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शुक्रवार, 28 जनवरी 2022

पूजा करते समय यह चीज गिर जाए तो समझो साक्षात साईं भगवान खड़े हैं पास विशेष संकेत

 जय साईं राम स्वागत है आप सभी का आपके अपने चैनल पर तो जैसा कि आप सभी जानते हैं कि हम सभी बाबा को प्रतिमा पर मूर्ति पर माला चढ़ाते हैं घर की पूजा में भगवान को माला चढाते हैं फूल चढ़ाते हैं और धोखे से जब वह माला गिर जाता है तो हम चिंतित हो जाते हैं कि आखिर ऐसा क्यों हुआ क्या है इसका संकेत क्या कहीं भगवान् हमसे नाराज हैं या बाबा हमसे गुस्सा है या कुछ और तरह-तरह के खेल हमारे दिल में दिमाग में चलते रहते हैं कि आखिर इसका क्या वजह हो सकता है कि जिसके कारण यह मसाला हमारा चढ़ाया हुआ जो गिर गया इन्हीं बातों को लेकर बाबा के एक भक्त ने आज कमेंट किया है जिनका नाम है कि आखिर सिंह जिन्होंने कमेंट किया है कि हम 9 गुरूवार से साईं बाबा का व्रत मन्नत मांगे हैं और मेरे पास गुरुवार का व्रत हुआ है इन पांच गुरुवार में जब हम पूजा करने बैठते हैं और जब व्रत करना प्रारंभ करते हैं तो हर गुरुवार को साईं बाबा के फोटो से चढ़ा हुआ माला गिर जाता है इसका क्या संकेत है तो देखिए मैं आपको बताना चाहूंगा कि बाबा या भगवान जिसके लिए पूजा करते व्रत करते हैं व्रत के दौरान पूजा के दौरान अगर आपके द्वारा चढ़ा वर्क फूल माला अगर गिरता है तो इसका यह संकेत है कि एक सकती जिस शक्ति के पूजा कर रहे हैं जो बारिश से आप अवश्य करें बाबा वह आपके आसपास है और आपकी प्रार्थना सुन रहे हैं आपकी मनोकामना सुन रहे हैं और आपके ऊपर अपनी अपार कृपा बनाए रखे हुए हैं इस कारण इसके यही संकेत है कि बाबा आपसे पसंद है और आपकी मनोकामना बहुत जल्द पूरी होने वाली है हम जब भी मंदिर में भी जाते हैं जब माता के कि है तो अचानक प्रतिमा से माला फूल गिर जाता है हमारे ऊपर गिर जाता है यह हमारे क्वालिटी गिर जाता है इससे यही संकेत है कि भगवान आपकी भक्ति से प्रसन्न है और आपकी अपनी अपार कृपा करने वाले हैं तो आप सभी को यह जानकारी अच्छी लगी हो तो आप वीडियो को लाइक करें चैनल पर नए सब्सक्राइब करें और बैल आइकॉन ऑपरेशन जरूर करें हम मिलेंगे अगली बार एक नई वीडियो के साथ तब तक के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद ओम साईं

गुरुवार, 6 जनवरी 2022

Sai himself came to return the lost purse of a devotee going to shirdi, then everyone including the bus driver were stunned.

 When the lost purse of his devotees returned during the Shirdi yatra, they themselves went to Shirdi after seeing Sai Nath, everyone's senses were blown away Hello friends, all of you are warmly welcome to our YouTube channel, friends, you believe in Sai Baba or not, but Sai We keep seeing and hearing the miracle of

Those who have shared their experience with us, so let's know friends, what happened on this day that the flood of MCD had to come to their devotees or if it happened to return, then let's know the story of Anju Sharma, her friends, my name is Anju Sharma. By the way, I fast on every Thursday of Sai Baba that I believe in Sai Baba wholeheartedly, I am an exclusive devotee of Sai Baba. about 2018 as far as i remember
It was the month of April. I was going to Shirdi to travel by bus because I used to worship Sai selflessly. Baba had infinite grace on me. Sai never let me down when I left for Shirdi by bus. Yes, suddenly a big shark person came and started begging from him, I saw that no one is giving him and he was very helpless and disappointed that the condition was not seen from me, I immediately took out fifty rupees and started fast, everything is going well. Had been
Suddenly I fell asleep when I woke up, I saw that my mobile offers were not at my place, I was very cheap after seeing this, I started remembering Baba and started saying that I do not even have any money and everything Money is also there, my atm card was also in it.
So I came in front of Baba, I said that I always feed the poor and help the needy, I am no one in this world, my father, remove my sorrows, I have come back saying that I have come to the bus. I had made a reservation for both of them to go, due to which I had no problem in coming home, I had spent some time at home that I was sleeping disappointedly on the terrace, then suddenly I saw that the person to whom I had given ₹ 50 was The wind felt outside my house that I was on the terrace and as soon as I reached I saw that
There was no one there, I asked the worker from my home, then came to know that yes had come here, he said that in this committee of the house, I sat and narrated the whole thing to the worker in detail, she was also surprised to hear that too. I started telling me that Baba himself had come, you have seen your lost labor approach, you have seen that there is power in real devotion, whenever you call on Sainath with a sincere heart, Sai Baba comes running in some form or the other, just our devotion. the power must be unwavering towards them

बुधवार, 5 जनवरी 2022

जब चुड़ैल से अपने भक्त की जान बचाने आए साईं बाबा,फिर जो हुआ देखकर उड़ गए गए सभी के होश #sai #truesto

 चुड़ैल की काली शक्तियों से अपने भक्तों की जान बचाने आए .साईं बाबा और फिर जो हुआ था'सभी लोगों के रोंगटे खड़े हो गए राजस्थान के अनूपशहर में त्रिमूर्ति नाम का एक बहुत ही बड़ा व्यापारी रहा करता था, जो कि अपने मेहनत और लगन के कारण ही इतना बड़ा व्यापारी बन पाया था, वह बहुत ही ईमानदार और सज्जन स्वभाव का व्यक्ति था वह अक्सर गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता किया करते थे साथ ही त्रिमूर्ति जी साईं बाबा के असीम भक्त थे और वह प्रतिदिन साईं बाबा की सच्ची श्रद्धा के साथ आस्था भाव के साथ पूजा किया करते थे.

 आसपास के लोगों में इनकी अच्छे व्यवहार के कारण त्रिमूर्ति जी का बहुत ही ज्यादा आदर-सम्मान था त्रिमूर्ति जी अच्छे कामों में बहुत ही बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया करते थे सब कुछ सुखमय रूप से व्यतीत हो रहा था परंतु त्रिमूर्ति जी को इस बात का थोड़ा भी अनुमान नहीं था कि आगे बहुत ही बड़ा संकट आने वाला है जब एक दिन त्रिमूर्ति जी अपना दुकान बंद करने के बाद घर जा रहे थे फिर जो उनके साथ ऐसी घटना थी कि उसे देखने और सुनने वाले सभी हैरान हो गए मूर्ति जी पैदल ही अपने घर की ओर बढ़ रहे थे 

अंदर ही चलते चलते वह सुनसान रास्ते में जा पहुंचे जहां बहुत ही अंधेरे के बीच उन्हें एक मोमबत्ती जलती वह बुझती हुई दिखाई दे रही थी उन्होंने उस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और वह अपने मन से आगे बढ़ता रहा तभी उन्हें महसूस हुआ कि पीछे से उन्हें कोई बहुत ही तेज धक्का मारा जिसके कारण वह तुरंत ही जमीन पर गिर गए और तुरंत ही उसके पैर में मोच आ गई और फिर उन्होंने देखा कि उन्हें एक अदृश्य शक्ति वड़ा होने से रोक रही है परंतु त्रिमूर्ति जी को वहां पर कोई भी दिखाई नहीं दे रहा था उन्हें बिल्कुल भी समझ नहीं आ रहा था;

 कि आखिर यह हो क्या रहा है और तभी अचानक त्रिमूर्ति जी को चार रखी महसूस होने लगा कि कोई उनके मुंह को दबाकर उनकी सांसे को बंद कर रहा है उसको इतने कठिन जगह में पागल त्रिमूर्ति जी ने साईं बाबा को आंखें बंद कर याद की और जैसे ही उनकी आंखें खुली का भी उसे अंधेरे से भरी सड़क पर मोमबत्ती के उजाले में एक विशाल था या नजर आई थिंक विशाल शरीर और हाथ में चिंता है और देखते ही देखते अब त्रिमूर्ति जी का झगड़ा हुआ शरीर अचानक से शांत हो गया कुछ ही पल हुए कि वह परछाई भी गायब हो गई त्रिमूर्ति जी तुरंत ही समझ गया कि आज साहिबा नहीं मेरे प्राणों की रक्षा की है उसने तुरंत जब अपने घर पहुंच कर यह सभी बात अपने घरवालों को बताया तो यह सुनने के बाद सभी के होश उड़ गए 

उसी दिन से साईं बाबा को लेकर त्रिमूर्ति जी की आस्था और भी दृढ़ हो गई वीडियो अच्छी लगी होगी तो वीडियो को लाइक शेयर एंड सब्सक्राइब जरुर कीजिएगा बहुत-बहुत धन्यवाद

मंगलवार, 5 अक्टूबर 2021

 When a 5-year-old child fell in the well, then everyone's senses were blown away seeing the miracle that Sai Baba showed, Hello friends, welcome to all of you,


 In your own YouTube channel, 

There lived a boy named Chhotu in a village in Andhra Pradesh, in his childhood, his parents left him in the stairwell of the temple, because they were unable to take care of him, the temple priest took that child to the temple. He picked it up from the ladder and started taking care of it himself. Pandit ji did not have a child of his own. That's why he started seeing that Chhotu as his child, as Chhotu grew up. That pandit ji used to narrate many more tales of Sai Baba to him,

Because she herself was worshiping in the temple of Sai Baba. Chhotu used to listen to all these stories with great enthusiasm. 1 time Chhotu's faith became very strong and strong, he used to worship Sai Baba according to the regular rules and also used to observe Sai Baba's fast on every Thursday,

After a few years, Chhotu grew up and started going to the university and one day something happened that he was surprised to see all the villagers at the time of Pandit ji; It is a matter of one day that Chhotu was returning to the university house, then on the way he saw that there was a deep well on the side of the road; And in the same pit of the well, a small dog's child is trapped between the stones,

Chotu, seeing all this, went ahead to help the child, after a lot of effort, Chhotu took that dog's child out of there but his foot slipped while walking behind and Chhotu himself fell into the well, he started drowning and he helped. But there was no one there to help him, it has been a long time when he did not understand any way, then he remembered that my father had taught me that when no one supports you, remember sai baba 

He will definitely help Chotu did the same, he prayed for help remembering Sai Baba, just now something happened that all the people got fed up seeing that the keeping on top of them suddenly came down Chhotu also pulled the rope Caught it quickly and the rope also slowly started coming up, Shortly the match came and when Chhotu came out and saw there was no one there,

He didn't understand who was pulling this person up after all. Thinking about this, he reached the Panditji of the temple and all of his own past told that Panditji to his father, Mahant Ji Panditji after listening to Chhotu. Became emotional and explained that no one else helped you but Sai Baba himself, this thing spread in the whole village and there were discussions of Sai Baba's miracles and Chotu's faith and devotion from that day onwards. Became more determined towards Sai Baba

Devotees, if you like this true incident related to Sai Baba, then like the video and subscribe to our channel and share as much as possible.


See you next time with new video till then thank you very much

गुरुवार, 8 फ़रवरी 2018

mahaashivaraatri ka mahatv

 mahaashivaraatri ka mahatv mahaashivaraatri ka vrat mahilaen kunvaaree kanyaen baalak bade-boodhe sabhee is vrat ko karake parivaar kee sukh samrddhi kee kaamana man mein karate hain kahate hain mahaadev sabakee manokaamanaen poorn karate hain sansaar mein sirph mahaadevee vah shakti the jinaka na koee aadee tha na koee ant mahaadev kee bhakti se jeev ko samast sukh maan sammaan aadi manavaanchhit phal praapt hote hain shivajee kee pooja karane se akshay puny kee praapti hotee hai shivajee ke sir par jataon ka mukut aur ganga jee shobhaayamaan thee unake bade bade neta kamal ke samaan unaka neelakanth tha vah sundarata ke bhandaar the unake mastak par jitiya ka chanda shobhit tha shivajee kee mahima teenon lokon mein vikhyaat hai unaka naam maatr lene se bhakton kee saaree samasya door ho jaatee hai yadi aap unaka vrat shraddha poorvak karenge to aapako manovaanchhit phal ke saath-saath jeevan mein saphalata kee praapti hogee shivaraatri ke din raatri jaagaran ka bada mahatv hai shiv jee ka poojan karate samay man mein om namah shivaay avashy japate rahen unako doodh chadhaakar jal se abhishek kar chanda mataka abhishek karane se sheetalata pradaan hotee hai shivaraatri ka parv phaagun maah ke krshn paksh kee chaturdashee ko mahaashivaraatri ka vishesh roop se mahatv maana jaata hai shiv puraan mein likha hai jab brahma jee aur vishnu jee ke beech is vishay ko lekar sangharsh hua ki in donon mein sabase mahaan kaun deta hai to donon ke beech bhayankar yuddh hua brahma jee aur vishnu jee ke yuddh ko dekhakar sabhee devee devata bhagavaan shree krshn bhagavaan shiv bhagavaan shiv jee ke prakaash stambh ke roop mein prakat hokar is yuddh ko poorn roop se shaant kiya jay prakaash stambh prakat hua us din kee tithi phaalgun kee krshn paksh kee chaturdashee thee is kaaran yah parv mahaashivaraatri kahalaata hai is parv ko sabhee desh videsh mein bhakti poorvak bholenaath kee pooja aaratee bhajan karake sabhee dharm ke log shraddha poorvak manaate hain is din shivajee ko dhatoora kaner ka phool sameer ka phool ganne ka ras doodh se shivajee ko snaan karaakar belapatr phool arpit kiya jaata haimahaashivaraatri ka vrat dhoomadhaam se karana chaahie jo bhee jo bhee shivajee ka vrat karata hai use poojan kee jo bhee shivajee ka vrat karata hai use poojan kee sabhee saamagree pahale ekatrit kar lenee chaahie kabhee kabhee kuchh saamagree upalabdh nahin ho paatee is kaaran doodh dahee shahad shakkar sab ko ek saath milaakar see jee ko panchaayat banaakar snaan kara len phir jaladhaara se unaka abhishek karana chaahie man mein om namah shivaay ka jaap karake poojan karana chaahie shivaling brahmaand evan niraakaar bramha ka prateek hone ke kaaran sabhee ke lie poojaneey hai jis prakaar niraakaar brahm roop rang aakaar aadi se rahit hota hai usee prakaar shivaling bhee hai vrat rahane vaale purush ko subah uthakar snaan sandhya adhikaran se nivrtt hone ke baad mastak par bhasm ka tilak aur gale mein rudraaksh maala dhaaran kar shiv mandir jaakar shreelanka vidhi poorvak poojan evan shiv jee ko namaskaar karana chaahie shiv jee ke samaksh unako namaskaar kar kahe he mahaadev aapakee krpa se yah vrat nirvighnan poorn ho aur kaam krodh log aadhee shatru mujhe peedit na karen rudraaksh dhaaran karane par bada puny praapt hota hai aur sabhee prakaar kee sukh sampatti milatee hai kahate hain somavaar ko chandr se sambandhit samast doshon ka nivaaran karane ke lie mahaadev par doodh arpit karen

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मंगलवार, 6 फ़रवरी 2018

,जिंदगी की शरूवात

।।माँ के गर्भ  से लेकर ,जिंदगी की शरूवात अथार्त जिंदगी की यात्रा खत्म होने तक भगवान कैसे मिलते हैं और साथ रहते हैं , प्रत्येक स्थिति में वर्णन।।

1.माँ के गर्भ में बच्चा 9 महीने तक उल्टे सिर तपस्या करता है और उसे अपना पुराना जन्म याद रहता है और वह अपने नए जन्म को भगवान के नाम के कीर्तन ओर भजन के लिए मांगता है।।
2. गर्भ से बच्चा मांगता है ,की जब में संसार मे अपनी यात्रा करूँगा तो भगवान आपका भजन ओर कीर्तन से इस यात्रा को सम्पात करूँगा।।
3. लेकिन जैसे ही माँ के गर्भ से बाहर आता है , वह इसलिए रोटा है कि भगवान में अपन तेरे वश से बाहर हु, लेकिन तब धर्मराज भगवान को कहते है कि में इस को किसी पीड़ा या धर्म सकंट में डाल कर आपका नाम का सिमरन या जब जब मुनष्य किसी परेशानी में होगा तो आपका भजन ओर सिमरन करेगा।।
4.हर अथवा प्रत्येक स्तिथि में मनुष्य को ये हमेशा याद रहेगा कि भगवान के भजन के बिना मुक्ति या कष्ट खत्म नई होगा।
5.भगवान ने दो हाथ दिए दान करने के लिए। दो पैर दिए तीर्थो पर घूमने के लिए। दो आँख दी ,संत का दर्शन करने के लिए। दो कान दिए ,भगवान का भजन ओर कीतर्न सुनने के लिए। जीभ दी भगवान के लिए गीत और भजन गाने के लिये।
6.कवि देख देख दुनिया का हाल रोये, भगवान ने कवि से कहा  कि जो मनुष्य जैसा कर्म करे वैसा फल पाए, कवि तू किस बात को लेकर रोये।
7.हर वक्त यही प्रार्थना करो कि भगवान में तुम्हे याद रहू या नही लेकिन में तुम्हे याद करता रहू ,आपको अपनी भगति से खुश करता रहू ओर रिझाता रहू।।
8.भक्ति का करने का नियम ,की अपने अंदर के भ्रम को मिटा कर की जाती है।। भगवान को कुछ नही चाइए बस भाव लेकर भगवान पास जाओ और भाव से भक्ति करो।। ये नही की में कुछ लेकर जाऊ तो भगवान खुश होंगे नही , सिर्फ भ्रम मिटा कर भाव से भक्ति काम आएगी प्रभु को मिलने के लिए।।
9.दिखावे की पूजा नही करो,की  हमे सभी मन्त्र आते ह विधि आती है, किताबी कीड़ा नही बनो बस जो लिखा उसी को पढ़ा और कर ली भगति, नही आने उंदर से भक्ति करो भाव से। भगवान से कहो कि हम कुछ नही जानते , विधि ,पूजा की विधि बस इतना कह कर अपने आप भगवान अपनी राह पर ले जाएगा और पता ही नही लगेगा।।
10.भगवान पर सब छोड़ दो , तुम्हारी परेशानी और कोई भी कष्ट भगवान दूर कर देंगे और तुम किसी प्रकार की टेंशन नही ले पाओगे।।
11. हर अच्छे और बुरे वक्त में धन्यवाद करो भगवान का।। बहुत कुछ सिख जाओगे
12. किसी को भगवान के बारे में कुछ सिखाने से पहले ये सोचे कि आप भी उस बात का अमल करते है या नही।।
13. किसी को उपदेश देने से पहले सोचे आपके परिवार में वैसी शांति है जो दूसरों को सिखाने जा रहे है।
14.चर्चा करनी है भगवान की करो , बेवजह किसी की निंदा नही करो।।
15.हा बस पंडाल में जाकर बैठ जाने को भक्ति नही कहते बल्कि एक एक शब्द पर ध्यान देने को भक्ति कहते हैं।।
16. प्रार्थना एक ऐसा माध्यम है जिससे बड़े से बड़े कष्ट तल जाते है।।
17. भगवान की चर्चा करने को भी भक्ति कहते है ,सत्संग कहते है ये नही की कोई महात्मा हमे कुछ बताये या कथा करे वही सत्संग है।। नही ऐसा कुछ नही।।
18. भगवान की वाइब्रेशन को अपने अंदर महसूस करो , किसी बी समय कहि भी ,किसी भी स्थिति में किसी भी स्थान पर। जहां से याद करो गे वही भगवान है और आएंगे।।
19. कहि जाने की जरूरत नही तुम जहां हो भगवान उसी ओर है, कहि नही घूमने की जरूरत, बस भाव से याद करो भगवान कहि भी आएंगे।।
20. भगवान अपने बच्चो के लिए ओर भक्त के लिए कुछ भी करने को तैयार है। बस थोड़ा भाव से भगवान को याद कर के देखो।
21. जितनी मर्जी किताबे पढ़ लो एक बात यही है कि भगवान भाव के भूखे है केवल।।
22.दान उनको करो जिनको दान की जरूरत है उनको नही जिनके घर पहले ही भरे पड़े हैं।।
23.भेड़ चाल में नही चलो बल्कि कोई परिवार का सदस्य या मित्र गलत दान या भक्ति पर जा रहा है उनकी हेल्प करो, रास्ता दिखाओ।। दुनिया की बात पर मत चलो ,बल्कि तुम दुनिया को एक तरफ रख कर भगवान के मार्ग पर भगवान का साथ लेकर चलो।।
24. भगवान की वाइब्रेशन को महसूस कर के बस जैसे जैसे अन्दर से आवाज़ आती रहे चलते जाओ।।
25. अभी से स्टार्ट करो कुछ समय लगेगा , महीने भी या कुछ साल भी भगवान को पाने के लिए क्योकि अब तक ना जाने या अनजाने में पाप तुमसे हुए है पहले को खत्म होंगे ,भगवान के नाम लेने से उसके बाद जब भगवान मिलेंगे तो नई जिंदगी स्टार्ट होगी।
26. एक टाइम रखो की भगवान से अकेले में बात करने का कहि भी बैठ कर ,किसी भी जगह बस भाव से केवल।। कोई सामग्री की जरूरत नही , किसी प्रकार का ढोंग नही ,केवल भाव की जरूरत है।।
27. भगवान के घर देर है लेकिन अंधेर नही।।
28.विश्वास करना सीखो भगवान पर।। हर स्तिथि में।।
29. ।।आरम्भ भी वही है और अनन्त भी।।
।।जन्म भी वही है और मृत्यु भी।।
।।सुख भी वही है और दुख भी।।
।।वो देव ही नही महादेव है।।
30.किसी भी पाखण्ड या अंध विश्वास में न पड़े , जो भागये में लिखा है वही मिलेगा न उससे ज्यादा या उससे कम।। बस मेहनत करते जाओ और कर्म भी , फल की इच्छा बिना रखे।।
।।जय श्री राम।।

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       *"जय श्री कृष्ण"*
           *"राधे राधे"*
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बुधवार, 24 जनवरी 2018

एक मुहीम जरूरत मंदो के लिए ३ साल से  चला रहा है कर्त्तव्य  समूह 


                               

करगी रोड कोटा --कर्तव्य समूह  विगत ३ वर्षों से  आदिवासी अंचल में जरूरत के कपड़े व शिक्षा की सामग्री बॉंट रही है , ठंड में  दीन-दुखी  व असमर्थ बच्चों को देखकर युवाओं ने वनवासियों को गर्म कपड़े बांटने मुहिम छेड़ दी एक मुहिम जरूरतमंदों के लिए चला रहा है कर्तव्य समुह    अब तक  ढाई हजार आदिवासियों को कपड़े बांट चुकी है, घर घर से कपड़े एकत्रित करना और उन्हें बांटने की प्रक्रिया लगातार जारी है, मजेदार बात यह है कि कर्तव्य नाम की इस संस्था का अगवा  कोई  एक व्यक्ति नहीं होकर सभी बराबर के हिस्सेदार है,३   साल पहले कोटा क्षेत्र के युवा चंद्र शेखर गुप्ता रामचंद्र गुप्ता चंद्रकांत जायसवाल व  युवाओं ने कर्तव्य नाम से टीम  बनाकर आदिवासियों को गर्म कपड़े बांटने की शुरुआत की थी,इन युवाओं को ठंड में आदिवासियों की मौत की खबर उन्हें झ्हकझोड़  कर रख दिया था,इन लोगों ने सोचा लोगों के अनुपयोगी गर्म कपड़े को लेकर उन्हें साफ कर  बांटने की पहल की जाए इन लोगो की इस मुहीम के लिये स्थानीय श्री साई बाबा सेवा आश्रम में कपड़े रखने का केंद्र बनाया गया।  पहली बार में ही इतने कपड़े मिल गए कि गांव में बांटने के लिए उन्हें एक गाड़ी करनी पड़ी टीम के सदस्य कपड़े बांटने से पहले उस क्षेत्र में पहले सूचना प्रसारित कर आते हैं ,टीम में शामिल युवा नौकरी व व्यापर  से जुड़े हुए हैं अपने कामों से अलग इस अभियान के लिए समय निकाल लेते हैं,

 इसी पहल में इस वर्ष  कर्तव्य की टीम ने कोटा रेल्वे स्टेशन व   बिलासपुर जिले के अचानकमार टाइगर रिजर्व एरिया के ग्राम - शिवलखार , सरई ताल, ग्राम पंचायत बड़ी करगी के  नकटा बाँधा में  जाकर बैगा आदिवासियों को गर्म कपड़े व खाई खजाना  कर्त्तव्य समूह  के द्वारा बांटा गया ,

इससे पहले जुलाई में गरीब बच्चों को शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाई होती है उन्हें पढ़ाई करने के लिए आवश्यक सामग्री चाहिए होती है, जिन सरकारी स्कूलों के बच्चों को आर्थिक तंगी की वजह से शिक्षा सामग्री उपलब्ध नहीं हो पाती नहीं हो पाती  ऐसे  गरीब बच्चों को सहयोग प्रदान किया गया था
इस मुहीम में चिंटू सोनी,नवीन गुप्ता, सूरज गुप्ता, कमलेश यादव ,अंकित सोनी ,विवेक गुप्ता , रामनारायण यादव,व करगी रोड कोटा की सभी जनता का सहयोग जारी है
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शनिवार, 6 जनवरी 2018

कर्त्तव्य समूह की एक छोटी सी पहल

आइये  एक बार फिर से मानव बनते हैं ...
दुख भरी कहानी
       

              - मैं थक-हार कर काम से घर वापस जा रहा था। कार में शीशे बंद होते हुए भी..जाने कहाँ से ठंडी-ठंडी हवा अंदर आ रही थी…मैं उस हवा आने वाले सुराख को ढूंढने की कोशिश करने लगा..पर नाकामयाब रहा।
        

          कड़ाके की ठण्ड में घंटे भर की ड्राइव के बाद मैं घर पहुंचा…
         रात के करीबन 1बज चुके थे, मैं घर के बाहर कार से आवाज देने लगा….शायद सब सो चुके थे…
         10 मिनट बाद खुद ही उतर कर गेट खोला….सर्द रात के सन्नाटे में मेरे जूतों की आवाज़ साफ़ सुनी जा सकती थी…
            कार अन्दर कर जब दुबारा गेट बंद करने लगा तभी *मैंने देखा एक 9-10साल का बच्चा, अपने कुत्ते के साथ मेरे घर के सामने फुटपाथ पर सो रहा है…एक अधफटी चादर ओढ़े हुए....

                   

        उसको देख कर मैंने उसकी ठण्ड महसूस करने की कोशिश की तो एकदम सकपका गया..

        मैंने एक महंगी जैकेट पहनी हुई थी फिर भी मैं ठण्ड को कोस रहा था…और बेचारा वो बच्चा…मैं उसके बारे में सोच ही रहा था कि इतने में वो कुत्ता बच्चे की चादर छोड़ मेरी कार के नीचे आ कर सो गया।
          मेरी कार का इंजन गरम था…शायद उसकी गरमाहट कुत्ते को सुकून दे रही थी…
          फिर मैंने कुत्ते की भगाने की बजाय उसे वहीं सोने दिया…और बिना अधिक आहट किये घर में अंदर गया…
   
जैसे ही मैंने सोने के लिए रजाई उठाई…उस लड़के का ख्याल मन में आया…सोचा मैं कितना स्वार्थी हूँ….मेरे पास विकल्प के तौर पर कम्बल ,चादर ,रजाई सब थे… पर उस बच्चे के पास एक अधफटी चादर भर ही थी… फिर भी वो बच्चा उस अधफटी चादर को भी कुत्ते के साथ बाँट कर सो रहा था और मुझे घर में फ़ालतू पड़े कम्बल और चादर भी किसी को देना का मन ही नहीं होता था…
       
यही सोचते-सोचते ना जाने कब मेरी आँख लग गयी….अगले दिन सुबह उठा तो देखा घर के बहार भीड़ लगी हुई थी


     बाहर निकला तो किसी को बोलते सुना -
            "अरे वो चाय बेचने वाला मोनू  कल रात ठण्ड से मर गया.."

       

       मेरी पलकें कांपी और एक आंसू की बूंद मेरी आँख से छलक गयी..उस बच्चे की मौत से किसी को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ा…बस वो कुत्ता अपने नन्हे दोस्त के बगल में गुमसुम बैठा था….मानो उसे उठाने की कोशिश कर रहा हो!

      
         -
   दोस्तों*, ये कहानी सिर्फ एक कहानी नहीं है ये आज के इंसान की सच्चाई है। *मानव से अगर मानवता चली जाए तो वो मानव नहीं रहता…*
           *और हम,* हम अपने लिए ही पैदा होते हैं….अपने लिए जीते हैं और अपने लिए ही मर जाते हैं
          तो दोस्तों
     

     आइये एक बार फिर से मानव बनने का प्रयास करते हैं
     - आइये  अपने घरों में बेकार पड़े कपड़े ज़रूरतमंदों के देते हैं
     - आइये  कुछ गरीबों को खाना खिलाते हैं
     - आइये  किसी गरीब बच्चे को पढ़ाने का संकल्प लेते हैं
     - आइये  एक बार फिर से मानव बनते हैं!

          कर्तव्य समूह कोटा की एक छोटी सी पहल


विनीत - चन्द्रशेखर गुप्ता, रामचन्द्र गुप्ता, चंद्रकांत जायसवाल,
          चिंटू सोनी, नवीन गुप्ता,  सूरज गुप्ता,  अंकित सोनी,
              विवेक गुप्ता
 सम्पर्क सूत्र-8602160984,9752607954,7693877080


पूजा करते समय यह चीज गिर जाए तो समझो साक्षात साईं भगवान खड़े हैं पास विशेष संकेत

 जय साईं राम स्वागत है आप सभी का आपके अपने चैनल पर तो जैसा कि आप सभी जानते हैं कि हम सभी बाबा को प्रतिमा पर मूर्ति पर माला चढ़ाते हैं घर की ...