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शुक्रवार, 28 जनवरी 2022

पूजा करते समय यह चीज गिर जाए तो समझो साक्षात साईं भगवान खड़े हैं पास विशेष संकेत

 जय साईं राम स्वागत है आप सभी का आपके अपने चैनल पर तो जैसा कि आप सभी जानते हैं कि हम सभी बाबा को प्रतिमा पर मूर्ति पर माला चढ़ाते हैं घर की पूजा में भगवान को माला चढाते हैं फूल चढ़ाते हैं और धोखे से जब वह माला गिर जाता है तो हम चिंतित हो जाते हैं कि आखिर ऐसा क्यों हुआ क्या है इसका संकेत क्या कहीं भगवान् हमसे नाराज हैं या बाबा हमसे गुस्सा है या कुछ और तरह-तरह के खेल हमारे दिल में दिमाग में चलते रहते हैं कि आखिर इसका क्या वजह हो सकता है कि जिसके कारण यह मसाला हमारा चढ़ाया हुआ जो गिर गया इन्हीं बातों को लेकर बाबा के एक भक्त ने आज कमेंट किया है जिनका नाम है कि आखिर सिंह जिन्होंने कमेंट किया है कि हम 9 गुरूवार से साईं बाबा का व्रत मन्नत मांगे हैं और मेरे पास गुरुवार का व्रत हुआ है इन पांच गुरुवार में जब हम पूजा करने बैठते हैं और जब व्रत करना प्रारंभ करते हैं तो हर गुरुवार को साईं बाबा के फोटो से चढ़ा हुआ माला गिर जाता है इसका क्या संकेत है तो देखिए मैं आपको बताना चाहूंगा कि बाबा या भगवान जिसके लिए पूजा करते व्रत करते हैं व्रत के दौरान पूजा के दौरान अगर आपके द्वारा चढ़ा वर्क फूल माला अगर गिरता है तो इसका यह संकेत है कि एक सकती जिस शक्ति के पूजा कर रहे हैं जो बारिश से आप अवश्य करें बाबा वह आपके आसपास है और आपकी प्रार्थना सुन रहे हैं आपकी मनोकामना सुन रहे हैं और आपके ऊपर अपनी अपार कृपा बनाए रखे हुए हैं इस कारण इसके यही संकेत है कि बाबा आपसे पसंद है और आपकी मनोकामना बहुत जल्द पूरी होने वाली है हम जब भी मंदिर में भी जाते हैं जब माता के कि है तो अचानक प्रतिमा से माला फूल गिर जाता है हमारे ऊपर गिर जाता है यह हमारे क्वालिटी गिर जाता है इससे यही संकेत है कि भगवान आपकी भक्ति से प्रसन्न है और आपकी अपनी अपार कृपा करने वाले हैं तो आप सभी को यह जानकारी अच्छी लगी हो तो आप वीडियो को लाइक करें चैनल पर नए सब्सक्राइब करें और बैल आइकॉन ऑपरेशन जरूर करें हम मिलेंगे अगली बार एक नई वीडियो के साथ तब तक के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद ओम साईं

गुरुवार, 6 जनवरी 2022

Sai himself came to return the lost purse of a devotee going to shirdi, then everyone including the bus driver were stunned.

 When the lost purse of his devotees returned during the Shirdi yatra, they themselves went to Shirdi after seeing Sai Nath, everyone's senses were blown away Hello friends, all of you are warmly welcome to our YouTube channel, friends, you believe in Sai Baba or not, but Sai We keep seeing and hearing the miracle of

Those who have shared their experience with us, so let's know friends, what happened on this day that the flood of MCD had to come to their devotees or if it happened to return, then let's know the story of Anju Sharma, her friends, my name is Anju Sharma. By the way, I fast on every Thursday of Sai Baba that I believe in Sai Baba wholeheartedly, I am an exclusive devotee of Sai Baba. about 2018 as far as i remember
It was the month of April. I was going to Shirdi to travel by bus because I used to worship Sai selflessly. Baba had infinite grace on me. Sai never let me down when I left for Shirdi by bus. Yes, suddenly a big shark person came and started begging from him, I saw that no one is giving him and he was very helpless and disappointed that the condition was not seen from me, I immediately took out fifty rupees and started fast, everything is going well. Had been
Suddenly I fell asleep when I woke up, I saw that my mobile offers were not at my place, I was very cheap after seeing this, I started remembering Baba and started saying that I do not even have any money and everything Money is also there, my atm card was also in it.
So I came in front of Baba, I said that I always feed the poor and help the needy, I am no one in this world, my father, remove my sorrows, I have come back saying that I have come to the bus. I had made a reservation for both of them to go, due to which I had no problem in coming home, I had spent some time at home that I was sleeping disappointedly on the terrace, then suddenly I saw that the person to whom I had given ₹ 50 was The wind felt outside my house that I was on the terrace and as soon as I reached I saw that
There was no one there, I asked the worker from my home, then came to know that yes had come here, he said that in this committee of the house, I sat and narrated the whole thing to the worker in detail, she was also surprised to hear that too. I started telling me that Baba himself had come, you have seen your lost labor approach, you have seen that there is power in real devotion, whenever you call on Sainath with a sincere heart, Sai Baba comes running in some form or the other, just our devotion. the power must be unwavering towards them

बुधवार, 5 जनवरी 2022

Everyone was stunned to see Shiva incarnated in the river Ganges to save the life of his devotee #shiv #ganga

 What happened when Mahadev himself reached to save the life of the devotee while bathing in the Ganges 'Then seeing what happened, everyone's hair stood up.


 Har Har Mahadev Hello friends, a warm welcome to all of you in our YouTube channel. If any devotee sincerely believes in Mahadev. So Mahadev does not let his faith break, such a true incident happened with Kamlesh ji and his mother living in Charani village of Rajasthan. By the way, Kamlesh ji is a great devotee of Mahadev.
But when Kamlesh ji takes a dip in the river Ganges, suddenly the flow of water becomes very fast there, and Mahesh ji starts drowning in that, Mahesh ji's old mother gets very worried seeing this, quickly By running, his old mother starts asking people for help. Now Kamlesh ji's condition starts deteriorating very much. He suddenly starts swimming in the flow of water. But it is said that no devotees, if you have Mahadev's hand on you, then also Kaal. Nothing can harm you.
Then suddenly Kamlesh ji gets the hand of a sage there, Kamlesh ji reaches the shore holding that sage's hand, but when he comes to his senses, then when he sees there, the sadhus disappear there Kamlesh. Ji and his old mother understand that this is not protected by anyone else but Mahadev himself, friends, Mahadev definitely protects his devotees, just our faith and devotion should be true towards him, hope today's video
If you liked today's video, if you liked it, then please like share and subscribe the video,

 See you next time with a special video thank you very much

जब चुड़ैल से अपने भक्त की जान बचाने आए साईं बाबा,फिर जो हुआ देखकर उड़ गए गए सभी के होश #sai #truesto

 चुड़ैल की काली शक्तियों से अपने भक्तों की जान बचाने आए .साईं बाबा और फिर जो हुआ था'सभी लोगों के रोंगटे खड़े हो गए राजस्थान के अनूपशहर में त्रिमूर्ति नाम का एक बहुत ही बड़ा व्यापारी रहा करता था, जो कि अपने मेहनत और लगन के कारण ही इतना बड़ा व्यापारी बन पाया था, वह बहुत ही ईमानदार और सज्जन स्वभाव का व्यक्ति था वह अक्सर गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता किया करते थे साथ ही त्रिमूर्ति जी साईं बाबा के असीम भक्त थे और वह प्रतिदिन साईं बाबा की सच्ची श्रद्धा के साथ आस्था भाव के साथ पूजा किया करते थे.

 आसपास के लोगों में इनकी अच्छे व्यवहार के कारण त्रिमूर्ति जी का बहुत ही ज्यादा आदर-सम्मान था त्रिमूर्ति जी अच्छे कामों में बहुत ही बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया करते थे सब कुछ सुखमय रूप से व्यतीत हो रहा था परंतु त्रिमूर्ति जी को इस बात का थोड़ा भी अनुमान नहीं था कि आगे बहुत ही बड़ा संकट आने वाला है जब एक दिन त्रिमूर्ति जी अपना दुकान बंद करने के बाद घर जा रहे थे फिर जो उनके साथ ऐसी घटना थी कि उसे देखने और सुनने वाले सभी हैरान हो गए मूर्ति जी पैदल ही अपने घर की ओर बढ़ रहे थे 

अंदर ही चलते चलते वह सुनसान रास्ते में जा पहुंचे जहां बहुत ही अंधेरे के बीच उन्हें एक मोमबत्ती जलती वह बुझती हुई दिखाई दे रही थी उन्होंने उस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और वह अपने मन से आगे बढ़ता रहा तभी उन्हें महसूस हुआ कि पीछे से उन्हें कोई बहुत ही तेज धक्का मारा जिसके कारण वह तुरंत ही जमीन पर गिर गए और तुरंत ही उसके पैर में मोच आ गई और फिर उन्होंने देखा कि उन्हें एक अदृश्य शक्ति वड़ा होने से रोक रही है परंतु त्रिमूर्ति जी को वहां पर कोई भी दिखाई नहीं दे रहा था उन्हें बिल्कुल भी समझ नहीं आ रहा था;

 कि आखिर यह हो क्या रहा है और तभी अचानक त्रिमूर्ति जी को चार रखी महसूस होने लगा कि कोई उनके मुंह को दबाकर उनकी सांसे को बंद कर रहा है उसको इतने कठिन जगह में पागल त्रिमूर्ति जी ने साईं बाबा को आंखें बंद कर याद की और जैसे ही उनकी आंखें खुली का भी उसे अंधेरे से भरी सड़क पर मोमबत्ती के उजाले में एक विशाल था या नजर आई थिंक विशाल शरीर और हाथ में चिंता है और देखते ही देखते अब त्रिमूर्ति जी का झगड़ा हुआ शरीर अचानक से शांत हो गया कुछ ही पल हुए कि वह परछाई भी गायब हो गई त्रिमूर्ति जी तुरंत ही समझ गया कि आज साहिबा नहीं मेरे प्राणों की रक्षा की है उसने तुरंत जब अपने घर पहुंच कर यह सभी बात अपने घरवालों को बताया तो यह सुनने के बाद सभी के होश उड़ गए 

उसी दिन से साईं बाबा को लेकर त्रिमूर्ति जी की आस्था और भी दृढ़ हो गई वीडियो अच्छी लगी होगी तो वीडियो को लाइक शेयर एंड सब्सक्राइब जरुर कीजिएगा बहुत-बहुत धन्यवाद

When Sai Baba came to save the life of his devotee from the witch, then everyone's senses were blown away after seeing what happened #sai #truesto

 Sai Baba came to save the lives of his devotees from the witch's black powers. This was the reason why he was able to become such a big businessman, he was a very honest and gentle person, he often used to help poor and needy people as well as Trimurti ji was an infinite devotee of Sai Baba and he was devoted to Sai Baba every day with true devotion. Used to worship with faith.

Trimurti ji had a lot of respect because of his good behavior among the people around him. There was no estimation that there was going to be a big crisis ahead when one day Trimurti ji was going home after closing his shop, then what happened to him was such an incident that all those who saw and heard him were astonished. headed home
While walking inside, he reached a deserted path where he could see a candle burning in the midst of very dark, he did not pay much attention to him and he kept on moving forward with his mind only then he realized that he was coming from behind. Someone hit very hard due to which he immediately fell on the ground and immediately he sprained his leg and then he saw that an invisible force was stopping him from having the vada.
But Trimurti ji could not see anyone there, he could not understand at all;

 That's what is happening after all and then suddenly Trimurti ji started to feel that someone was closing his breath by pressing his mouth. He opened his eyes to see him in a light of candle on the road full of darkness.
It was huge or was seen, there is a huge body and there is worry in the hand, and on seeing it, now Trimurti ji's quarreled body suddenly became calm, it took a few moments that even that shadow disappeared, Trimurti ji immediately understood that today is not Sahiba. Has saved my life, when he immediately reached his home and told all this to his family members, everyone's senses were blown away after hearing this.
From that day onwards, Trimurti ji's faith in Sai Baba became even stronger, if you liked the video, then please like share and subscribe the video, thank you very much.

शनिवार, 16 अक्टूबर 2021

जब अपने भक्त को बचाने खुद साईं बाबा दौड़े चले आए फिर जो चमत्कार हुआ उसे देखकर लोगों के होश उड़ गए

 क्या हुआ जब बाढ़ में फंसे भक्तों को बचाने स्वयं साइन आपको आना पड़ा और फिर जो चमत्कार हुआ उसे देखकर सभी लोग हैरान हो गए ओम साईं राम दोस्तों नमस्कार हमारे YouTube चैनल में आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है दोस्तों आज हम आपको कंगना ठाकुर के साथ हुए आईनाथ की ऐसी सच्ची घटना सुनाने जा रहे हैं जिसे सुनकर आपके भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे इसे सुनकर आपके पैरों तले ज़मीन खिसक जाएगी दरअसल दोस्तों हम बात कर रहे हैं बाल घाटी में रहने वाली कंगना ठाकुर की जिन्होंने हमारे साथ ही बाबा की एक ऐसी सच्ची घटना शेयर की है और बताया है कि कैसे स्वयं ही बाबा ने बाढ़ के दौरान उनके प्राणों की रक्षा की दोस्तों कंगना ठाकुर बताती है कि वह साईं बाबा को दिल से मानती है और निस्वार्थ होकर उनकी पूजा पाठ भी जिया करती है वह कहती है शायद मेरी भक्ति से प्रसन्न होकर बहुत के मुझसे आकर स्वयं साईनाथ ने मेरे प्राणों की रक्षा की थी हेलो दोस्तों इस बात में आज भी कोई दो राय नहीं है जो भक्त सच्ची श्रद्धा से साईं बाबा को याद करता है तो अवश्य ही साईंनाथ उनकी मुराद सुनकर किसी ना किसी रूप में दौड़े चले आते हैं तो आइए दोस्तों जानते हैं कि कैसे साईनाथ ने अपने भक्तों को बाहर निकालकर कंगना ठाकुर की रक्षा की दोस्तों बाल घाटी के छोटे से गांव में रहने वाली कंगना ठाकुर जी साईं बाबा के एक अनन्य भक्त थी वह हर रोज सुबह उठकर कायनात के मूर्ति में दूध अर्पण किया करती थी उसके बाद ही वह अपने दिनचर्या के कामों को शुरू किया करती थी गांव वाले भी कंगना की भक्ति को देखकर बहुत ही खुश रहते थे बात उस समय की है जब बाल घाटी के मौसम बिल्कुल खराब हो चुका था बिल्कुल सुबह से ही बहुत बारिश हो रही थी कहना जी बताती हैं यह वह बारिश होते हुए भी साईं बाबा को दूध अर्पण करने मंदिर चले जाती है घरवालों के बहुत समझाने के बाद भी कंगना मानती और साईं बाबा के मंदिर चली जाती है कंगना जी बताती है कि शायद साईं बाबा उनकी परीक्षा लेना चाह रहे थे इसीलिए उन्होंने हार नहीं मानी और तेज बारिश में भी मंदिर के तरफ निकल गई जैसे ही कंगना आगे बढ़ने को निकली अ चाहत स्वरों से बारिश होने लगी आसमान में बहुत जोरों शोरों से बिजली कड़कने लगी थी मानो जैसे कोई बादल फटने वाले हैं ऐसे मौसम को देखकर कंगना जी साईं बाबा का नाम लेते हुए मंदिर के तरफ निकल रही थी जैसे ही वह आगे बढ़ी रही थी लोग कहना ने देखा वहां के नदी पर बहुत तेज तूफान पैदा हो रही है उन्होने देखा आदि में तेज पानी के लहरें उत्पन्न हो रही है जो लगातार बहुत तेजी से उनकी तरफ बढ़ रही है लेकिन कंगना जी फिर भी नही रुकी और साईं बाबा का नाम लेते हुए वह आगे बढ़ने लग जाती है तब यह बहुत ही भयानक पानी की लहर कंगना से टकराती है और जिसके कारण कंगना पानी में डूबने लग जाती है एक पल लिए कंगना को लगता है कि शायद उनका आखिरी समय आ चुका है लेकिन कंगना अपने परिवार को ना याद करते हुए सच्चे मन से साईं नाथ का चालीसा पढ़ने लग जाती है पानी में सांस ना लेने की वजह से अंगना बेहोश हो जाती है तभी कंगना को ऐसा सपना देखता है जिसे देखकर वह फूट-फूट कर रोने लग जाती है व्युत्क्रम है वह साक्षात साईं बाबा के सामने खड़ी हुई थी साईं बाबा उससे पूछते हैं लिए प्रिय भक्त जब तुम्हें पता था कि तुम्हारा आखरी समय आ चुका है फिर भी तुम्हारे मुख पर केवल मेरा ही नाम क्यों था तो कंगना कहने लग जाती है यह साईनाथ मैंने बचपन से यह और केवल आपको ही पूजा है मैं जानती थी कि मैं अपने जीवन में अगर इसी तरीके से सच्ची श्रद्धा भाव से पूजा-पाठ आपके प्रति करते रहूंगी तो आप एक ना एक दिन मुझे दर्शन जरूर देंगे और मेरा जीवन हमेशा के लिए सफल हो जाएगा साहिबा मंद-मंद मुस्काते हैं और कंगना से कहने लग जाते हैं कि जब मृत्यु नजदीक कि दो बड़े से बड़ा भक्त भी केवल और केवल अपने परिवार को याद करता है उस माह को याद करता है जिसने उसे बचपन से पाला हो लेकिन तुम्हें देख कर आज मुझे यकीन हो गया कि मुझसे भी बड़ा कोई है वह लोग केवल मेरा भक्त ही है और तभी साईं बाबा अपना हाथ उठाते हैं और भक्तों के ऊपर रखते हैं और कहते हैं अस्तु और तभी अचानक कंगना की आंखें खुल जाती है और कंगना देखती है कि उनके नजदीक ही एक साधु बाबा गुज़रे हैं वह अपने आपको साईं बाबा के मंदिर में पाती है जहां पर साईं बाबा के मंदिर के पास ही एक सफेद पोशाक पहना हुआ एक साधु खड़ा हुआ था और कंगना उन्हें देखकर बहुत ही घबरा जाती है लेकिन वह पल भर में ही समझ जाती है यह कोई और नहीं बल्कि स्वयं साईं बाबा ही है जिन्होंने नदी में डूबने से इन के प्राणों की रक्षा की है और क्षण भर में ही उतर नहीं वे साधु बाबा कहां गायब हो जाते हैं

मंगलवार, 5 अक्टूबर 2021

नदी में डूब रहे इस भक्त की जान बचाने दौड़े चले आए साईं फिर जो हुआ उसे देखकर आप भी हैरान हो जाओगे

  जब कुआ मैं गिरा 5 साल का बच्चा, फिर साईं बाबा ने जो चमत्कार दिखाया, उसे देखकर सभी के होश उड़ गए नमस्कार दोस्तों आप सभी का स्वागत है,

 आपके अपने YouTube चैनल में,

 आंध्र प्रदेश के एक गांव में छोटू नाम का एक लड़का रहता था, बचपन में ही उसके माता-पिता ने उसे मंदिर के सीढ़ी में छोड़ दिया था, क्योंकि वह उसका लालन पालन करने में असमर्थ थे, मंदिर के पुजारी ने उस बच्चे को मंदिर के सीढ़ी से उठा लिया और खुद ही उसका लालन-पालन करने लगा. पंडित जी का स्वयं का खुद संतान नहीं था. इस लिए वह उस छोटू को अपने बच्चे के रूप में देखने लगे छोटू जैसे-जैसे बड़ा हुआ. उस पंडित जी ने उसे साईं बाबा के अनेक किस्से और चमकदार सुनाया करते थे,

क्योंकि वह खुद साईं बाबा के मंदिर के ही पूजा रही थी. छोटू यह सभी कहानियां बड़े उत्साह पूर्वक होकर सुनता था.1 समय  छोटू की आस्था बड़ी प्रबल और दृढ़ हो गई वह नित्य नियम के अनुसार साईं बाबा की पूजा पाठ किया करता था और प्रत्येक गुरुवार को साईं बाबा का व्रत भी रहा करता था,

 कुछ ही वर्षों बाद  छोटू बड़ा होकर विश्वविद्यालय जाने लगा और खेल एक दिन ऐसा कुछ हुआ कि वह पंडित जी के समय सभी गांव वाले देख कर हैरान हो गए ;एक दिन की बात है छोटू विश्वविद्यालय के घर की ओर लौट रहा था तब राह में उसने देखा कि सड़क किनारे एक गहरा कुआं है; और वही पात में कुएं के तो पत्थरों के बीच एक छोटा सा कुत्ता का बच्चा फंसा हुआ है छोटू   यह सब देखकर उससे कि बच्चे की मदद करने के लिए आगे बढ़ा बड़ी मशक्कत के बाद छोटू ने उस कुत्ते के बच्चे को वहां से निकाल लिया परंतु पीछे होते हुए उसका पांव फिसल गया और छोटू खुद कुएं में जा गिरा वह डूबने लगा और उसने मदद के लिए लोगों को आवाज देना शुरू किया परंतु वहां पर कोई नहीं था, जो उसकी मदद के लिए आ होठों को मदद की आवाज लगाते हुए बहुत समय हो गया जब उसे कोई मार्ग समझ नहीं आया तब उसे याद आया कि मेरे पापा ने मुझे सिखाया था कि जब कोई साथ ना दे तो साईं बाबा को याद करो वह सहायता अवश्य ही करेंगे छोटू ने वैसा ही किया उसने साईं बाबा को याद करते हुए यह मदद की प्रार्थना की अभी कुछ ऐसा हुआ जिसे देख कर सभी लोग तंग हो गए वे के ऊपर रखी हुई रखती अचानक से नीचे आ गई छोटू ने रस्सी को भी झट से पकड़ लिया और रस्सी भी अब धीरे-धीरे ऊपर आने लगी कुछ ही समय मैच छोटू  आ गया और जब छोटू ने बाहर आकर देखा तो वहां पर कोई नहीं था ,उसे समझ नहीं आया कि यह व्यक्ति आखिर ऊपर खींच कौन रहा था' वह तो इस बात को सोचता हुआ मंदिर के पंडित जी के पास पहुंचा और अपनी आप बीती सभी उस पंडित जी को मतलब अपने पापा को बताया छोटू की बात सुनकर महंत जी पंडित जी भावविभोर हो गए और समझाया कि तुम्हारी सहायता किसी और ने नहीं की बल्कि स्वयं साईं बाबा ने की है यह बात पूरे गांव में फैल गई और चारों ओर साईं बाबा के चमत्कार और छोटू की आस्था और भक्ति की चर्चाएं होने लगी उस दिन से छोटू की आस्था साईं बाबा के प्रति और भी अधिक दृढ़ हो गई 

भक्तों अगर आपको साईं बाबा से जुड़ी यह सत्य घटना अच्छी लगी हो तो वीडियो को लाइक करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें और ज्यादा से ज्यादा शेयर भी करें 

मिलेंगे अगली बार  नई वीडियो के साथ तब तक के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2021

जब पागल बैल से अपने भक्त की जान बचाने साईं बाबा दौड़े चले आए , फिर जो हुआ हैरान कर देने वाला था

 हेलो दोस्तों आखिर इस दिन ऐसा क्या हुआ जब एक खतरनाक बैल से अपने भक्तों को बचाने स्वयं शिर्डी के साईं नाथ तोड़ लें फिर जो हुआ उसे देखकर वह भी हैरान हो गए नमस्कार दोस्तों हमारे YouTube चैनल में आप सभी का हार्दिक हार्दिक स्वागत है दोस्तों वैसे तो हम आप सभी को साईं बाबा के अनेक चमत्कार दिखाए सुना हैं पर इस वीडियो को देखकर आपके भी पैरों तले ज़मीन खिसक जाएगी तो दोस्तों इस वीडियो को शुरू से लेकर अंत तक जरुर देखिएगा इस वीडियो को देखने के बाद आप भी केवल यही कहेंगे इस यह भी भला मुमकिन है जी हां दोस्तों यह आज के समय में भी मुमकिन है वीडियो शुरू करने से पहले सच्ची श्रद्धा के साथ कमेंट बॉक्स में ओम साईं राम जरूर लिखिएगा इससे क्या है वीडियो के शुरूआती अच्छी होगी तो चलिए दोस्तों वीडियो शुरू करते हैं दोस्तों यह सच्ची घटना हमें भेज कि हरियाणा के फरीदाबाद में रहने वाले पुष्पेंद्र जी ने पुष्पेंद्र जी बताते हैं कि वह साईं बाबा का हर दिन पूजा भक्ति सच्चे मन से किया करते रहे हों कोई भी कार्य की शुरुआत करते तो सबसे पहले साईं बाबा की तस्वीर लगाकर सच्चे मन से अपनी आस्था व भक्ति के साथ साईं बाबा का पूजा करते उसके बाद ही वह कार्य प्रारंभ करते एक दिन की बात है जब उन्हें काम के सिलसिले में घर से बाहर जाना था वह कार में अपने काम के लिए निकल गए तभी अचानक एक बड़ा सा भयानक सब बैल उनकी तरफ वह बहुत तेजी से आते हुए देखा उससे अपनी और देखकर पुष्पेंद्र जी बहुत ही डर गए और अपनी कार तुरंत रोक दिए जब का रुक गई तभी उस खतरनाक बैल ने हमला करना चालू कर दिया वह उनके कार्य के चक्के को अपने सिंह से बहुत ही तेजी से झटके मार मार कर ऊपर उठाने लगा जिसे देखकर मैं काफी डर गए और बस फिर क्या था अपने मन साहिबा को सच्चे मन से याद करने लगे और कहने लगे कि हे साईं बाबा मेरे प्राणों की रक्षा करो फिर कुछ ऐसा चमत्कार हुआ जिसे अपनी आंखों से देखकर बहुत हैरान हो गए और उन्हें साईं बाबा के चमत्कारों में और भी अधिक आस्था बढ़ गई होता कुछ ऐसा है कि कुत्ता उनकी तरफ दौड़ते हुए आता है और बैल को भिगोकर भगा देता है और है तो लगा था यह बैल अब उन्हें जिंदा नहीं छोड़ेगा लेकिन पता नहीं कहां से उस सुनसान जगह में एक कुत्ता उनकी प्राणों की रक्षा करने आ जाता है उन यह सब केवल और केवल साईं बाबा का चमत्कार लगा और उसी दिन के बाद उनकी आस्था साईं बाबा के प्रति और भी कई गुना अधिक बढ़ गए दोस्तों आपको क्या लगता है यह स्वयं शिर्डी के साईं नाथ का चमत्कार था या फिर कुछ और नीचे हमें कमेंट करके जरूर बताइएगा अगर आपको वीडियो अच्छी लगी हो तो इस वीडियो को लाइक कीजिएगा शेयर कीजिए का यह and चैनल को सब्सक्राइब कीजिए झाल इसे होगा क्या हमारी सभी आने वाली लेटेस्ट वीडियो आपको सबसे पहले मिलेगी तो भक्तों मिलेंगे अगले वीडियो में तब तक के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

नागिन का गुस्सा जब कहर बनकर इस गांव के लोगों पर टूटा,तब साईं दौड़े चले आए #ichchadharinagin #nagin

 जब अपने भक्तों को सांप से बचाने साईं बाबा चले निरहुआ उसे देखकर आपके भी होश उड़ जाएंगे जय साईं राम दोस्तों कि नमस्कार दोस्तों हमारे YouTube चैनल साईं जीवन माला में आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है आज हम आपको साईं बाबा के चमत्कार की एक ऐसी सच्ची घटना सुनाने जा रहे हैं जिसे सुनने के बाद आप के भी रौंगटे खड़े हो जाएंगे और साईं बाबा के प्रति आपकी आस्था और विश्वास कई गुना अधिक बढ़ जाएगी दरअसल दोस्तों हम बात कर रहे हैं जबलपुर के रहने वाले विक्रम जी की जिन्होंने हमारे साथियों सच्ची घटना शेयर की है और बताया है कि कैसे उस दिन साईं बाबा जी ने उनकी कारों की रक्षा की है अगर उस दिन साईं बाबा का चमत्कार नहीं होता तो वह सांप के जहर से मच गए होते तो आइए दोस्तों जानते हैं कैसे तो हम साईं बाबा अपने भक्तों विक्रम की प्राण बचाए दोस्तों जबलपुर के रहने वाले विक्रम जी बताते हैं कि वह साईं बाबा के कैसे अनंत भक्त है और उनकी श्रद्धा इनका अस्तित्व है आज इनकी श्रद्धा का विक्रम आपसे अपने वाले हैं उस तो विक्रम जी के पिताजी लंबे समय से बीमार चल रहे थे हैं लकवा मार चुका था इस वजह से वह चल नहीं पाते थे और इस वजह से इनको बहुत तकलीफ झेलना पड़ता था हर जगह विक्रम जी ने अपने पिता जी का इलाज कराया और साथ ही पैसों का भी बहुत खर्च किया लेकिन उनके पिताजी के तबीयत में कोई सुधार नहीं आया जब भी विक्रम डॉक्टर से पूछता कि मेरे पिताजी कब पूरी तरह से ठीक होंगे तो डॉक्टर बार-बार यही कहते यह सब भगवान भरोसे हैं विक्रम जी बताते हैं कि एक दिन उन्होंने सोचा जब सब कुछ उन्होंने करा कि देख लिया तो क्यों ना एक बार साईं बाबा के मंदिर में जाकर देखा जाए और साईं दरबार में मेरे पिताजी के लिए प्रार्थना कराया जाए मैंने सुना था छत्तीसगढ़ में स्थित साईं बाबा का मंदिर एक ऐसा मंदिर है जहां पर कई भक्तों की ओर कि पूरी हो चुकी है यहां के लोगों की मान्यता है कि यहां साईं बाबा के दर्शन के बाद सारी मनोकामना पूर्ण हो जाती है यही सोचकर विक्रम जी वहीं चले गए थे


कि जब वह साईं बाबा के दर्शन करने बैठे हुए थे तभी एक जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया और एकदम से विक्रम जी को चक्कर आने लगा विक्रम जी को लगा कि वह अब नहीं बच पाएंगे और उस समय उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आवाज भी नहीं निकल पा रही थी वह किसी को मदद के लिए आवाज भी नहीं निकल पा रहे हैं तो आप यही सोच रहे थे कि अगर उन्हें कुछ हो गया और उनके पिताजी का कौन ध्यान रखेगा विक्रम जी मन ही मन बस साईं बाबा का नाम हे ने लग जाते हैं और कुछ ही देर में वह बेहोश हो गया जब उन्हें होश आया तो मंदिर के आश्रम में वह अपने आपको लेटा हुआ देखते हैं उनके शरीर से साफ करता है पूरे तरीके से निकल चुका था तभी पंडित जी आए और कहने लगे तुम्हारी जान स्वयं साईं बाबा जी ने बताइए वरना इतने जहरीले सांप से बचते हुए आज तक किसी को नहीं देखा और तुम्हारी जान तो स्वयं उमराव ने बचाई है तो विक्रम जी ने पंडित जी से पूछा कि मेरी जान किसने बचाई है तो पंडितजी ने बताया कि जब तुम बेहोश हो गए थे अब एक सपेरा आया उसने अपने टोटके तुम पर किए और जिन्हें तुम्हारे शरीर से निकाल दिया यह सब देखकर हम हैरान हो गए थे यहां दूर-दूर तक कोई सपेरा नहीं रहता और यह अचानक से कहां से आ गया उन्होंने विक्रम जी को बताया कि सपेरा आया और तुम्हारे शरीर से सारा घर निकालकर अलग गया वह किसी चमत्कार से कम नहीं था वह दें साईं बाबा ही उन्हें बचाने सपेरे के रूप में आए थे यह सुनकर वह रो पड़े और साईं बाबा को शत-शत नमन किया आज उन्हीं की कृपा से वह जीवित है और जब विक्रम घर वापस आ गए तो उनके पिताजी के स्वास्थ्य में भी सुधार आया यह सब चमत्कार साहिबा ही कर रहे थे दोस्तों मैं आपको यह जरूर यह बताना चाहूंगा कि अगर जीवन में किसी भी प्रकार की कोई भी तकलीफ हो तो एक बार साईं बाबा के दर्शन अवश्य कर लीजिए जवाब की मदद अवश्य करेंगे वह तो आपको क्या लगता है विक्रम जी की जान बचाने स्वयं साईं बाबा सपेरे के रूप में आए थे या मात्र यह एक संयोग था हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताइएगा जय साईं राम अ कर दो कर दो


कि अ कर दो


कि अ अजय को कर दो


कर दो कर दो


कर दो


कर दो अजय को कर दो कर दो कर दो




रूसी अजय को


कर दो


सऊदी डी सॉरी आं आं


कर दो


अजय को कि हम अच्छी तो साईं देना था ऐड

जब आसमान से भगवान साईं ने दिए दर्शन आप भी देखें चमत्कारी दर्शन #miracles #sai #shirdi #youtube #mant

 हो साईं नाथ  

कहते हैं ना हो उदास तू

 मेरे लाल 

मैं तेरे साथ हूं

 सामने नहीं मैं

 तेरे आस-पास हूं 

अपनी पलकों को बंद कर और

 दिल से याद कर

 मैं कहीं और नहीं बल्कि 

तेरे विश्वास में हूं 

ओम साईं राम दोस्तों

 दोस्तों यह पंक्तियां कुछ चंद पंक्तियां नहीं है बल्कि यह एक अटूट आस्था है, धर्म से संबंधित हर समय यह सवाल पूछा जाता है कि क्या आपने किसी भगवान को देखा है, या आपने साईं बाबा को महसूस किया है, और अक्सर कई लोग इसका हिचकिचाते हुए जवाब देते हैं,

 हां हमने तो भगवान को देखा है हमने तो साईं बाबा को कई बार महसूस किया ,है, और अक्सर सामने वाला यह बात सुनकर हंस कर चला जाता होगा लेकिन दोस्तों इस वीडियो को देखने के बाद आप भी सच में यही कहेंगे कि हां मैंने सच में साईं नाथ को देखा है, जी हां दोस्तों आपने बिल्कुल सही सुना आज अपने आंखों से देखेंगे भगवान श्री साईंनाथ को और दोस्तों यह कोई बनी-बनाई बातें नहीं है, बल्कि यह हकीकत है कि आखिर कैसे भगवान श्री साईनाथ ने अपना स्वयं का अस्तित्व दिखाया कैसे साईं नाथ ने अपना अस्तित्व दिखाया, कैसे नास्तिकों को साईं बाबा ने बना दिया आज तक इस वीडियो को देखने के बाद जो भी साइनाथ को नहीं मानता या उनके सिवाय किसी अन्य भगवानों को भी नहीं मानता,



वह भी भगवान के चमत्कार को देखकर आज उनके समीप नतमस्तक हो जाएगा क्योंकि दोस्तों यह कोई मामूली वीडियो नहीं है, इस वीडियो में आप देखेंगे कि कैसे साक्षात साईं बाबा ने कलयुग में अपने दर्शन देकर सभी भक्तों को हैरान होने पर मजबूर कर दिया और दोस्तों मैं दावे के साथ कहता हूं कि इस वीडियो को आप देखने के बाद बार-बार देखेंगे लेकिन इस वीडियो को दिखाने से पहले हम चाहते हैं कि आप सच्ची श्रद्धा के साथ एक अ ओम साईं राम का कमेंट जरूर करें,

 ताकि आपकी आत्मा की भी परमात्मा से मिलन हो सके दोस्तों जो वीडियो हम आपको दिखाने जा रहे हैं यह वीडियो मध्य प्रदेश के भोजपुर गांव की है ,भोजपुर के उस रात की है जब मौसम का मिजाज कुछ ज्यादा ही खुशनुमा था आसमान अपनी मस्ती में झूम रहा था शीतल और ठंडी ठंडी हवाएं चल रही थी और पूरा आसमान भिन्न-भिन्न रंगों से रंग चुका था तभी अचानक न जाने किस कार वाले ने अपना मोबाइल निकाला और कैमरा चालू कर आसमान की तरफ रूख कर दिया शायद यह उनकी किस्मत में लिखा था कि वह आज साक्षात साईं बाबा के दर्शन करने जा रहा था आप इस वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे मौसम अंधेरा और बिल्कुल शांत सा हो गया है लेकिन तभी अचानक बिजली बहुत ही जोर से धड़कने लग जाती है और उसी बिजली में दिखाई देती है,

 वहीं बाबा किया प्रवीण व्यक्ति को मानने पर मजबूर कर देती है कि हां इस दुनिया में ऐसी शक्ति भी है जो हम सबको अपनी आंखों से देख रही है यह सिर्फ किस्से-कहानियों में नहीं की हकीकत में है जिसे हमने भगवान का नाम लिया है दोस्तों आप एक बार इस वीडियो को और देखिए और आप देख सकते हैं कि कैसे जब उस कार वाले ने मोबाइल को ऊपर किया तो शायद उसकी किस्मत में ही लिखा था यह आज उनको साक्षात दर्शन देने वाले हैं शिर्डी के साईं कभी अचानक बहुत तेज बिजली कड़कती है और उसी बिजली में एक समय के लिए साक्षात श्री साईनाथ केवल एक सेकेंड के लिए दिखाई देते हैं दोस्तों आप इसे इत्तेफाक समझे या भगवान का चमत्कार यह आप ही जानेंगे किंतु साइना के सभी भक्त तो इस विडियो को देखकर इसे केवल साईं नाथ का चमत्कार मानते हैं क्योंकि वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह बिल्कुल कि मुमकिन नहीं हैं कि कभी बिजली भी खूब बहु साईं बाबा की आकृति कैसे बना सकती है,



न से देखा होगा कि जब बिजली या आसमान में कड़कती है कब वह एकदम टेढ़ी-मेढ़ी आकृति लेने लग जाती है लेकिन आखिर कैसे संभव है कि आखिर पूरी बिजली सुबाहु साईं बाबा की जैसे आकृति बना डाले वीडियो में साफ-साफ हमें दिखाई दे रहा है कैसे स्वयं साइना बैठी हुई मुद्रा में आपको दिख रहे होंगे वह तो मैं यह आशा करता हूं कि इस वीडियो को देखने के बाद साईं बाबा की शक्तियों पर यकीन हो चुका होगा आप इस वीडियो के बारे में क्या सोचते हैं यह भी आप कमेंट बॉक्स में अवश्य लिखिएगा ,

वैसे किसी ने सच ही कहा है कि कण-कण में साईं बाबा आपका ही निवास है हर भक्त के लिए आप और आप हर भक्त के लिए हाथ है ,

दोस्तों आपको अगर यह वीडियो अच्छी लगी हो तो इस वीडियो को लाइक एंड शेयर अवश्य कीजियेगा,

 हम मिलते हैं एक और नहीं खास वीडियो के साथ तब तक के लिए दिल से कहिए

 जय साईनाथ

सोमवार, 20 जनवरी 2020

साईं वाणी भाग 6 भ्रम निवारण Sai Vani Part 6 Confusion prevention

                                              नीच संग सब जानिए , सुनी लखि तुलसीदास,|
                                             ढील देत भुई गिरी परत,खेचत चढ़त अकाश ||

साईं बाबा ने कहा था किसी व्यक्ति के विषय में भ्रम निवारण करना हो, तो जो व्यक्ति आपसे दूसरों की रहस्य की बातें कहता है ,उसको कभी अपना भी रहस्य बता कर देखो, और उससे कहो कि किसी को कहे, नहीं संभव हो सकता है, वह एक दूसरे के रहस्य ही कहता घूमता हो, किसी का उपकार करके तो देखिए कि वह कृतघ रहता  है या कृतघन हो जाता है, किसी की गलतियां पकड़ कर देखिए कि वह सच्चे आदमी की तरह अपनी गलती मानता है या बातों से उसे ढकने की चेष्टा करता है, या अपनी गलती के कारण आपको अपना शत्रु तो नहीं मानता इन प्रयोगों से आप बहुतों के संबंध में भ्रम निवारण कर सकते हैं,
                                                            जय साईं राम
साईं बाबा आपका भला क'रें साईं की यह वाड़ी ने आपके दिल को छुआ हो तो इस ब्लॉगर को फॉलो जरूर करें और साईं जीवन माला यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें '
                                                                  ओम साईं राम



Know all with low, Suni Lakhis Tulsidas |
                                             Dheel dhat bhui giri layer, khechat chhatat akash ||



Sayin Baba said that if you want to eliminate confusion about a person, then the person who tells you the secrets of others, never tell him your secret, and tell him to tell someone, it is not possible, He goes around telling each other's secrets, seeing someone's gratitude, see if he is ungrateful or ungrateful, catch someone's mistakes and see if he believes his mistake like a true man or by talking He tries to cover it, or does not consider you his enemy due to his mistake, these experiments can help you in confusing many,

                                                            Jai sai ram

Say goodbye to Sai Baba, if this Wadi of Sai has touched your heart, then follow this blogger and subscribe to Sai Jeevan Mala YouTube channel.

                                                                  Om Sai Ram

गुरुवार, 8 फ़रवरी 2018

The importance of Mahashivaratri

The importance of Mahashivaratri will be closed Mahashivaratri's fasting women Kannari Kanya Baba, old and old, doing this fast in the mind of the family's happiness prosperity says that Mahadev fulfills all the desires of the world; Mahadev was the only power in the world, Was not there any end to the worship of Lord Shiva by the devotion of all the creatures? Whereas the virtue is attained, the crown of the jata on the head of Shiva and the Ganga ji was beautiful. His big leader was like a lotus, he had the nilkandha. He was the treasure of beauty. Jatia's charity was perfect on his head Shivaji's glory is famous in all the three places. By taking names, all the problems of the devotees are removed. If you devote their fast to them, then you will be rewarded with success in life as well as the desired results. On the day of Shivratri, the significance of night awakening is of great significance, while worshiping Shiva, Om Namah, in the mind should always be kept in the mind and after milking them with water, chinta mata Abhishek gives cooling to the chanda. The festival of Shivratri is the festival of the Krishna side of phagun month Chaturdashi is regarded as a special significance of Mahashivaratri, written in Shiva Purana, when there was a conflict between the subject between Brahma ji and Vishnu ji that Who is the greatest of both, the fierce battle between the two occurred after seeing the war of Brahma ji and Vishnu ji, by appearing in the form of a light pillar of Lord Devi Lord Lord Shiva Lord Shiva Ji, this war was completely peaceful. Jai Prakash Pillar appeared on the date that day was the Chaturdasi of the Falgun's Krishna side, hence this festival is called Mahashivaratri. Urwk people of all religions to worship ritual worship of Bholenath is offered the day making bath Shiva Shiva with datura oleander flowers Samir flower cane juice milk Belptr flowers celebrate together in reverence.
Mahashivaratri should do fasting with pomp and whosoeverever fastens Shivaji, whatever the worship of Lord Shiva, he should first collect all the material of worship, sometimes some material is not available, hence milk curd honey sugar Mixing all together, make CG a Panchayat, take bath and then should elect them with water flow, in mind, worship Om Namah Shiva by chanting and worshiping Shiva Braham Due to being a symbol of Brahma, the formless and formless Brahma is reverend for all, just as formless Brahma form is without color, etc. Similarly, the person who is fasting should wake up in the morning after consuming the bath and after consuming it on the head Tilak and throat should take Rudraksh Mala and go to Shiva Mandir and Namaskar should perform Namaskar before Lord Shiva. Saying that Mahadev is pleased with your grace this fastlessness and work anger, people will not suffer from the enemy. Rudraksha holds great virtue and holds all kinds of happiness. It is said that on Monday all the defects related to the moon Offer milk to Mahadev for redress.
If you can not worship Shiva every day, then on Monday, you must make Mahadev very dear on Monday. Parvati Mata too did a lot to achieve Shiva, then she received Kailashwasi Mahadev, on the fasting day of Shivratri, not at all. Keep someone who does not want to tear your hair, offer the same on Shivling. Women do not break the coconut on this day. Flow of the flowing water or do not pay the Shiva Vermilion them Goddess forget not offering.

शुक्रवार, 2 फ़रवरी 2018

पूजा

यदि आप ज्यादा भगवान की पूजा करते हैं , तो लोग कहते हैं, वह भगवान की पूजा में पागल है, पर भगवान ही सत्य है,मानव जन्म का केवल एक  ही उद्देश्य होना चाहिए कि हमें भगवान को प्राप्त करना है, हम जो भी गलतियां अपने जीवन में करते हैं, तो हमें सिर्फ भगवान से डर कर रहना है, क्योंकि हमारे अच्छे बुरे कर्मों का हिसाब किताब भगवान के दरबार में निश्चित होता है, और वही हमारी सजा तय करता है, उसके आगे आप बच नहीं सकते  भगवान से झूठ नहीं छुपा सकते हैं, कहते हैं भगवान के घर में
' देर है अंधेर नहीं" यह सत्य है कर्म का फल इंसान को भोगना ही पड़ता है, उनकी शक्ति पर आप विश्वास कर लेंगे तो समझो भगवान की कृपा सदा आप पर बनी रहेगी, बस श्रद्धा-विश्वास यह दो बातें सदा याद रखना जो इंसान हर विपत्ति को भगवान की होनी अनहोनी समझकर स्वीकार  करता है ,तो भगवान उसे हर विपत्ति से निकाल लेते हैं ,आज जिसके पास पैसा है, वही अपने आपको भगवान समझता है ,वह इस अहंकार में रहता है ,कि मैं ही दुनिया चला सकता हूं यह आपकी भूल है,  वह पैसा भी भगवान का दिया है, वह किसी न किसी रूप में वसूल लेता है ,
दुनिया चलाने वाला एक है जो सदा एक ही रहेगा। 
जिसे आप झुठला नहीं सकते हैं,
 मनुष्य अपना समय का महत्व समझे वह यह समझे कि मानव जन्म बड़े भाग्य से मिला है, उसने बहुत बड़ा पुण्य प्राप्त किया है, ईश्वर की कृपा उस पर है हर सुबह वह अपने नित्य कर्म से मुक्त होकर भगवान का ध्यान कुछ समय कर अपने योग साधना कर। अपने नित्यकर्मों में व्यस्त रहें, यही उसका परम धर्म है ,
कई लोग सुबह से उठकर किसी पड़ोसी, किसी रिश्तेदार, आजू बाजू वालों, की बुराइयां कर,
 अपना   समय  खराब करते हैं, दूसरों को तकलीफ देकर  वे  खुश होते हैं, पर वह यह नहीं समझते कि,
 जो वो  कर रहे हैं, कल वहीं उनके बच्चे करेंगे, क्योंकि बच्चे गीली मिट्टी की तरह है ,उन्हें आप जिस आकार  में ढालेंगे वह  उसी रूप में ढल जाएंगे, यह कटु सत्य है, मेरी आपसे विनती है जो समय आप व्यर्थ गवाते  हैं ,
उस समय को ईश्वर की आराधना में लगाते  रहें ,क्योंकि तन, मन, धन सब, ईश्वर की देन है,
 जब मनुष्य का शरीर मृत होने पर भगवान इस दुनिया से उठा लेता है, तो किसी का दिया धन घर द्वार कहां बचेगा सब भगवान का है, उसे ही अर्पित कर दो कर्म तो इंसान को करना होता है ,माया मोह में पड़कर इंसान जीता है, मरने पर ,भगवान का हो जाता है, इसलिए ईश्वर की सेवा कर उसके ध्यान में तन मन धन से अर्पित हो जाए वही भव सागर से पार करवा देगा ,भगवान का ध्यान मन में  हमेशा रखिए , विश्वास रखकर पवित्र मन से उसे याद कीजिए ,आपको हर तरफ से प्रकाश ही प्रकाश नजर आएगा ,और सारी निराशाओं से मुक्ति पाकर आपका रास्ता सरल हो जाएगा, आपकी राह को पथभ्रष्ट करने कई लोग आएंगे पर जो भी चाहते हैं,
आप पथभृष्ट  हो जाए ,वो वैसे ही नष्ट हो जाएंगे ,आप घबराइए नहीं हिम्मत रखिए देवी, देवता, की पूजा ही आपको शक्ति प्रदान कराएगी। , मां की महिमा अपरंपार है जो देवी मां की महिमा का गान कर उनका स्मरण करता है, उनकी हर विपत्ति तिनके के समान हो जाती है,क्योंकि प्रभु जी भक्तों पर सदा कृपा करते रहेंगे ,
आप अपना सर्वस्व प्रभु के चरणों में अर्पित कीजिए, ईश्वर को प्राप्त करने के लिए किसी माध्यम की आवश्यकता होती है, यह माध्यम किसी ज्ञानी, महापुरुष ,सद्गुरु ,अपने बुजुर्गों को बना  सकते हैं। 
आप अच्छी धार्मिक पुस्तकें पढ़ कर भी ज्ञान अर्जित कर सकते हैं, मनुष्य जीवन एक-एक पल कीमती हे 
इसे व्यर्थ मत गवाएं कुछ अच्छे कर्म कर भगवान की कृपा पाइए

शनिवार, 27 जनवरी 2018

If you worship God more then peopl

If you worship God more then people say that he is mad in the worship of God but God is the only truth. There should be only one objective of human birth that we have to get God, whatever mistakes we make in our life, then we Just be afraid of God because the accounting of our good deeds is decided in God's court and he decides our sentence that you can not escape before that They can not hide the lies that are said to be late in the house of God, it is not truth, it is true that human beings have to suf If you worship God more then peopl fer the consequences of their deeds. If you believe in their power, then understand that God's grace will always remain on you. Remembering two things always that everyone hunts every calamity as God is supposed to be unthinkable, then God takes him out of every trouble. Today you have the money which you have money to understand yourself God He lives in this arrogance that I can run the world. It is your mistake that sister has given that money also God has taken it in some form or the other is the one who will run the world, which will remain forever Man can not understand the importance of his time. He understands that human birth is attained with great fate. He has attained great virtue. God's grace is upon him. Every morning he is free from his daily karma. Take the meditation of the young man some time by doing his yoga meditation and engage in his daily activities. This is his ultimate religion. Many people wake up from morning and get rid of their neighbors, relatives and relatives, and waste their time from the morning, they are happy to hurt others. But he does not understand that those who are weighing will make their children there tomorrow because they are like wet soil, they will deny you the same way. This is a bitter truth. I request you to do the time when you earn worthless, keep praying in God's worship because your mind is the gift of God, when God's body is dead, when God raises it from this world, then anyone's Where the wealth is left, the door will be left to God, it is all God's gift. Only the person has to do the karma so that the person lives in Maya. The person is blessed if he dies, then God will serve him. Let the mind be paid in the mind, the same will be crossed by the ocean, always keep in mind the Lord, by believing in your mind, remember it with a sacred mind, you will see the sky published from all sides and by getting rid of all the disappointments, your way is simple There will be many people coming to mislead your path. But whatever you want, you will be destroyed as you trust. You do not panic, do not worry, worship Goddess goddess Poko will provide power, the glory of the mother is immortal, which recalls the glory of Goddess Mother and remembers them. All their calamities are like stalks, because the Lord will always bless the devotees. Offer all your wealth at the Lord's feet. It requires some medium to achieve this medium. This medium can be known by some wise great teacher Sadhguru to your old age. By reading books, one can acquire knowledge, life is a moment-precious life.Some others can earn knowledge by reading good religious books too. Man life is precious, one moment is worth it. Do not waste it in vain, get God's grace by doing some good deeds.

सब से बड़ा आश्चर्य

*🍃🍁सब से बड़ा आश्चर्य🍁🍃*

एक बार कही ईश्वर चर्चा हो रही थी सभी सुन रहे थे की तभी वहाँ से एक व्यक्ति जाते जाते रुका और महात्मा जी से कहने लगा -- क्या में एक प्रश्न पूछ सकता हु ??
महात्मा जी--- अवश्य
व्यक्ति--- महात्मा जी में रोज यह से निकलता हूँ आप सब को चर्चा करते देखता हूँ आप सब ईश्वर की चर्चा करते हो और सुनते भी हे तो क्या आप सब ने ईश्वर को देखा हे ????
सभी उस व्यक्ति की बात सुन कर हँसने लगे और कहने लगे --- *ईश्वर को तो देख ही नही सकते और जो देख लेगा ना वो तो दुनिया में ही नही रहेगा ! तुम भी यह बैठ कर महात्मा की बात सुनोगे तभी तो पता चलेगा ईश्वर को ऎसे नही देख सकते।*
महात्मा भी बोल पड़े --तुम तो कर्मो की मेल ख़त्म कर तभी तो ईश्वर को देख पाओगे ?


व्यक्ति -- महात्मा जी बहुत आश्चर्य की बात हे जब आप ने ईश्वर को देखा ही नही तो कैसे बता सकते हो की ईश्वर क्या हे ? आप बहुत बड़ा गुनाह कर रहे हो पहले आप ईश्वर को देखो तब ही दुसरो को बताना ।
महात्मा और उसके शिष्यों ने उस व्यक्ति को धके मार कर बहार कर दिया।
वो व्यक्ति मुस्कुराता हुआ चला गया तभी एक और व्यक्ति उस सभी में से उठा और कहने लगा वो सही बोल रहा था और उस के पीछे चल दिया

   
उस व्यक्ति को कहने लगा - क्या आप ने ईश्वर को देखा हे ?
व्यक्ति - हाँ जी
दूसरा व्यक्ति --तो आप वहा क्यों गये जब आप ने ईश्वर को देखा हे तो ??
पहला --में तो यह देखना चाहता था की - क्या कोई सच में ईश्वर को पाना चाहता हे की नही पर ,,,,,,
*बहुत आश्चर्य हे की जिस ईश्वर की चर्चा कर रहे थे जब उस के दर्शन की बात की तो धके पड़े और इन लोगो को ईश्वर दर्शन नही करने बस बाते करनी हे इसे बत- संग कहते हे सत्संग नही ।*
दूसरा-- आप सही कहे हो क्या आप मुझे ईश्वर दर्शन करा सकते हो
पहला व्यक्ति-- आप की जिज्ञासा हे तो आप भी पूर्ण गुरु के पास चलो

     
विचार------
 क्या आप में ईश्वर को जानने की जिग्यासा हे ?
 *बतसंग या सत्संग  आप की क्या इच्छा है??*

*विचार माह पुरुषो के निर्णय आप का क्यों की ---*
प्रत्येक व्यक्ति सवतंत्र हे निर्णय लेने को

🙏जय श्री राम 🙏

मंगलवार, 9 जनवरी 2018

भक्त और भगवान के बीच उपदेश

एक भक्त था वह परमात्मा को बहुत मानता था,
बड़े प्रेम और भाव से उनकी सेवा
किया करता था ।



एक दिन भगवान से
कहने लगा –

मैं आपकी इतनी भक्ति करता हूँ पर आज तक मुझे आपकी अनुभूति नहीं हुई ।



मैं चाहता हूँ कि आप भले ही मुझे दर्शन ना दे पर ऐसा कुछ कीजिये की मुझे ये अनुभव हो की आप ह

भगवान ने कहा ठीक है,
तुम रोज सुबह समुद्र के किनारे सैर पर जाते हो,
जब तुम रेत पर
चलोगे तो तुम्हे दो पैरो की जगह चार पैर दिखाई देंगे ।
दो तुम्हारे पैर होंगे और दो पैरो के निशान मेरे होंगे ।

इस तरह तुम्हे मेरी
अनुभूति होगी ।


अगले दिन वह सैर पर गया,
जब वह रेत पर चलने लगा तो उसे अपने पैरों के साथ-साथ दो पैर और भी दिखाई दिये वह बड़ा खुश हुआ ।

अब रोज ऐसा होने लगा ।



एक बार उसे व्यापार में घाटा हुआ सब कुछ चला गया,
वह रोड़ पर आ गया उसके अपनो ने उसका साथ छोड दिया ।

देखो यही इस दुनिया की प्रॉब्लम है, मुसीबत में सब साथ छोड़ देते है ।


अब वह सैर पर गया तो उसे चार पैरों की जगह दो पैर दिखाई दिये ।

उसे बड़ा आश्चर्य हुआ कि बुरे वक्त में भगवान ने भी साथ छोड दिया।

धीरे-धीरे सब कुछ ठीक होने लगा फिर सब लोग उसके
पास वापस आने लगे ।

एक दिन जब वह सैर
पर गया तो उसने देखा कि चार पैर वापस दिखाई देने लगे ।

उससे अब रहा नही गया,
वह बोला-

भगवान जब मेरा बुरा वक्त था तो सब ने मेरा साथ छोड़ दिया था पर मुझे इस बात का गम नहीं था क्योकि इस दुनिया में ऐसा ही होता है,
पर आप ने भी उस समय मेरा साथ छोड़ दिया था,
ऐसा क्यों किया?

भगवान ने कहा –

तुमने ये कैसे सोच लिया कि मैं तुम्हारा साथ छोड़ दूँगा,
तुम्हारे बुरे वक्त में जो रेत पर तुमने दो पैर के निशान देखे वे तुम्हारे पैरों के नहीं मेरे पैरों के थे,

उस समय में तुम्हे अपनी गोद में उठाकर चलता था और आज जब तुम्हारा बुरा वक्त खत्म हो गया तो मैंने तुम्हे नीचे उतार दिया है ।

इसलिए तुम्हे फिर से चार पैर दिखाई दे रहे ।

So moral is never loose faith on God. If U believe in him, he will look after u forever.



गुरुवार, 4 जनवरी 2018

(((((((((( सच्चा सन्यास ))))))))))

(((((((((( सच्चा सन्यास ))))))))))
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एक व्यक्ति प्यास से बेचैन भटक रहा था. उसे गंगाजी दिखाई पड़ी. पानी पीने के लिए नदी की ओर तेजी से भागा लेकिन नदी तट पर पहुंचने से पहले ही बेहोश होकर गिर गया।

थोड़ी देर बाद वहां एक संन्यासी पहुंचे. उन्होंने उसके मुंह पर पानी का छींटा मारा तो वह होश में आया. व्यक्ति ने उनके चरण छू लिए और अपने प्राण बचाने के लिए धन्यवाद करने लगा।



संन्यासी ने कहा- बचाने वाला तो भगवान है. मुझमें इतना सामर्थ्य कहां है ? शक्ति होती तो मेरे सामने बहुत से लोग मरे मैं उन्हें बचा न लेता. मैं तो सिर्फ बचाने का माध्यम बन गया।

इसके बाद संन्यासी चलने को हुए तो व्यक्ति ने कहा कि मैं भी आपके साथ चलूंगा. संन्यासी ने पूछा- तुम कहां तक चलोगे. व्यक्ति बोला- जहां तक आप जाएंगे।

संन्यासी ने कहा मुझे तो खुद पता ही नहीं कि कहां जा रहा हूं और अगला ठिकाना कहां होगा. संन्यासी ने समझाया कि उसकी कोई मंजिल नहीं है लेकिन वह अड़ा रहा. दोनों चल पड़े।

कुछ समय बाद व्यक्ति ने कहा- मन तो कहता है कि आपके साथ ही चलता रहूं लेकिन कुछ टंटा गले में अटका है. वह जान नहीं छोड़ता. आपकी ही तरह भक्तिभाव और तप की इच्छा है पर विवश हूं।

संन्यासी के पूछने पर उसने अपने गले का टंटा बताना शुरू किया. घर में कोई स्त्री और बच्चा नहीं है. एक पैतृक मकान है उसमें पानी का कूप लगा है।

छोटा बागीचा भी है. घर से जाता हूं तो वह सूखने लगता है. पौधों का जीवन कैसे नष्ट करूं. नहीं रहने पर लोग कूप को गंदा करते हैं. नौकर रखवाली नहीं करते, बैल भूखे रहते हैं. बेजुबान जानवर है उसे कष्ट दूं।

बहुत से संगी-साथी हैं जो मेरे नहीं होने से उदास होते हैं, उनके चेहरे की उदासी देखकर उनका मोह भी नहीं छोड़ पाता।

दादा-परदादा ने कुछ लेन-देन कर रखा था. उसकी वसूली भी देखनी है. नहीं तो लोग गबन कर जाएंगे. अपने नगर से भी प्रेम है।

बाहर जाता हूं तो मन उधर खिंचा रहता है. अपने नगर में समय आनंदमय बीत जाता है. लेकिन मैं आपकी तरह संन्यासी बनना चाहता हूं. राह दिखाएं।

संन्यासी ने उसकी बात सुनी फिर मुस्कराने. लगे. उन्होंने कहा- जो तुम कर रहे हो वह जरूरी है. तुम संन्यास की बात मत सोचो. अपना काम करते रहो।

व्यक्ति उनकी बात समझ तो रहा था लेकिन उस पर संन्यासी बनने की धुन भी सवार थी।

चलते-चलते उसका नगर आ गया. उसे घर को देखने की इच्छा हुई. उसने संन्यासी से बड़ी विनती की- महाराज मेरे घर चलें. कम से कम 15 दिन हम घर पर रूकते हैं. सब निपटाकर फिर मैं आपके साथ निकल जाउंगा।

संन्यासी मुस्कुराने लगे और खुशी-खुशी तैयार हो गए. उसकी जिद पर संन्यासी रूक गए और उसे बारीकी से देखने लगे।

सोलहवें दिन अपना सामान समेटा और निकलने के लिए तैयार हो गए. व्यक्ति ने कहा-महाराज अभी थोड़ा काम रहता है. पेड़-पौधों का इंतजाम कर दूं. बस कुछ दिन और रूक जाएं निपटाकर चलता हूं।

संन्यासी ने कहा- तुम हृदय से अच्छे हो लेकिन किसी भी वस्तु से मोह त्यागने को तैयार ही न हो. मेरे साथ चलने से तुम्हारा कल्याण नहीं हो सकता. किसी भी संन्यासी के साथ तुम्हारा भला नहीं हो सकता।

उसने कहा- कोई है ही नहीं तो फिर किसके लिए लोभ-मोह करूं।

संन्यासी बोले- यही तो और चिंता की बात है. समाज को परिवार समझ लो, उसकी सेवा को भक्ति. ईश्वर को प्रतिदिन सब कुछ अर्पित कर देना. तुम्हारा कल्याण हो इसी में हो जाएगा. कुछ और करने की जरूरत नहीं।
वह व्यक्ति उनको कुछ दूर तक छोड़ने आया. विदा होते-होते उसने कहा कि कोई एक उपदेश तो दे दीजिए जो मेरा जीवन बदल दे।

संन्यासी हंसे और बोले- सत्य का साथ देना, धन का मोह न करना. उन्होंने विदा ली।

कुछ साल बाद वह संन्यासी फिर वहां आए. उस व्यक्ति की काफी प्रसिद्धि हो चुकी थी. सभी उसे पक्का और सच्चा मानते थे. लोग उससे परामर्श लेते. छोटे-मोटे विवाद में वह फैसला देता तो सब मानते.उसका चेहरा बताता था कि संतुष्ट और प्रसन्न है।

संन्यासी कई दिन तक वहां ठहरे. फिर एक दिन अचानक तैयार हो गए चलने को।

उस व्यक्ति ने कहा- आप इतनी जल्दी क्यों जाने लगे. आपने तो पूछा भी नहीं कि मैं आपके उपदेश के अनुसार आचरण कर रहा हूं कि नहीं।




संन्यासी ने कहा- मैंने तुम्हें कोई उपदेश दिया ही कहां था ? पिछली बार मैंने देखा कि तुम्हारे अंदर निर्जीवों तक के लिए दया है लेकिन धन का मोह बाधा कर रहा था. वह मोह तुम्हें असत्य की ओर ले जाता था हालांकि तुम्हें ग्लानि भी होती थी।

तुम्हारा हृदय तो सन्यास के लिए ऊर्वर था. बीज पहले से ही पड़े थे, मैंने तो बस बीजों में लग रही घुन के बारे में बता दिया. तुमने घुन हटा दी और फिर चमत्कार हो गया. संन्यास संसार को छोड़कर ही नहीं प्राप्त होता. अवगुणों का त्याग भी संन्यास है।

हम सब में उस व्यक्ति की तरह सदगुण हैं. जरूरत है उन्हें निखारने की. निखारने वाले की. अपने काम करने के तरीके में थोड़ा बदलाव करके आप चमत्कार कर सकते हैं।

एक बदलाव आजमाइए- हर किसी से प्रेम से बोलें. उनसे ज्यादा मीठा बोलेंगे जिन पर आपका शासन है. आपमें जो मधुरता आ जाएगी वह जीवन बदल देगी कम से कम इसे आजमाकर देखिए।
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राम गुप्ता [लवलेश ]



रविवार, 31 दिसंबर 2017

"महाराज अग्रसेन जी का समाजवाद"

 "महाराज अग्रसेन जी का समाजवाद"       










"        "महाराज अग्रसेन जी का समाजवाद"              
                 
समाजवाद शब्द छोटा सा है. लेकिन व्यापक है !यह छोटा सा शब्द अपने आप में बहुत ही महत्वपूर्ण है |  इसमें विश्व की एकता और समता बुनियादी एवं सार्थक तत्व भरे हुए हैं ।

 यह सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की भावना का मूल मंत्र है। यही कारण है कि आज संसार का प्रत्येक देश ,प्रत्येक राष्ट्र इस बात के लिए प्रयत्नशील है ?कि वह समाजवाद के मामले में सबसे आगे रहे। हमारा देश भी आज समाजवाद को साकार करने में तेजी से अग्रसर हो रहा है ।          

कभी दर्शन को दर पर आया, 
                       नहीं धाम चारों गया भी तो क्या फायदा, 
 महाराज जी के दर्शन जिसने किए नहीं, 
                           उसे यह तन मिला भी तो क्या फायदा  , 
         
  यह हमारे लिए गर्व की बात है कि समाज के आदिपुरुष महाराजा अग्रसेन जी महाराज इसके प्रणेता रहे है। महाराजा अग्रसेन के जीवन की सबसे बड़ी उपलब्धिय उनके द्वारा स्थापित व्यवहारिक समाजवाद ही था। महाराजा अग्रसेन जी ने अपने शासनकाल में समाजवाद की नीव रखकर विश्व मानव  का मार्ग प्रशस्त किया  हैi           

*साँसों पर अवलम्बित काया,*
*जब चलते-चलते चूर हुई,*



*दो स्नेह-शब्द मिल गये,*
*मिली नव स्फूर्ति,थकावट दूर हुई*



*पथ के पहचाने छूट गये,*
*पर साथ-साथ चल रही याद* 



*जिस-जिस से पथ पर स्नेह मिला,* 
*उस-उस राही को धन्यवाद....*🙏🏼



नव वर्ष आपके और आपके समस्त परिजनों के लिये मंगलमय हो!!

महाराजा् अग्रसेन जी के  शासनकाल में  अगोहा में बसने वाले हर व्यक्ति को सामाजिक अधिकार और जीवन की सुविधाएं प्राप्त  थी ।जो भी व्यक्ति बाहर से वहां बसने के लिए जाता था। उसे प्रत्येक परिवार की ओर से 1 ईट व एक रुपया भेंट  स्वरूप दिया जाता था जिससे उस व्यक्ति के आवास एवं व्यवसाय की व्यवस्था सुगमता  से हो जाती थी।


 समाजवाद के व्यवहारीक कमल का श्रेष्ठ एवं प्रभावी तरीका अपनाकर तथा "सर्वजन हिताय' सर्वजन सुखाय" समाजवाद की स्थापना की। अब हमारा यह दायित्व है की वंश  प्रणेता  महाराजा अग्रसेन जी के दिखाए मार्ग पर चलने का व्रतले।


  समाज और देश की विकास उन्नति के लिए कंधे से कंधा मिलाकर चलना चाहिए जिससे शोषण और उत्पीड़न का नाम तक ना रहे ,कोई अभाव ना रहे ,सबको समान अधिकार तथा सुख सुविधा प्राप्त हो ।


हमें अपने सभी मतभेद भूलकर समाज व  राष्ट्र की मातृभूमि की सच्ची सेवा के लिए  कदम से कदम मिलाकर चलना है, तभी महाराज अग्रसेन जी का समाजवाद आज के युग में सार्थक हो सकेगा।                                  

                      
 :::::::::::::::::::::जय अग्रसेन महाराज

                         लेखक -    रामचंद्र अग्रहरि    पिता श्री कैलाश चंद्र अग्रहरि  
                               जीवन बीमा एजेंट करगी रोड कोटा 
                                                                                जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़.                                                                                       संपर्क सूत्र 8602160984.     

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