर कायनात के मूर्ति में दूध अर्पण किया करती थी उसके बाद ही वह अपने दिनचर्या के कामों को शुरू किया करती थी गांव वाले भी कंगना की भक्ति को देखकर बहुत ही खुश रहते थे बात उस समय की है जब बाल घाटी के मौसम बिल्कुल खराब हो चुका था बिल्कुल सुबह से ही बहुत बारिश हो रही थी कहना जी बताती हैं यह वह बारिश होते हुए भी साईं बाबा को दूध अर्पण करने मंदिर चले जाती है घरवालों के बहुत समझाने के बाद भी कंगना मानती और साईं बाबा के मंदिर चली जाती है कंगना जी बताती है कि शायद साईं बाबा उनकी परीक्षा लेना चाह रहे थे इसीलिए उन्होंने हार नहीं मानी और तेज बारिश में भी मंदिर के तरफ निकल गई जैसे ही कंगना आगे बढ़ने को निकली अ चाहत स्वरों से बारिश होने लगी आसमान में बहुत जोरों शोरों से बिजली कड़कने लगी थी मानो जैसे कोई बादल फटने वाले हैं ऐसे मौसम को देखकर कंगना जी साईं बाबा का नाम लेते हुए मंदिर के तरफ निकल रही थी जैसे ही वह आगे बढ़ी रही थी लोग कहना ने देखा वहां के नदी पर बहुत तेज तूफान पैदा हो रही है उन्होने देखा आदि में तेज पानी के लहरें उत्पन्न हो रही है जो लगातार बहुत तेजी से उनकी तरफ बढ़ रही है लेकिन कंगना जी फिर भी नही रुकी और साईं बाबा का नाम लेते हुए वह आगे बढ़ने लग जाती है तब यह बहुत ही भयानक पानी की लहर कंगना से टकराती है और जिसके कारण कंगना पानी में डूबने लग जाती है एक पल लिए कंगना को लगता है कि शायद उनका आखिरी समय आ चुका है लेकिन कंगना अपने परिवार को ना याद करते हुए सच्चे मन से साईं नाथ का चालीसा पढ़ने लग जाती है पानी में सांस ना लेने की वजह से अंगना बेहोश हो जाती है तभी कंगना को ऐसा सपना देखता है जिसे देखकर वह फूट-फूट कर रोने लग जाती है व्युत्क्रम है वह साक्षात साईं बाबा के सामने खड़ी हुई थी साईं बाबा उससे पूछते हैं लिए प्रिय भक्त जब तुम्हें पता था कि तुम्हारा आखरी समय आ चुका है फिर भी तुम्हारे मुख पर केवल मेरा ही नाम क्यों था तो कंगना कहने लग जाती है यह साईनाथ मैंने बचपन से यह और केवल आपको ही पूजा है मैं जानती थी कि मैं अपने जीवन में अगर इसी तरीके से सच्ची श्रद्धा भाव से पूजा-पाठ आपके प्रति करते रहूंगी तो आप एक ना एक दिन मुझे दर्शन जरूर देंगे और मेरा जीवन हमेशा के लिए सफल हो जाएगा साहिबा मंद-मंद मुस्काते हैं और कंगना से कहने लग जाते हैं कि जब मृत्यु नजदीक कि दो बड़े से बड़ा भक्त भी केवल और केवल अपने परिवार को याद करता है उस माह को याद करता है जिसने उसे बचपन से पाला हो लेकिन तुम्हें देख कर आज मुझे यकीन हो गया कि मुझसे भी बड़ा कोई है वह लोग केवल मेरा भक्त ही है और तभी साईं बाबा अपना हाथ उठाते हैं और भक्तों के ऊपर रखते हैं और कहते हैं अस्तु और तभी अचानक कंगना की आंखें खुल जाती है और कंगना देखती है कि उनके नजदीक ही एक साधु बाबा गुज़रे हैं वह अपने आपको साईं बाबा के मंदिर में पाती है जहां पर साईं बाबा के मंदिर के पास ही एक सफेद पोशाक पहना हुआ एक साधु खड़ा हुआ था और कंगना उन्हें देखकर बहुत ही घबरा जाती है लेकिन वह पल भर में ही समझ जाती है यह कोई और नहीं बल्कि स्वयं साईं बाबा ही है जिन्होंने नदी में डूबने से इन के प्राणों की रक्षा की है और क्षण भर में ही उतर नहीं वे साधु बाबा कहां गायब हो जाते हैं

मंगलवार, 5 अक्टूबर 2021

 When a 5-year-old child fell in the well, then everyone's senses were blown away seeing the miracle that Sai Baba showed, Hello friends, welcome to all of you,


 In your own YouTube channel, 

There lived a boy named Chhotu in a village in Andhra Pradesh, in his childhood, his parents left him in the stairwell of the temple, because they were unable to take care of him, the temple priest took that child to the temple. He picked it up from the ladder and started taking care of it himself. Pandit ji did not have a child of his own. That's why he started seeing that Chhotu as his child, as Chhotu grew up. That pandit ji used to narrate many more tales of Sai Baba to him,

Because she herself was worshiping in the temple of Sai Baba. Chhotu used to listen to all these stories with great enthusiasm. 1 time Chhotu's faith became very strong and strong, he used to worship Sai Baba according to the regular rules and also used to observe Sai Baba's fast on every Thursday,

After a few years, Chhotu grew up and started going to the university and one day something happened that he was surprised to see all the villagers at the time of Pandit ji; It is a matter of one day that Chhotu was returning to the university house, then on the way he saw that there was a deep well on the side of the road; And in the same pit of the well, a small dog's child is trapped between the stones,

Chotu, seeing all this, went ahead to help the child, after a lot of effort, Chhotu took that dog's child out of there but his foot slipped while walking behind and Chhotu himself fell into the well, he started drowning and he helped. But there was no one there to help him, it has been a long time when he did not understand any way, then he remembered that my father had taught me that when no one supports you, remember sai baba 

He will definitely help Chotu did the same, he prayed for help remembering Sai Baba, just now something happened that all the people got fed up seeing that the keeping on top of them suddenly came down Chhotu also pulled the rope Caught it quickly and the rope also slowly started coming up, Shortly the match came and when Chhotu came out and saw there was no one there,

He didn't understand who was pulling this person up after all. Thinking about this, he reached the Panditji of the temple and all of his own past told that Panditji to his father, Mahant Ji Panditji after listening to Chhotu. Became emotional and explained that no one else helped you but Sai Baba himself, this thing spread in the whole village and there were discussions of Sai Baba's miracles and Chotu's faith and devotion from that day onwards. Became more determined towards Sai Baba

Devotees, if you like this true incident related to Sai Baba, then like the video and subscribe to our channel and share as much as possible.


See you next time with new video till then thank you very much

नदी में डूब रहे इस भक्त की जान बचाने दौड़े चले आए साईं फिर जो हुआ उसे देखकर आप भी हैरान हो जाओगे

  जब कुआ मैं गिरा 5 साल का बच्चा, फिर साईं बाबा ने जो चमत्कार दिखाया, उसे देखकर सभी के होश उड़ गए नमस्कार दोस्तों आप सभी का स्वागत है,

 आपके अपने YouTube चैनल में,

 आंध्र प्रदेश के एक गांव में छोटू नाम का एक लड़का रहता था, बचपन में ही उसके माता-पिता ने उसे मंदिर के सीढ़ी में छोड़ दिया था, क्योंकि वह उसका लालन पालन करने में असमर्थ थे, मंदिर के पुजारी ने उस बच्चे को मंदिर के सीढ़ी से उठा लिया और खुद ही उसका लालन-पालन करने लगा. पंडित जी का स्वयं का खुद संतान नहीं था. इस लिए वह उस छोटू को अपने बच्चे के रूप में देखने लगे छोटू जैसे-जैसे बड़ा हुआ. उस पंडित जी ने उसे साईं बाबा के अनेक किस्से और चमकदार सुनाया करते थे,

क्योंकि वह खुद साईं बाबा के मंदिर के ही पूजा रही थी. छोटू यह सभी कहानियां बड़े उत्साह पूर्वक होकर सुनता था.1 समय  छोटू की आस्था बड़ी प्रबल और दृढ़ हो गई वह नित्य नियम के अनुसार साईं बाबा की पूजा पाठ किया करता था और प्रत्येक गुरुवार को साईं बाबा का व्रत भी रहा करता था,

 कुछ ही वर्षों बाद  छोटू बड़ा होकर विश्वविद्यालय जाने लगा और खेल एक दिन ऐसा कुछ हुआ कि वह पंडित जी के समय सभी गांव वाले देख कर हैरान हो गए ;एक दिन की बात है छोटू विश्वविद्यालय के घर की ओर लौट रहा था तब राह में उसने देखा कि सड़क किनारे एक गहरा कुआं है; और वही पात में कुएं के तो पत्थरों के बीच एक छोटा सा कुत्ता का बच्चा फंसा हुआ है छोटू   यह सब देखकर उससे कि बच्चे की मदद करने के लिए आगे बढ़ा बड़ी मशक्कत के बाद छोटू ने उस कुत्ते के बच्चे को वहां से निकाल लिया परंतु पीछे होते हुए उसका पांव फिसल गया और छोटू खुद कुएं में जा गिरा वह डूबने लगा और उसने मदद के लिए लोगों को आवाज देना शुरू किया परंतु वहां पर कोई नहीं था, जो उसकी मदद के लिए आ होठों को मदद की आवाज लगाते हुए बहुत समय हो गया जब उसे कोई मार्ग समझ नहीं आया तब उसे याद आया कि मेरे पापा ने मुझे सिखाया था कि जब कोई साथ ना दे तो साईं बाबा को याद करो वह सहायता अवश्य ही करेंगे छोटू ने वैसा ही किया उसने साईं बाबा को याद करते हुए यह मदद की प्रार्थना की अभी कुछ ऐसा हुआ जिसे देख कर सभी लोग तंग हो गए वे के ऊपर रखी हुई रखती अचानक से नीचे आ गई छोटू ने रस्सी को भी झट से पकड़ लिया और रस्सी भी अब धीरे-धीरे ऊपर आने लगी कुछ ही समय मैच छोटू  आ गया और जब छोटू ने बाहर आकर देखा तो वहां पर कोई नहीं था ,उसे समझ नहीं आया कि यह व्यक्ति आखिर ऊपर खींच कौन रहा था' वह तो इस बात को सोचता हुआ मंदिर के पंडित जी के पास पहुंचा और अपनी आप बीती सभी उस पंडित जी को मतलब अपने पापा को बताया छोटू की बात सुनकर महंत जी पंडित जी भावविभोर हो गए और समझाया कि तुम्हारी सहायता किसी और ने नहीं की बल्कि स्वयं साईं बाबा ने की है यह बात पूरे गांव में फैल गई और चारों ओर साईं बाबा के चमत्कार और छोटू की आस्था और भक्ति की चर्चाएं होने लगी उस दिन से छोटू की आस्था साईं बाबा के प्रति और भी अधिक दृढ़ हो गई 

भक्तों अगर आपको साईं बाबा से जुड़ी यह सत्य घटना अच्छी लगी हो तो वीडियो को लाइक करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें और ज्यादा से ज्यादा शेयर भी करें 

मिलेंगे अगली बार  नई वीडियो के साथ तब तक के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2021

जब पागल बैल से अपने भक्त की जान बचाने साईं बाबा दौड़े चले आए , फिर जो हुआ हैरान कर देने वाला था

 हेलो दोस्तों आखिर इस दिन ऐसा क्या हुआ जब एक खतरनाक बैल से अपने भक्तों को बचाने स्वयं शिर्डी के साईं नाथ तोड़ लें फिर जो हुआ उसे देखकर वह भी हैरान हो गए नमस्कार दोस्तों हमारे YouTube चैनल में आप सभी का हार्दिक हार्दिक स्वागत है दोस्तों वैसे तो हम आप सभी को साईं बाबा के अनेक चमत्कार दिखाए सुना हैं पर इस वीडियो को देखकर आपके भी पैरों तले ज़मीन खिसक जाएगी तो दोस्तों इस वीडियो को शुरू से लेकर अंत तक जरुर देखिएगा इस वीडियो को देखने के बाद आप भी केवल यही कहेंगे इस यह भी भला मुमकिन है जी हां दोस्तों यह आज के समय में भी मुमकिन है वीडियो शुरू करने से पहले सच्ची श्रद्धा के साथ कमेंट बॉक्स में ओम साईं राम जरूर लिखिएगा इससे क्या है वीडियो के शुरूआती अच्छी होगी तो चलिए दोस्तों वीडियो शुरू करते हैं दोस्तों यह सच्ची घटना हमें भेज कि हरियाणा के फरीदाबाद में रहने वाले पुष्पेंद्र जी ने पुष्पेंद्र जी बताते हैं कि वह साईं बाबा का हर दिन पूजा भक्ति सच्चे मन से किया करते रहे हों कोई भी कार्य की शुरुआत करते तो सबसे पहले साईं बाबा की तस्वीर लगाकर सच्चे मन से अपनी आस्था व भक्ति के साथ साईं बाबा का पूजा करते उसके बाद ही वह कार्य प्रारंभ करते एक दिन की बात है जब उन्हें काम के सिलसिले में घर से बाहर जाना था वह कार में अपने काम के लिए निकल गए तभी अचानक एक बड़ा सा भयानक सब बैल उनकी तरफ वह बहुत तेजी से आते हुए देखा उससे अपनी और देखकर पुष्पेंद्र जी बहुत ही डर गए और अपनी कार तुरंत रोक दिए जब का रुक गई तभी उस खतरनाक बैल ने हमला करना चालू कर दिया वह उनके कार्य के चक्के को अपने सिंह से बहुत ही तेजी से झटके मार मार कर ऊपर उठाने लगा जिसे देखकर मैं काफी डर गए और बस फिर क्या था अपने मन साहिबा को सच्चे मन से याद करने लगे और कहने लगे कि हे साईं बाबा मेरे प्राणों की रक्षा करो फिर कुछ ऐसा चमत्कार हुआ जिसे अपनी आंखों से देखकर बहुत हैरान हो गए और उन्हें साईं बाबा के चमत्कारों में और भी अधिक आस्था बढ़ गई होता कुछ ऐसा है कि कुत्ता उनकी तरफ दौड़ते हुए आता है और बैल को भिगोकर भगा देता है और है तो लगा था यह बैल अब उन्हें जिंदा नहीं छोड़ेगा लेकिन पता नहीं कहां से उस सुनसान जगह में एक कुत्ता उनकी प्राणों की रक्षा करने आ जाता है उन यह सब केवल और केवल साईं बाबा का चमत्कार लगा और उसी दिन के बाद उनकी आस्था साईं बाबा के प्रति और भी कई गुना अधिक बढ़ गए दोस्तों आपको क्या लगता है यह स्वयं शिर्डी के साईं नाथ का चमत्कार था या फिर कुछ और नीचे हमें कमेंट करके जरूर बताइएगा अगर आपको वीडियो अच्छी लगी हो तो इस वीडियो को लाइक कीजिएगा शेयर कीजिए का यह and चैनल को सब्सक्राइब कीजिए झाल इसे होगा क्या हमारी सभी आने वाली लेटेस्ट वीडियो आपको सबसे पहले मिलेगी तो भक्तों मिलेंगे अगले वीडियो में तब तक के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

नागिन का गुस्सा जब कहर बनकर इस गांव के लोगों पर टूटा,तब साईं दौड़े चले आए #ichchadharinagin #nagin

 जब अपने भक्तों को सांप से बचाने साईं बाबा चले निरहुआ उसे देखकर आपके भी होश उड़ जाएंगे जय साईं राम दोस्तों कि नमस्कार दोस्तों हमारे YouTube चैनल साईं जीवन माला में आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है आज हम आपको साईं बाबा के चमत्कार की एक ऐसी सच्ची घटना सुनाने जा रहे हैं जिसे सुनने के बाद आप के भी रौंगटे खड़े हो जाएंगे और साईं बाबा के प्रति आपकी आस्था और विश्वास कई गुना अधिक बढ़ जाएगी दरअसल दोस्तों हम बात कर रहे हैं जबलपुर के रहने वाले विक्रम जी की जिन्होंने हमारे साथियों सच्ची घटना शेयर की है और बताया है कि कैसे उस दिन साईं बाबा जी ने उनकी कारों की रक्षा की है अगर उस दिन साईं बाबा का चमत्कार नहीं होता तो वह सांप के जहर से मच गए होते तो आइए दोस्तों जानते हैं कैसे तो हम साईं बाबा अपने भक्तों विक्रम की प्राण बचाए दोस्तों जबलपुर के रहने वाले विक्रम जी बताते हैं कि वह साईं बाबा के कैसे अनंत भक्त है और उनकी श्रद्धा इनका अस्तित्व है आज इनकी श्रद्धा का विक्रम आपसे अपने वाले हैं उस तो विक्रम जी के पिताजी लंबे समय से बीमार चल रहे थे हैं लकवा मार चुका था इस वजह से वह चल नहीं पाते थे और इस वजह से इनको बहुत तकलीफ झेलना पड़ता था हर जगह विक्रम जी ने अपने पिता जी का इलाज कराया और साथ ही पैसों का भी बहुत खर्च किया लेकिन उनके पिताजी के तबीयत में कोई सुधार नहीं आया जब भी विक्रम डॉक्टर से पूछता कि मेरे पिताजी कब पूरी तरह से ठीक होंगे तो डॉक्टर बार-बार यही कहते यह सब भगवान भरोसे हैं विक्रम जी बताते हैं कि एक दिन उन्होंने सोचा जब सब कुछ उन्होंने करा कि देख लिया तो क्यों ना एक बार साईं बाबा के मंदिर में जाकर देखा जाए और साईं दरबार में मेरे पिताजी के लिए प्रार्थना कराया जाए मैंने सुना था छत्तीसगढ़ में स्थित साईं बाबा का मंदिर एक ऐसा मंदिर है जहां पर कई भक्तों की ओर कि पूरी हो चुकी है यहां के लोगों की मान्यता है कि यहां साईं बाबा के दर्शन के बाद सारी मनोकामना पूर्ण हो जाती है यही सोचकर विक्रम जी वहीं चले गए थे


कि जब वह साईं बाबा के दर्शन करने बैठे हुए थे तभी एक जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया और एकदम से विक्रम जी को चक्कर आने लगा विक्रम जी को लगा कि वह अब नहीं बच पाएंगे और उस समय उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आवाज भी नहीं निकल पा रही थी वह किसी को मदद के लिए आवाज भी नहीं निकल पा रहे हैं तो आप यही सोच रहे थे कि अगर उन्हें कुछ हो गया और उनके पिताजी का कौन ध्यान रखेगा विक्रम जी मन ही मन बस साईं बाबा का नाम हे ने लग जाते हैं और कुछ ही देर में वह बेहोश हो गया जब उन्हें होश आया तो मंदिर के आश्रम में वह अपने आपको लेटा हुआ देखते हैं उनके शरीर से साफ करता है पूरे तरीके से निकल चुका था तभी पंडित जी आए और कहने लगे तुम्हारी जान स्वयं साईं बाबा जी ने बताइए वरना इतने जहरीले सांप से बचते हुए आज तक किसी को नहीं देखा और तुम्हारी जान तो स्वयं उमराव ने बचाई है तो विक्रम जी ने पंडित जी से पूछा कि मेरी जान किसने बचाई है तो पंडितजी ने बताया कि जब तुम बेहोश हो गए थे अब एक सपेरा आया उसने अपने टोटके तुम पर किए और जिन्हें तुम्हारे शरीर से निकाल दिया यह सब देखकर हम हैरान हो गए थे यहां दूर-दूर तक कोई सपेरा नहीं रहता और यह अचानक से कहां से आ गया उन्होंने विक्रम जी को बताया कि सपेरा आया और तुम्हारे शरीर से सारा घर निकालकर अलग गया वह किसी चमत्कार से कम नहीं था वह दें साईं बाबा ही उन्हें बचाने सपेरे के रूप में आए थे यह सुनकर वह रो पड़े और साईं बाबा को शत-शत नमन किया आज उन्हीं की कृपा से वह जीवित है और जब विक्रम घर वापस आ गए तो उनके पिताजी के स्वास्थ्य में भी सुधार आया यह सब चमत्कार साहिबा ही कर रहे थे दोस्तों मैं आपको यह जरूर यह बताना चाहूंगा कि अगर जीवन में किसी भी प्रकार की कोई भी तकलीफ हो तो एक बार साईं बाबा के दर्शन अवश्य कर लीजिए जवाब की मदद अवश्य करेंगे वह तो आपको क्या लगता है विक्रम जी की जान बचाने स्वयं साईं बाबा सपेरे के रूप में आए थे या मात्र यह एक संयोग था हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताइएगा जय साईं राम अ कर दो कर दो


कि अ कर दो


कि अ अजय को कर दो


कर दो कर दो


कर दो


कर दो अजय को कर दो कर दो कर दो




रूसी अजय को


कर दो


सऊदी डी सॉरी आं आं


कर दो


अजय को कि हम अच्छी तो साईं देना था ऐड

जब आसमान से भगवान साईं ने दिए दर्शन आप भी देखें चमत्कारी दर्शन #miracles #sai #shirdi #youtube #mant

 हो साईं नाथ  

कहते हैं ना हो उदास तू

 मेरे लाल 

मैं तेरे साथ हूं

 सामने नहीं मैं

 तेरे आस-पास हूं 

अपनी पलकों को बंद कर और

 दिल से याद कर

 मैं कहीं और नहीं बल्कि 

तेरे विश्वास में हूं 

ओम साईं राम दोस्तों

 दोस्तों यह पंक्तियां कुछ चंद पंक्तियां नहीं है बल्कि यह एक अटूट आस्था है, धर्म से संबंधित हर समय यह सवाल पूछा जाता है कि क्या आपने किसी भगवान को देखा है, या आपने साईं बाबा को महसूस किया है, और अक्सर कई लोग इसका हिचकिचाते हुए जवाब देते हैं,

 हां हमने तो भगवान को देखा है हमने तो साईं बाबा को कई बार महसूस किया ,है, और अक्सर सामने वाला यह बात सुनकर हंस कर चला जाता होगा लेकिन दोस्तों इस वीडियो को देखने के बाद आप भी सच में यही कहेंगे कि हां मैंने सच में साईं नाथ को देखा है, जी हां दोस्तों आपने बिल्कुल सही सुना आज अपने आंखों से देखेंगे भगवान श्री साईंनाथ को और दोस्तों यह कोई बनी-बनाई बातें नहीं है, बल्कि यह हकीकत है कि आखिर कैसे भगवान श्री साईनाथ ने अपना स्वयं का अस्तित्व दिखाया कैसे साईं नाथ ने अपना अस्तित्व दिखाया, कैसे नास्तिकों को साईं बाबा ने बना दिया आज तक इस वीडियो को देखने के बाद जो भी साइनाथ को नहीं मानता या उनके सिवाय किसी अन्य भगवानों को भी नहीं मानता,



वह भी भगवान के चमत्कार को देखकर आज उनके समीप नतमस्तक हो जाएगा क्योंकि दोस्तों यह कोई मामूली वीडियो नहीं है, इस वीडियो में आप देखेंगे कि कैसे साक्षात साईं बाबा ने कलयुग में अपने दर्शन देकर सभी भक्तों को हैरान होने पर मजबूर कर दिया और दोस्तों मैं दावे के साथ कहता हूं कि इस वीडियो को आप देखने के बाद बार-बार देखेंगे लेकिन इस वीडियो को दिखाने से पहले हम चाहते हैं कि आप सच्ची श्रद्धा के साथ एक अ ओम साईं राम का कमेंट जरूर करें,

 ताकि आपकी आत्मा की भी परमात्मा से मिलन हो सके दोस्तों जो वीडियो हम आपको दिखाने जा रहे हैं यह वीडियो मध्य प्रदेश के भोजपुर गांव की है ,भोजपुर के उस रात की है जब मौसम का मिजाज कुछ ज्यादा ही खुशनुमा था आसमान अपनी मस्ती में झूम रहा था शीतल और ठंडी ठंडी हवाएं चल रही थी और पूरा आसमान भिन्न-भिन्न रंगों से रंग चुका था तभी अचानक न जाने किस कार वाले ने अपना मोबाइल निकाला और कैमरा चालू कर आसमान की तरफ रूख कर दिया शायद यह उनकी किस्मत में लिखा था कि वह आज साक्षात साईं बाबा के दर्शन करने जा रहा था आप इस वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे मौसम अंधेरा और बिल्कुल शांत सा हो गया है लेकिन तभी अचानक बिजली बहुत ही जोर से धड़कने लग जाती है और उसी बिजली में दिखाई देती है,

 वहीं बाबा किया प्रवीण व्यक्ति को मानने पर मजबूर कर देती है कि हां इस दुनिया में ऐसी शक्ति भी है जो हम सबको अपनी आंखों से देख रही है यह सिर्फ किस्से-कहानियों में नहीं की हकीकत में है जिसे हमने भगवान का नाम लिया है दोस्तों आप एक बार इस वीडियो को और देखिए और आप देख सकते हैं कि कैसे जब उस कार वाले ने मोबाइल को ऊपर किया तो शायद उसकी किस्मत में ही लिखा था यह आज उनको साक्षात दर्शन देने वाले हैं शिर्डी के साईं कभी अचानक बहुत तेज बिजली कड़कती है और उसी बिजली में एक समय के लिए साक्षात श्री साईनाथ केवल एक सेकेंड के लिए दिखाई देते हैं दोस्तों आप इसे इत्तेफाक समझे या भगवान का चमत्कार यह आप ही जानेंगे किंतु साइना के सभी भक्त तो इस विडियो को देखकर इसे केवल साईं नाथ का चमत्कार मानते हैं क्योंकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह बिल्कुल कि मुमकिन नहीं हैं कि कभी बिजली भी खूब बहु साईं बाबा की आकृति कैसे बना सकती है,



न से देखा होगा कि जब बिजली या आसमान में कड़कती है कब वह एकदम टेढ़ी-मेढ़ी आकृति लेने लग जाती है लेकिन आखिर कैसे संभव है कि आखिर पूरी बिजली सुबाहु साईं बाबा की जैसे आकृति बना डाले वीडियो में साफ-साफ हमें दिखाई दे रहा है कैसे स्वयं साइना बैठी हुई मुद्रा में आपको दिख रहे होंगे वह तो मैं यह आशा करता हूं कि इस वीडियो को देखने के बाद साईं बाबा की शक्तियों पर यकीन हो चुका होगा आप इस वीडियो के बारे में क्या सोचते हैं यह भी आप कमेंट बॉक्स में अवश्य लिखिएगा ,

वैसे किसी ने सच ही कहा है कि कण-कण में साईं बाबा आपका ही निवास है हर भक्त के लिए आप और आप हर भक्त के लिए हाथ है ,

दोस्तों आपको अगर यह वीडियो अच्छी लगी हो तो इस वीडियो को लाइक एंड शेयर अवश्य कीजियेगा,

 हम मिलते हैं एक और नहीं खास वीडियो के साथ तब तक के लिए दिल से कहिए

 जय साईनाथ

सोमवार, 20 जनवरी 2020

साईं वाणी भाग 6 भ्रम निवारण Sai Vani Part 6 Confusion prevention

                                              नीच संग सब जानिए , सुनी लखि तुलसीदास,|
                                             ढील देत भुई गिरी परत,खेचत चढ़त अकाश ||

साईं बाबा ने कहा था किसी व्यक्ति के विषय में भ्रम निवारण करना हो, तो जो व्यक्ति आपसे दूसरों की रहस्य की बातें कहता है ,उसको कभी अपना भी रहस्य बता कर देखो, और उससे कहो कि किसी को कहे, नहीं संभव हो सकता है, वह एक दूसरे के रहस्य ही कहता घूमता हो, किसी का उपकार करके तो देखिए कि वह कृतघ रहता  है या कृतघन हो जाता है, किसी की गलतियां पकड़ कर देखिए कि वह सच्चे आदमी की तरह अपनी गलती मानता है या बातों से उसे ढकने की चेष्टा करता है, या अपनी गलती के कारण आपको अपना शत्रु तो नहीं मानता इन प्रयोगों से आप बहुतों के संबंध में भ्रम निवारण कर सकते हैं,
                                                            जय साईं राम
साईं बाबा आपका भला क'रें साईं की यह वाड़ी ने आपके दिल को छुआ हो तो इस ब्लॉगर को फॉलो जरूर करें और साईं जीवन माला यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें '
                                                                  ओम साईं राम



Know all with low, Suni Lakhis Tulsidas |
                                             Dheel dhat bhui giri layer, khechat chhatat akash ||



Sayin Baba said that if you want to eliminate confusion about a person, then the person who tells you the secrets of others, never tell him your secret, and tell him to tell someone, it is not possible, He goes around telling each other's secrets, seeing someone's gratitude, see if he is ungrateful or ungrateful, catch someone's mistakes and see if he believes his mistake like a true man or by talking He tries to cover it, or does not consider you his enemy due to his mistake, these experiments can help you in confusing many,

                                                            Jai sai ram

Say goodbye to Sai Baba, if this Wadi of Sai has touched your heart, then follow this blogger and subscribe to Sai Jeevan Mala YouTube channel.

                                                                  Om Sai Ram

मंगलवार, 6 फ़रवरी 2018

Sai Baba of Shirdi has given 11 Vachans

Sai Baba of Shirdi has given 11 Vachans or promises or assurances to his devotees.
 1.Whoever steps on the soil of Shirdi will cease to suffer.

2.Who so ever climbs the steps of my Samadhi,will loose all his sorrows.

3.Even as I shed this body,I will always be there for the devotee.

4.My Samadhi will answer your prayers,have faith in me.

5.I will always be immortal for you.

6.Those who surrender to me,will evolve and progress.      
            
7.Those who see me with love,so also will I see them

8.I will carry your burden,this is my promise to you.

9. Those who seek my help,I will help them.

10.Whoever becomes one with me,I will forever be indebted to him.

11.Whoever takes my name will receive my grace.






Contact with Other Saints

Contact with Other Saints

Sai Baba began to stay in a deserted Masjid. One Saint named Devidas was living in Shirdi many years before Baba came there. Baba liked his company. He stayed with him in the Maruti temple, in the Chavadi, and some time lived alone. Then came another Saint by name


Jankidas. Baba spent most of His time in talking with him, or Jankidas went to Baba’s residence. So also one Vaishya householder Saint, from Puntambe by name Gangagir always frequented Shirdi. When he first saw Sai Baba, carrying pitchers of water in both hands, for watering the garden, he was amazed and said openly, "Blessed is Shirdi, that it got this precious Jewel. This man is carrying water today; but He is not an ordinary fellow. As this land (Shirdi) was


lucky and meritorious, it secured this Jewel." So also one famous Saint by name Anandnath of Yewala Math, a disciple of Akkalkot Maharaj came to Shirdi with some Shirdi people. When he saw Sai Baba, he said openly, "This is a precious Diamond in reality. Though he looks like an ordinary man, he is not a ‘gar’ (ordinary stone) but a Diamond. You will realize this in the near future." Saying this he returned to Yewala. This was said while Sai Baba was a youngster.

How the Fakir Got the Name ''Sai'':

How the Fakir Got the Name ''Sai'':

When the marriage - party came to Shirdi, it alighted at the foot of a Banyan tree in Bhagat Mhalsapati’s field near Khandoba’s temple

. The carts were loosened in the open courtyard of Khandoba’s temple. The carts were loosened in the open courtyard of Khandoba’s temple, and the members of the party descended one by one, and the Fakir also got down. Bhagat Mhalsapati



 saw the young Fakir getting down and accosted Him "YA SAI" (Welcome Sai). Others also addressed Him as Sai and thenceforth he became known as Sai Baba.
OM SAI ram
Sai BaBa bless you and your family
Om Sai Ram

सोमवार, 29 जनवरी 2018

एक मुहीम जरूरत मंदो के लिए 40 साल से  चला रहा है साई बाबा सेवा आश्रम 


                               

करगी रोड कोटा --श्री   साई बाबा सेवा आश्रम १९७२ से स्थापित रजि न ११०२५ संस्था   विगत ४०  वर्षों से  शिरर्डी   के साई बाबा के आदर्शो का पालन करते हुए हर गुरुवार और समय समय पर गरीबो को भोजन और जरूरत के कपड़े व शिक्षा की सामग्री बॉंट रही है ,,
आज से   45    साल पहले करगी रोड  कोटा क्षेत्र के युवा कैलाशचंद्र गुप्ता जी के बड़े भाई स्वगीर्य  गंगा प्रसाद गुप्ता पिता स्वर्गीय श्री बद्री प्रसाद गुप्ता जी (पूर्व अध्यछ साई बाबा आश्रम } को शिरडी के साई बाबा ने स्वपन दिया की गरीबो और जरूरत मंदो की सेवा के लिए एक सेवा केंद्र बनाओ,
उन्होंने इस स्वपन को घर में सभी को बताया और २१ वर्ष की आयु में गंगा प्रसाद गुप्ता जी का   देहांत हो गया ,उनके बताये हुए स्वपन को साकार करने के लिए उनके छोटे भाई ने प्रण लिया और
साई बाबा सेवा आश्रम नाम की एक हु ब हु शिरडी धाम की स्थापना की , जहाँ पर सभी  साई भक्तो के सहयोग  शिरडी का स्वरूप बनाया जा रहा  है ,
इस धाम में हर साल रामनवमी पर्व पर  विशाल भंडारे का आयोजन और भव्य पालकी सोभा यात्रा भी निकली जाती हे तथा गुरुपूर्णिमा ,विजयदशमी पर साई बाबा की पुण्य तिथि महोत्स्व  और सभी पर्वो में धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होता रहता है ,
हर गुरुवार को साई बाबा के आदर्शो का पालन करते हुए गरीब बच्चो को भोजन भी कराया जाता हे ,
 रामचंद्र गुप्ता सह सचिव श्री साई बाबा सेवा आश्रम के सदस्य  ने कर्तव्य नाम से टीम  बनाकर आदिवासियों को गर्म कपड़े बांटने की शुरुआत की ,इन युवाओं को ठंड में आदिवासियों की मौत की खबर उन्हें झ्हकझोड़  कर रख दिया था,इन लोगों ने सोचा लोगों के अनुपयोगी गर्म कपड़े को लेकर उन्हें साफ कर  बांटने की पहल की जाए इन लोगो की इस मुहीम के लिये स्थानीय श्री साई बाबा सेवा आश्रम में कपड़े रखने का केंद्र बनाया गया।  पहली बार में ही इतने कपड़े मिल गए कि गांव में बांटने के लिए उन्हें एक गाड़ी करनी पड़ी टीम के सदस्य कपड़े बांटने से पहले उस क्षेत्र में पहले सूचना प्रसारित कर आते हैं ,टीम में शामिल युवा नौकरी व व्यापर  से जुड़े हुए हैं अपने कामों से अलग इस अभियान के लिए समय निकाल लेते हैं,

 इसी पहल में इस वर्ष  कर्तव्य की टीम ने कोटा रेल्वे स्टेशन व   बिलासपुर जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व एरिया के ग्राम - शिवलखार , सरई ताल, ग्राम पंचायत बड़ी करगी के  नकटा बाँधा में  जाकर बैगा आदिवासियों को गर्म कपड़े व खाई खजाना   बांटा गया ,

इससे पहले जुलाई में गरीब बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाई होती है उन्हें पढ़ाई करने के लिए आवश्यक सामग्री चाहिए होती है, जिन सरकारी स्कूलों के बच्चों को आर्थिक तंगी की वजह से शिक्षा सामग्री उपलब्ध नहीं हो पाती नहीं हो पाती  ऐसे  गरीब बच्चों को सहयोग प्रदान किया गया था
साई बाबा सेवा आश्रम के विकास और निर्माण में सहयोग देने वाले सभी साई भक्तो का श्री कैलाशचंद्र गुप्ता संचालक एवं मुख्य पुजारी श्री साई बाबा सेवा आश्रम जी ने साधुवाद दिया और आशा किया जाता हे इस धाम के विकास में आप सभी का सहयोग आगे भी जारी रहेगा
,

साई बाबा सेवा आश्रम 
                  

मंगलवार, 9 जनवरी 2018

Sai Baba of Shirdi has given 11 Vachans or promises or assurances to his devotees


          ||Sabka Malik Ek||\

         ||Shraddha Saburi|

       बाबा जी के 11 वचन
   
 ॐ साईं राम

1. जो शिरडी में आएगा, आपद दूर भगाएगा

2. चढ़े समाधी की सीढी पर, पैर तले दुःख
की पीढ़ी कर

3. त्याग शरीर चला जाऊंगा, भक्त हेतु
दौडा आऊंगा

4. मन में रखना द्रढ विश्वास, करे
समाधी पूरी आस

5. मुझे सदा ही जीवत जानो, अनुभव
करो सत्य पहचानो

6. मेरी शरण आ खाली जाए, हो कोई
तो मुझे बताए

7. जैसा भाव रहे जिस जन का, वैसा रूप हुआ
मेरे मनका

8. भार तुम्हारा मुझ पर होगा, वचन न
मेरा झूठा होगा

9. आ सहायता लो भरपूर,
जो माँगा वो नही है दूर

10. मुझ में लीन वचन मन काया, उसका ऋण
न कभी चुकाया

11. धन्य-धन्य व भक्त अनन्य, मेरी शरण तज जिसे न अन्य






....श्री सच्चिदानंद सदगुरू साईनाथ
महाराज की जय...

क्या आप भी साई बाबा पर विश्वास करते हैं



               
रात के ढाई बजे था, एक सेठ को नींद नहीं आ रही थी,वह घर में चक्कर पर चक्कर लगाये जा रहा था।
पर चैन नहीं पड़ रहा था ।



         
आखिर  थक कर नीचे उतर आया और कार निकाली, शहर की सड़कों पर निकल गया। रास्ते में एक साई  मंदिर दिखा सोचा थोड़ी देर इस मंदिर में जाकर साई बाबा  के पास बैठता हूँ।
प्रार्थना करता हूं तो शायद शांति मिल जाये।
    
वह सेठ मंदिर के अंदर गया तो देखा, एक दूसरा आदमी पहले से ही साई बाबा  की मूर्ति के सामने बैठा था, मगर उसका उदास चेहरा, आंखों में करूणा दर्श रही थी।

                

सेठ ने पूछा " क्यों भाई इतनी रात को मन्दिर में क्या कर रहे हो ?"

आदमी ने कहा " मेरी पत्नी अस्पताल में है, सुबह यदि उसका आपरेशन नहीं हुआ तो वह मर जायेगी और मेरे पास आपरेशन के लिए पैसा नहीं है "

उसकी बात सुनकर सेठ ने जेब में जितने रूपए थे  वह उस आदमी को दे दिए। अब गरीब आदमी के चेहरे पर चमक आ गईं।

सेठ ने अपना कार्ड दिया और कहा इसमें फोन नम्बर और पता भी है और जरूरत हो तो निसंकोच बताना।

                   

उस गरीब आदमी ने कार्ड वापिस दे दिया और कहा"मेरे पास उसका पता है " इस पते की जरूरत नहीं है सेठजी !

आश्चर्य से सेठ ने कहा "किसका पता है भाई उस गरीब आदमी ने कहा "जिसने रात को ढाई बजे आपको यहां भेजा उसका।"

इतने अटूट विश्वास से सारे कार्य पूर्ण हो जाते है।

               

अगर आप बाबा को मानते हैं बाबा पर पूर्ण विश्वास करते हैं,
 तो अपने श्रद्धा और सबुरी  को बनाए रखें,
 बाबा एक न एक दिन आपके सारे कष्टों को दूर करेंगे. और आपको इस भवसागर  से पार उतारेंगे.  बाबा पर पूर्ण विश्वास करे. बाबा ने कहा था श्रद्धा और सबूरी के साथ आप अपना हर काम को करें. और मुझे अपने समीप ही माने इन्हीं वचनों के साथ बाबा ने भक्तों को कहा है श्रद्धा और सबूरी में भी आपका विश्वास डगमगाने ना पाए

                       
जो जन शिरडी में आएगा आपद दूर भगाएगा साईनाथ महाराज की जय

शनिवार, 6 जनवरी 2018

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शिरडी आने पर श्री साईं बाबा मस्जिद में निवास करने लगे बाबा के शिरडी में आने के पूर्व देवीदास नाम के एक सन्त अनेक वर्षों से वहाँ रहते थे। बाबा को वे बहुत प्रिय थे। वे उनके साथ कभी हनुमान मंदिर में और कभी चावड़ी में रहते थे। कुछ समय के पश्चात जानकीदास नाम के एक सन्त का भी शिरडी में आगमन हुआ।

अब बाबा जानकीदास से वार्तालाप करने में अपने बहुत-सा समय व्यतीत करने लगे। जानकीदास भी कभी बाबा के स्थान आया करते थे और पुणाताम्बे की श्री गंगागीर नामक एक पारिवारिक वैश्य संत भी बहुधा बाबा के पास आया - जाया करते थे। जब प्रथम उन्होंने श्री साईं बाबा को बगीचा सिंचन केलिए पानी धोते देखा तो उन्हें बड़ा अचम्भा हुआ। वे स्पष्ट शब्दों में कहने लगे कि - " शिरडी परम भाग्यशालीनी है , जहाँ एक अमूल्य हीरा है। जिन्हें तुम इस प्रकार परिश्रम करते हुए देख रहे हो, वे कोई सामान्य पुरुष नहीं है।

अपितु यह भूमि बहुत भाग्यशालीनी तथा महान पुण्य भूमि है , ईसिस कारण से यह रत्न प्राप्त हुआ है।" इसी प्रकार श्री अक्कलकोट महाराज के एक प्रसिद्द शिष्य संत आनन्द नाथ (येवलामठ) जो कोई शिरडी निवासियों के साथ शिरडी पधारे , उन्होंने भी स्पष्ट कहा है कि "यद्यपि बाह्रादृष्टि से ये साधारण व्यक्ति जैसे प्रतीत होते हैं , परन्तु ये सचमुच असाधारण व्यक्ति है। इसका तुम लोग को भविष्य में अनुभव होगा।" ऐसा कहकर ये येवला को लौट गए। यह उस समय की बात है , जब शिरडी बहुत ही साधारण-सा गाँव था और साईं बाबा बहुत छोटी उम्र के थे।



शुक्रवार, 5 जनवरी 2018

फ़क़ीर को "साईं" नाम कैसे प्राप्त हुआ?







फ़क़ीर को "साईं" नाम कैसे प्राप्त हुआ?

जब बारात शिरडी में पहुँची तो खंडोबा के मंदिर के समीप म्हालसापति के खेत में, तब बारात को एक वृक्ष के नीचे ठहराई गई। खंडोबा जी के मंदिर के सामने ही सब बैलगाड़ियाँ खोल दीं गई और बरात के सभी बाराती गण एक-एक करके सब लोग एक-एक करके नीचे उतरने लगे। 
उस रूपवान  और सूर्य के प्रकाश के जैसे तेजस्वी  चेहरे वाले तरुण फ़क़ीर को उतरते देखकर , म्हालसापति ने "आओ साईं " आओ साईं आओ साईं(मराठी में " या साईं !') कहकर उनका अभिनन्दन किया तथा अन्य उपस्थित लोगों ने भी साईं नाम के जयकारे के साथ उस रूपवान तरुण फकीर को साईं नाम   ' शब्द से ही सम्बोधन कर उनका आदर किया। इसके पश्चात वे 'साईं ' नाम से ही प्रसिद्द हो गए।

तबसे
साईं बाबा का साईं नाम बहुत ही पतित और पावन है,  जो भी भक्त श्रद्धा से बाबा को पुकारता है  साईं दौड़े दौड़े चले आते हैं.  आप भी सुबह शाम हर पल साईं नाम का स्मरण जरूर करें,
बाबा आपकी हर मनोकामना पूर्ण करेंगे.  यह हमारा अटूट विश्वास है इन्हीं आशाओं के साथ आप सभी को ओम साईं राम बाबा की कृपा आप सभी पर बनी रहे.

        राम गुप्ता (लवलेश)
सह सचिव श्री साई बाबा सेवा आश्रम
करगी रोड कोटा जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़
 स्थापित 1972 रजि नं 11025
सम्पर्क सूत्र-8602160984
                 9893744778

आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद जो आपने बाबा की लीलाओं को पूरा पढा।
साई बाबा आप सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें


पूजा करते समय यह चीज गिर जाए तो समझो साक्षात साईं भगवान खड़े हैं पास विशेष संकेत

 जय साईं राम स्वागत है आप सभी का आपके अपने चैनल पर तो जैसा कि आप सभी जानते हैं कि हम सभी बाबा को प्रतिमा पर मूर्ति पर माला चढ़ाते हैं घर की ...