रविवार, 12 दिसंबर 2021

जब साईं बाबा ने अपने भक्तों को अपने हाथों से भंडारा खिलाया, जानिए कहां हुआ यह अनोखा भंडारा #sai #j

 कि जब साईं बाबा ने अपने हाथों से अपने भक्तों को खाना खिलाया जानिए कहां हुआ ऐसा अनोखा भंडारा जरिए दोस्तों वीडियो शुरू करते हैं नमस्कार दोस्तों साईं बाबा अपने भक्तों की हर एक बड़ा कर लेते हैं अपने भक्तों के आने वाली हर परेशानियों को साईं बाबा पल भर में ही दूर कर देते हैं तो आखिर इस दिन ऐसा क्या हुआ जो स्वयं साईं बाबा को खिलाना पड़ा अपने हाथों से अपने भक्तों को भंडारा और उसी दिन साईं बाबा ने इन पापियों को उनकी हवा क्या है पूरी कहानी है आइए जानते हैं तो दोस्तों अगर आपने अभी तक हमारे चैनल को सबस्क्राइब नहीं किया है लेकिन इस बात की चैनल को सब्सक्राइब करें और बेल आइकन को ऑल पर क्लिक जरूर करें ताकि हमारी सभी आने वाले वीडियो की अपडेट आपको समय पर मिलती रहे दोस्तों यह घटना है छत्तीसगढ़ के बिलासपुर सिटी के एक छोटे से गांव करगी रोड कोटा की जहां साईं बाबा की शिरडी धाम 1972 से स्थापित है और कहा जाता है कि यहां पर तो चमत्कार देखे जाते हैं यहां पर एक साईं बाबा के एक बहुत बड़े भक्त थे उनका नाम आशु व था वह स्कूल जाकर अपने छात्रों को पढ़ाते थे और उनके पढ़ाई को लेकर वह बहुत ही मशहूर थे वह कुछ ही सालों में ना केवल परमानेंट हो गए थे बल्कि assistant से प्रमोट होकर एसोसिएशन बन चुके थे साथ ही साथ उनकी हिंदी किताबों में कई सारी बातें भी छप चुकी थी शासक अपने पूरी सफलता का श्रेय केवल और केवल साईं बाबा को देते थे किंतु एक ऐसा भी समय आता है कि उनके पास आगे बढ़ने के लिए एक भी पैसा नहीं रहता साईं बाबा की दया से उन्हें स्कॉलरशिप मिल चुकी थी जिससे वह आगे बढ़ पाए साईं बाबा के बिना वह अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते थे वे अपने हर एक काम से पहले साईं बाबा से आशीर्वाद लेते और साईं बाबा के केवल आशीर्वाद से ही उनका हर एक काम बन जाता था परंतु तो उनका एक साथी था जो कि दर्शक इसे बिल्कुल भी खुश नहीं था निरंजन भी शासक के साथ कॉलेज में हिंदी बनाया करता था यूं तो वह कॉलेज में शासक से पहले आया हुआ था वरना ही तो वह इतनी सालों में अपने पीएचडी कंप्लीट कर पाए थे और ना ही कोई किताब या रिसर्च पेपर लिख पाए थे जिस कारण उनका प्रमोशन भी नहीं हो पा रहा था धीरे-धीरे उन्हें शक की तरफ इशारा अमावस्या श के प्रति होने लगी और फिर वह शासक को नीचा दिखाने का कोशिश करने लगा पर शासक इन बातों का एक भी बुरा नहीं मानता था वह निरंजन को अपना सीनियर मानकर उनका इज्जत किया करता था उनकी कोई भी कही गई बातों को वह बुरा नहीं मानता था इस बात से निरंजन और भी जरूर जाता था कुछ दिन बाद शासन अपनी प्रमोशन के कारण साईं बाबा का बहुत ही बड़ा भंडारा किया उन्होंने कॉलेज के अपने सभी लोगों को और आसपास के सभी फोटो साईं बाबा के भंडारे में आमंत्रित किया लेकिन जब निरंजन यहां सुना तो वह उसी समय प्राण ले लिया कि मैं कुछ भी क्यों ना हो जाए यह कार्य को होने नहीं दूंगा उन्होंने शासक को बात करने के लिए एक कार्य बनाया नीरज को बहुत ही विश्वास था कि वह अपने कार्य में सफल जरूर होगा और उसके बाद शासक के साथ ऐसा होगा यह उसे जेल जाने से कोई नहीं बचा पाएगा परंतु वह भूल चुका था यह उसकी रक्षा करने के लिए तो पहले से ही साईं बाबा मौजूद है वह पूजा के लिए उस जगह पर गया जहां पर भंडारे के लिए खाना बनाया जा रहा था वह अपने जेल में जहर की बोतल आया हुआ था लोगों से बचकर वह टेस्ट की ओर घुस गया वहां पर खाना बनाने वाले खाना बना कर आराम कर रहे थे बाकी सभी बच्चियों कर लो भी थक चुके थे और उनके बनाए गए सभी वस्तुओं का ढक्कन भी खुला हुआ था और वहीं पर एक जगह उन्होंने खीर बनाया था और उस खीर का ढक्कन कि खुला हुआ था रावण की नजर बचाकर जीत की तरफ बढ़ कर उसमे जहर मिला दिया वह आखिर में जहर डालने वाला था तभी पीछे से उसे एक बूढ़े व्यक्ति ने आवाज लगाया हुआ बेटा निरंजन ने सकुचाते हुए बोला कुछ भी नहीं वह बूढ़े आदमी ने कहा कि अभी भंडारा लगने में समय है अगर तुम्हें अभी ही भूख लग रही है तुम्हें मैं कटोरे में निकाल कर दे देता हूं बाकी मैं भंडारे में लगा दूंगा निरंजन ने सोचा यह तो बहुत ही बढ़िया बात है उसके हिस्से की खीर जब अलग हो जाएगी तो वह बाकी के क्षेत्रों में हर भुला देगा इससे उसकी जान तो बच जाएगी बूढ़े आदमी ने उसे एक दोने में थोड़ी सी खीर देती फिर वह सभी बर्तनों को उठाने के लिए लोगों को बुलाने चला गया इस मौके का फायदा उठाकर निरंजन ने तुरंत पार्टी में जहर मिला दिया फिर चुपचाप आखिरकार दोनों लेकर वह बाहर की तरफ चला गया भंडारा शुरू हुआ वह बूढ़ा आदमी सभी लोगों को अपने हाथों कि आखिर परोस रहा था सभी लोगों ने जी भरकर खाना खाया और आई और सभी लोगों ने शासक को आशीर्वाद दिया बहुत साईं बाबा की जय-जयकार करते हुए वे सभी अपने घर चले गए और ताज्जुब की बात तो यह है कि अपने बारे में इतना कुछ खाने के बावजूद भी उन्हें कुछ भी नहीं हुआ यह मंजर इस विचार में था कि शायद घर जाकर इनकी तबीयत खराब हो जाए वह भी अपने घर जाने वाला था कि तभी अचानक उसे बहुत तेज चक्कर आने लग गए और उसकी आंखों के आगे अंधेरा छाने लगा कुछ ही देर हुए थे कि वह चक्कर खाकर नीचे ज़मीन पर गिर गया जब वह होश में आया तो उसने अपने आप को अस्पताल में पाया डाक्टरों ने बताया कि उसकी हालात बहुत ही खराब दी उसके पूरे शरीर में जहर फैल चुका था फिर उसे एक बूढ़ा आदमी अस्पताल लेकर आए बगैर अस्पताल उसे सही समय पर लेकर नहीं आया होता तो उसका बचना मुश्किल हो जाता निरंजन यह बात समझ नहीं पा रहा था कि सुनहरी वाली हीर खाए ही नहीं उसको शहर के से लग गया और बाकी लोग अ हर्बल खीर खाकर भी कैसे ठीक है इतने में ही नीरज के पास वह बूढ़ा आदमी अंदर आया है निरंजन उससे कुछ पूछता उसने पहले ही वह बूढ़ा आदमी उसको बोल पड़ा मैं जानता हूं कि तुमने कितनी नीच हरकत की थी आज के भंडारे में तुमने खीर में जहर मिलाया हुआ था यह मैंने देख लिया था मैं चाहता तो तुम्हें मरने के लिए छोड़ सकता था मैं चाहूं तो अभी दुबई पुलिस के हवाले कर दिया लेकिन मैं ऐसा नहीं करूंगा तुम जाओ और जिसका तो हिंद सोच रहे थे उससे जाकर माफी मांगकर आओ तभी तुम को मुझ से भी माफी मिलेगी निरंजन अपने किए पर बहुत ही शर्मिंदा हो गया निरंजन बोला कि मुझे अपने किए पर बहुत पछतावा है मैं इंसानियत से बहुत ही गिर चुका था लेकिन मेरे इतना कुछ करने के बावजूद किसी के भी शरीर में जहर क्यों नहीं फैला कभी बूढ़े आदमी ने जवाब दिया कि मेरे छूने दो ऐसे ही देर में पहले में सारे शहर तुरंत ही खत्म हो गए और मेरे ही छूने से पूरा शहर तो हमारे शरीर में आग है रंजन ने तुरंत पूछा आप कौन है बूढ़े आदमी ने कहा मन की आंखों से देखो तुम्हें सब पता चल जाएगा निरंजन ने जैसे ही अपनी आंखें पास कि उसे सामने में बहुत ही विशाल साईं बाबा सामने दिखाई दिए निरंजन की आंखें आंसुओं से भर आए और उसकी हाथ अपने आप ही साईं बाबा के प्रति झुक गए वह निरंतर रो रहा था वह ठीक होकर शासक के घर गया और सारी घटना सुनाकर उससे माफी मांगी शासक ने तुरंत नीरज को अपने गले से लगा लिया जब सभी लोगों को इस बात की भनक हुई तो सभी लोगों ने इसे इस केवल और केवल साईं बाबा का ही चमत्कार माना और सभी लोगों ने साईं बाबा का जयकारे लगाने लगे वह सभी लोग बहुत ही जोर-जोर से साईं बाबा का जय-जयकार करने लगे तो दोस्तों कैसी लगी आज की हमारी तो हमें नीचे कमेंट में लिखकर जरूर बताइएगा अगर आप चैनल पर नए हैं तो चैनल को सबस्क्राइब और शेयर कीजिए काया और ज्यादा से ज्यादा इस वीडियो को शेयर कीजिए का या मिलेंगे अगली बार देख नहीं खास वीडियो के साथ तब तक के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद सा

पूजा करते समय यह चीज गिर जाए तो समझो साक्षात साईं भगवान खड़े हैं पास विशेष संकेत

 जय साईं राम स्वागत है आप सभी का आपके अपने चैनल पर तो जैसा कि आप सभी जानते हैं कि हम सभी बाबा को प्रतिमा पर मूर्ति पर माला चढ़ाते हैं घर की ...