जय साईं राम स्वागत है आप सभी का आपके अपने चैनल पर तो जैसा कि आप सभी जानते हैं कि हम सभी बाबा को प्रतिमा पर मूर्ति पर माला चढ़ाते हैं घर की पूजा में भगवान को माला चढाते हैं फूल चढ़ाते हैं और धोखे से जब वह माला गिर जाता है तो हम चिंतित हो जाते हैं कि आखिर ऐसा क्यों हुआ क्या है इसका संकेत क्या कहीं भगवान् हमसे नाराज हैं या बाबा हमसे गुस्सा है या कुछ और तरह-तरह के खेल हमारे दिल में दिमाग में चलते रहते हैं कि आखिर इसका क्या वजह हो सकता है कि जिसके कारण यह मसाला हमारा चढ़ाया हुआ जो गिर गया इन्हीं बातों को लेकर बाबा के एक भक्त ने आज कमेंट किया है जिनका नाम है कि आखिर सिंह जिन्होंने कमेंट किया है कि हम 9 गुरूवार से साईं बाबा का व्रत मन्नत मांगे हैं और मेरे पास गुरुवार का व्रत हुआ है इन पांच गुरुवार में जब हम पूजा करने बैठते हैं और जब व्रत करना प्रारंभ करते हैं तो हर गुरुवार को साईं बाबा के फोटो से चढ़ा हुआ माला गिर जाता है इसका क्या संकेत है तो देखिए मैं आपको बताना चाहूंगा कि बाबा या भगवान जिसके लिए पूजा करते व्रत करते हैं व्रत के दौरान पूजा के दौरान अगर आपके द्वारा चढ़ा वर्क फूल माला अगर गिरता है तो इसका यह संकेत है कि एक सकती जिस शक्ति के पूजा कर रहे हैं जो बारिश से आप अवश्य करें बाबा वह आपके आसपास है और आपकी प्रार्थना सुन रहे हैं आपकी मनोकामना सुन रहे हैं और आपके ऊपर अपनी अपार कृपा बनाए रखे हुए हैं इस कारण इसके यही संकेत है कि बाबा आपसे पसंद है और आपकी मनोकामना बहुत जल्द पूरी होने वाली है हम जब भी मंदिर में भी जाते हैं जब माता के कि है तो अचानक प्रतिमा से माला फूल गिर जाता है हमारे ऊपर गिर जाता है यह हमारे क्वालिटी गिर जाता है इससे यही संकेत है कि भगवान आपकी भक्ति से प्रसन्न है और आपकी अपनी अपार कृपा करने वाले हैं तो आप सभी को यह जानकारी अच्छी लगी हो तो आप वीडियो को लाइक करें चैनल पर नए सब्सक्राइब करें और बैल आइकॉन ऑपरेशन जरूर करें हम मिलेंगे अगली बार एक नई वीडियो के साथ तब तक के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद ओम साईं
शुक्रवार, 28 जनवरी 2022
बुधवार, 5 जनवरी 2022
Everyone was stunned to see Shiva incarnated in the river Ganges to save the life of his devotee #shiv #ganga
What happened when Mahadev himself reached to save the life of the devotee while bathing in the Ganges 'Then seeing what happened, everyone's hair stood up.
Har Har Mahadev Hello friends, a warm welcome to all of you in our YouTube channel. If any devotee sincerely believes in Mahadev. So Mahadev does not let his faith break, such a true incident happened with Kamlesh ji and his mother living in Charani village of Rajasthan. By the way, Kamlesh ji is a great devotee of Mahadev.But when Kamlesh ji takes a dip in the river Ganges, suddenly the flow of water becomes very fast there, and Mahesh ji starts drowning in that, Mahesh ji's old mother gets very worried seeing this, quickly By running, his old mother starts asking people for help. Now Kamlesh ji's condition starts deteriorating very much. He suddenly starts swimming in the flow of water. But it is said that no devotees, if you have Mahadev's hand on you, then also Kaal. Nothing can harm you.Then suddenly Kamlesh ji gets the hand of a sage there, Kamlesh ji reaches the shore holding that sage's hand, but when he comes to his senses, then when he sees there, the sadhus disappear there Kamlesh. Ji and his old mother understand that this is not protected by anyone else but Mahadev himself, friends, Mahadev definitely protects his devotees, just our faith and devotion should be true towards him, hope today's videoIf you liked today's video, if you liked it, then please like share and subscribe the video,
See you next time with a special video thank you very much
शनिवार, 16 अक्टूबर 2021
जब अपने भक्त को बचाने खुद साईं बाबा दौड़े चले आए फिर जो चमत्कार हुआ उसे देखकर लोगों के होश उड़ गए
क्या हुआ जब बाढ़ में फंसे भक्तों को बचाने स्वयं साइन आपको आना पड़ा और फिर जो चमत्कार हुआ उसे देखकर सभी लोग हैरान हो गए ओम साईं राम दोस्तों नमस्कार हमारे YouTube चैनल में आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है दोस्तों आज हम आपको कंगना ठाकुर के साथ हुए आईनाथ की ऐसी सच्ची घटना सुनाने जा रहे हैं जिसे सुनकर आपके भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे इसे सुनकर आपके पैरों तले ज़मीन खिसक जाएगी दरअसल दोस्तों हम बात कर रहे हैं बाल घाटी में रहने वाली कंगना ठाकुर की जिन्होंने हमारे साथ ही बाबा की एक ऐसी सच्ची घटना शेयर की है और बताया है कि कैसे स्वयं ही बाबा ने बाढ़ के दौरान उनके प्राणों की रक्षा की दोस्तों कंगना ठाकुर बताती है कि वह साईं बाबा को दिल से मानती है और निस्वार्थ होकर उनकी पूजा पाठ भी जिया करती है वह कहती है शायद मेरी भक्ति से प्रसन्न होकर बहुत के मुझसे आकर स्वयं साईनाथ ने मेरे प्राणों की रक्षा की थी हेलो दोस्तों इस बात में आज भी कोई दो राय नहीं है जो भक्त सच्ची श्रद्धा से साईं बाबा को याद करता है तो अवश्य ही साईंनाथ उनकी मुराद सुनकर किसी ना किसी रूप में दौड़े चले आते हैं तो आइए दोस्तों जानते हैं कि कैसे साईनाथ ने अपने भक्तों को बाहर निकालकर कंगना ठाकुर की रक्षा की दोस्तों बाल घाटी के छोटे से गांव में रहने वाली कंगना ठाकुर जी साईं बाबा के एक अनन्य भक्त थी वह हर रोज सुबह उठकर कायनात के मूर्ति में दूध अर्पण किया करती थी उसके बाद ही वह अपने दिनचर्या के कामों को शुरू किया करती थी गांव वाले भी कंगना की भक्ति को देखकर बहुत ही खुश रहते थे बात उस समय की है जब बाल घाटी के मौसम बिल्कुल खराब हो चुका था बिल्कुल सुबह से ही बहुत बारिश हो रही थी कहना जी बताती हैं यह वह बारिश होते हुए भी साईं बाबा को दूध अर्पण करने मंदिर चले जाती है घरवालों के बहुत समझाने के बाद भी कंगना मानती और साईं बाबा के मंदिर चली जाती है कंगना जी बताती है कि शायद साईं बाबा उनकी परीक्षा लेना चाह रहे थे इसीलिए उन्होंने हार नहीं मानी और तेज बारिश में भी मंदिर के तरफ निकल गई जैसे ही कंगना आगे बढ़ने को निकली अ चाहत स्वरों से बारिश होने लगी आसमान में बहुत जोरों शोरों से बिजली कड़कने लगी थी मानो जैसे कोई बादल फटने वाले हैं ऐसे मौसम को देखकर कंगना जी साईं बाबा का नाम लेते हुए मंदिर के तरफ निकल रही थी जैसे ही वह आगे बढ़ी रही थी लोग कहना ने देखा वहां के नदी पर बहुत तेज तूफान पैदा हो रही है उन्होने देखा आदि में तेज पानी के लहरें उत्पन्न हो रही है जो लगातार बहुत तेजी से उनकी तरफ बढ़ रही है लेकिन कंगना जी फिर भी नही रुकी और साईं बाबा का नाम लेते हुए वह आगे बढ़ने लग जाती है तब यह बहुत ही भयानक पानी की लहर कंगना से टकराती है और जिसके कारण कंगना पानी में डूबने लग जाती है एक पल लिए कंगना को लगता है कि शायद उनका आखिरी समय आ चुका है लेकिन कंगना अपने परिवार को ना याद करते हुए सच्चे मन से साईं नाथ का चालीसा पढ़ने लग जाती है पानी में सांस ना लेने की वजह से अंगना बेहोश हो जाती है तभी कंगना को ऐसा सपना देखता है जिसे देखकर वह फूट-फूट कर रोने लग जाती है व्युत्क्रम है वह साक्षात साईं बाबा के सामने खड़ी हुई थी साईं बाबा उससे पूछते हैं लिए प्रिय भक्त जब तुम्हें पता था कि तुम्हारा आखरी समय आ चुका है फिर भी तुम्हारे मुख पर केवल मेरा ही नाम क्यों था तो कंगना कहने लग जाती है यह साईनाथ मैंने बचपन से यह और केवल आपको ही पूजा है मैं जानती थी कि मैं अपने जीवन में अगर इसी तरीके से सच्ची श्रद्धा भाव से पूजा-पाठ आपके प्रति करते रहूंगी तो आप एक ना एक दिन मुझे दर्शन जरूर देंगे और मेरा जीवन हमेशा के लिए सफल हो जाएगा साहिबा मंद-मंद मुस्काते हैं और कंगना से कहने लग जाते हैं कि जब मृत्यु नजदीक कि दो बड़े से बड़ा भक्त भी केवल और केवल अपने परिवार को याद करता है उस माह को याद करता है जिसने उसे बचपन से पाला हो लेकिन तुम्हें देख कर आज मुझे यकीन हो गया कि मुझसे भी बड़ा कोई है वह लोग केवल मेरा भक्त ही है और तभी साईं बाबा अपना हाथ उठाते हैं और भक्तों के ऊपर रखते हैं और कहते हैं अस्तु और तभी अचानक कंगना की आंखें खुल जाती है और कंगना देखती है कि उनके नजदीक ही एक साधु बाबा गुज़रे हैं वह अपने आपको साईं बाबा के मंदिर में पाती है जहां पर साईं बाबा के मंदिर के पास ही एक सफेद पोशाक पहना हुआ एक साधु खड़ा हुआ था और कंगना उन्हें देखकर बहुत ही घबरा जाती है लेकिन वह पल भर में ही समझ जाती है यह कोई और नहीं बल्कि स्वयं साईं बाबा ही है जिन्होंने नदी में डूबने से इन के प्राणों की रक्षा की है और क्षण भर में ही उतर नहीं वे साधु बाबा कहां गायब हो जाते हैं
मंगलवार, 5 अक्टूबर 2021
नदी में डूब रहे इस भक्त की जान बचाने दौड़े चले आए साईं फिर जो हुआ उसे देखकर आप भी हैरान हो जाओगे
जब कुआ मैं गिरा 5 साल का बच्चा, फिर साईं बाबा ने जो चमत्कार दिखाया, उसे देखकर सभी के होश उड़ गए नमस्कार दोस्तों आप सभी का स्वागत है,
आपके अपने YouTube चैनल में,
आंध्र प्रदेश के एक गांव में छोटू नाम का एक लड़का रहता था, बचपन में ही उसके माता-पिता ने उसे मंदिर के सीढ़ी में छोड़ दिया था, क्योंकि वह उसका लालन पालन करने में असमर्थ थे, मंदिर के पुजारी ने उस बच्चे को मंदिर के सीढ़ी से उठा लिया और खुद ही उसका लालन-पालन करने लगा. पंडित जी का स्वयं का खुद संतान नहीं था. इस लिए वह उस छोटू को अपने बच्चे के रूप में देखने लगे छोटू जैसे-जैसे बड़ा हुआ. उस पंडित जी ने उसे साईं बाबा के अनेक किस्से और चमकदार सुनाया करते थे,
क्योंकि वह खुद साईं बाबा के मंदिर के ही पूजा रही थी. छोटू यह सभी कहानियां बड़े उत्साह पूर्वक होकर सुनता था.1 समय छोटू की आस्था बड़ी प्रबल और दृढ़ हो गई वह नित्य नियम के अनुसार साईं बाबा की पूजा पाठ किया करता था और प्रत्येक गुरुवार को साईं बाबा का व्रत भी रहा करता था,
कुछ ही वर्षों बाद छोटू बड़ा होकर विश्वविद्यालय जाने लगा और खेल एक दिन ऐसा कुछ हुआ कि वह पंडित जी के समय सभी गांव वाले देख कर हैरान हो गए ;एक दिन की बात है छोटू विश्वविद्यालय के घर की ओर लौट रहा था तब राह में उसने देखा कि सड़क किनारे एक गहरा कुआं है; और वही पात में कुएं के तो पत्थरों के बीच एक छोटा सा कुत्ता का बच्चा फंसा हुआ है छोटू यह सब देखकर उससे कि बच्चे की मदद करने के लिए आगे बढ़ा बड़ी मशक्कत के बाद छोटू ने उस कुत्ते के बच्चे को वहां से निकाल लिया परंतु पीछे होते हुए उसका पांव फिसल गया और छोटू खुद कुएं में जा गिरा वह डूबने लगा और उसने मदद के लिए लोगों को आवाज देना शुरू किया परंतु वहां पर कोई नहीं था, जो उसकी मदद के लिए आ होठों को मदद की आवाज लगाते हुए बहुत समय हो गया जब उसे कोई मार्ग समझ नहीं आया तब उसे याद आया कि मेरे पापा ने मुझे सिखाया था कि जब कोई साथ ना दे तो साईं बाबा को याद करो वह सहायता अवश्य ही करेंगे छोटू ने वैसा ही किया उसने साईं बाबा को याद करते हुए यह मदद की प्रार्थना की अभी कुछ ऐसा हुआ जिसे देख कर सभी लोग तंग हो गए वे के ऊपर रखी हुई रखती अचानक से नीचे आ गई छोटू ने रस्सी को भी झट से पकड़ लिया और रस्सी भी अब धीरे-धीरे ऊपर आने लगी कुछ ही समय मैच छोटू आ गया और जब छोटू ने बाहर आकर देखा तो वहां पर कोई नहीं था ,उसे समझ नहीं आया कि यह व्यक्ति आखिर ऊपर खींच कौन रहा था' वह तो इस बात को सोचता हुआ मंदिर के पंडित जी के पास पहुंचा और अपनी आप बीती सभी उस पंडित जी को मतलब अपने पापा को बताया छोटू की बात सुनकर महंत जी पंडित जी भावविभोर हो गए और समझाया कि तुम्हारी सहायता किसी और ने नहीं की बल्कि स्वयं साईं बाबा ने की है यह बात पूरे गांव में फैल गई और चारों ओर साईं बाबा के चमत्कार और छोटू की आस्था और भक्ति की चर्चाएं होने लगी उस दिन से छोटू की आस्था साईं बाबा के प्रति और भी अधिक दृढ़ हो गई
भक्तों अगर आपको साईं बाबा से जुड़ी यह सत्य घटना अच्छी लगी हो तो वीडियो को लाइक करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब करें और ज्यादा से ज्यादा शेयर भी करें
मिलेंगे अगली बार नई वीडियो के साथ तब तक के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद
शुक्रवार, 1 अक्टूबर 2021
जब पागल बैल से अपने भक्त की जान बचाने साईं बाबा दौड़े चले आए , फिर जो हुआ हैरान कर देने वाला था
हेलो दोस्तों आखिर इस दिन ऐसा क्या हुआ जब एक खतरनाक बैल से अपने भक्तों को बचाने स्वयं शिर्डी के साईं नाथ तोड़ लें फिर जो हुआ उसे देखकर वह भी हैरान हो गए नमस्कार दोस्तों हमारे YouTube चैनल में आप सभी का हार्दिक हार्दिक स्वागत है दोस्तों वैसे तो हम आप सभी को साईं बाबा के अनेक चमत्कार दिखाए सुना हैं पर इस वीडियो को देखकर आपके भी पैरों तले ज़मीन खिसक जाएगी तो दोस्तों इस वीडियो को शुरू से लेकर अंत तक जरुर देखिएगा इस वीडियो को देखने के बाद आप भी केवल यही कहेंगे इस यह भी भला मुमकिन है जी हां दोस्तों यह आज के समय में भी मुमकिन है वीडियो शुरू करने से पहले सच्ची श्रद्धा के साथ कमेंट बॉक्स में ओम साईं राम जरूर लिखिएगा इससे क्या है वीडियो के शुरूआती अच्छी होगी तो चलिए दोस्तों वीडियो शुरू करते हैं दोस्तों यह सच्ची घटना हमें भेज कि हरियाणा के फरीदाबाद में रहने वाले पुष्पेंद्र जी ने पुष्पेंद्र जी बताते हैं कि वह साईं बाबा का हर दिन पूजा भक्ति सच्चे मन से किया करते रहे हों कोई भी कार्य की शुरुआत करते तो सबसे पहले साईं बाबा की तस्वीर लगाकर सच्चे मन से अपनी आस्था व भक्ति के साथ साईं बाबा का पूजा करते उसके बाद ही वह कार्य प्रारंभ करते एक दिन की बात है जब उन्हें काम के सिलसिले में घर से बाहर जाना था वह कार में अपने काम के लिए निकल गए तभी अचानक एक बड़ा सा भयानक सब बैल उनकी तरफ वह बहुत तेजी से आते हुए देखा उससे अपनी और देखकर पुष्पेंद्र जी बहुत ही डर गए और अपनी कार तुरंत रोक दिए जब का रुक गई तभी उस खतरनाक बैल ने हमला करना चालू कर दिया वह उनके कार्य के चक्के को अपने सिंह से बहुत ही तेजी से झटके मार मार कर ऊपर उठाने लगा जिसे देखकर मैं काफी डर गए और बस फिर क्या था अपने मन साहिबा को सच्चे मन से याद करने लगे और कहने लगे कि हे साईं बाबा मेरे प्राणों की रक्षा करो फिर कुछ ऐसा चमत्कार हुआ जिसे अपनी आंखों से देखकर बहुत हैरान हो गए और उन्हें साईं बाबा के चमत्कारों में और भी अधिक आस्था बढ़ गई होता कुछ ऐसा है कि कुत्ता उनकी तरफ दौड़ते हुए आता है और बैल को भिगोकर भगा देता है और है तो लगा था यह बैल अब उन्हें जिंदा नहीं छोड़ेगा लेकिन पता नहीं कहां से उस सुनसान जगह में एक कुत्ता उनकी प्राणों की रक्षा करने आ जाता है उन यह सब केवल और केवल साईं बाबा का चमत्कार लगा और उसी दिन के बाद उनकी आस्था साईं बाबा के प्रति और भी कई गुना अधिक बढ़ गए दोस्तों आपको क्या लगता है यह स्वयं शिर्डी के साईं नाथ का चमत्कार था या फिर कुछ और नीचे हमें कमेंट करके जरूर बताइएगा अगर आपको वीडियो अच्छी लगी हो तो इस वीडियो को लाइक कीजिएगा शेयर कीजिए का यह and चैनल को सब्सक्राइब कीजिए झाल इसे होगा क्या हमारी सभी आने वाली लेटेस्ट वीडियो आपको सबसे पहले मिलेगी तो भक्तों मिलेंगे अगले वीडियो में तब तक के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद
नागिन का गुस्सा जब कहर बनकर इस गांव के लोगों पर टूटा,तब साईं दौड़े चले आए #ichchadharinagin #nagin
जब अपने भक्तों को सांप से बचाने साईं बाबा चले निरहुआ उसे देखकर आपके भी होश उड़ जाएंगे जय साईं राम दोस्तों कि नमस्कार दोस्तों हमारे YouTube चैनल साईं जीवन माला में आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है आज हम आपको साईं बाबा के चमत्कार की एक ऐसी सच्ची घटना सुनाने जा रहे हैं जिसे सुनने के बाद आप के भी रौंगटे खड़े हो जाएंगे और साईं बाबा के प्रति आपकी आस्था और विश्वास कई गुना अधिक बढ़ जाएगी दरअसल दोस्तों हम बात कर रहे हैं जबलपुर के रहने वाले विक्रम जी की जिन्होंने हमारे साथियों सच्ची घटना शेयर की है और बताया है कि कैसे उस दिन साईं बाबा जी ने उनकी कारों की रक्षा की है अगर उस दिन साईं बाबा का चमत्कार नहीं होता तो वह सांप के जहर से मच गए होते तो आइए दोस्तों जानते हैं कैसे तो हम साईं बाबा अपने भक्तों विक्रम की प्राण बचाए दोस्तों जबलपुर के रहने वाले विक्रम जी बताते हैं कि वह साईं बाबा के कैसे अनंत भक्त है और उनकी श्रद्धा इनका अस्तित्व है आज इनकी श्रद्धा का विक्रम आपसे अपने वाले हैं उस तो विक्रम जी के पिताजी लंबे समय से बीमार चल रहे थे हैं लकवा मार चुका था इस वजह से वह चल नहीं पाते थे और इस वजह से इनको बहुत तकलीफ झेलना पड़ता था हर जगह विक्रम जी ने अपने पिता जी का इलाज कराया और साथ ही पैसों का भी बहुत खर्च किया लेकिन उनके पिताजी के तबीयत में कोई सुधार नहीं आया जब भी विक्रम डॉक्टर से पूछता कि मेरे पिताजी कब पूरी तरह से ठीक होंगे तो डॉक्टर बार-बार यही कहते यह सब भगवान भरोसे हैं विक्रम जी बताते हैं कि एक दिन उन्होंने सोचा जब सब कुछ उन्होंने करा कि देख लिया तो क्यों ना एक बार साईं बाबा के मंदिर में जाकर देखा जाए और साईं दरबार में मेरे पिताजी के लिए प्रार्थना कराया जाए मैंने सुना था छत्तीसगढ़ में स्थित साईं बाबा का मंदिर एक ऐसा मंदिर है जहां पर कई भक्तों की ओर कि पूरी हो चुकी है यहां के लोगों की मान्यता है कि यहां साईं बाबा के दर्शन के बाद सारी मनोकामना पूर्ण हो जाती है यही सोचकर विक्रम जी वहीं चले गए थे
कि जब वह साईं बाबा के दर्शन करने बैठे हुए थे तभी एक जहरीले सांप ने उन्हें डस लिया और एकदम से विक्रम जी को चक्कर आने लगा विक्रम जी को लगा कि वह अब नहीं बच पाएंगे और उस समय उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आवाज भी नहीं निकल पा रही थी वह किसी को मदद के लिए आवाज भी नहीं निकल पा रहे हैं तो आप यही सोच रहे थे कि अगर उन्हें कुछ हो गया और उनके पिताजी का कौन ध्यान रखेगा विक्रम जी मन ही मन बस साईं बाबा का नाम हे ने लग जाते हैं और कुछ ही देर में वह बेहोश हो गया जब उन्हें होश आया तो मंदिर के आश्रम में वह अपने आपको लेटा हुआ देखते हैं उनके शरीर से साफ करता है पूरे तरीके से निकल चुका था तभी पंडित जी आए और कहने लगे तुम्हारी जान स्वयं साईं बाबा जी ने बताइए वरना इतने जहरीले सांप से बचते हुए आज तक किसी को नहीं देखा और तुम्हारी जान तो स्वयं उमराव ने बचाई है तो विक्रम जी ने पंडित जी से पूछा कि मेरी जान किसने बचाई है तो पंडितजी ने बताया कि जब तुम बेहोश हो गए थे अब एक सपेरा आया उसने अपने टोटके तुम पर किए और जिन्हें तुम्हारे शरीर से निकाल दिया यह सब देखकर हम हैरान हो गए थे यहां दूर-दूर तक कोई सपेरा नहीं रहता और यह अचानक से कहां से आ गया उन्होंने विक्रम जी को बताया कि सपेरा आया और तुम्हारे शरीर से सारा घर निकालकर अलग गया वह किसी चमत्कार से कम नहीं था वह दें साईं बाबा ही उन्हें बचाने सपेरे के रूप में आए थे यह सुनकर वह रो पड़े और साईं बाबा को शत-शत नमन किया आज उन्हीं की कृपा से वह जीवित है और जब विक्रम घर वापस आ गए तो उनके पिताजी के स्वास्थ्य में भी सुधार आया यह सब चमत्कार साहिबा ही कर रहे थे दोस्तों मैं आपको यह जरूर यह बताना चाहूंगा कि अगर जीवन में किसी भी प्रकार की कोई भी तकलीफ हो तो एक बार साईं बाबा के दर्शन अवश्य कर लीजिए जवाब की मदद अवश्य करेंगे वह तो आपको क्या लगता है विक्रम जी की जान बचाने स्वयं साईं बाबा सपेरे के रूप में आए थे या मात्र यह एक संयोग था हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताइएगा जय साईं राम अ कर दो कर दो
कि अ कर दो
कि अ अजय को कर दो
कर दो कर दो
कर दो
कर दो अजय को कर दो कर दो कर दो
रूसी अजय को
कर दो
सऊदी डी सॉरी आं आं
कर दो
अजय को कि हम अच्छी तो साईं देना था ऐड
पूजा करते समय यह चीज गिर जाए तो समझो साक्षात साईं भगवान खड़े हैं पास विशेष संकेत
जय साईं राम स्वागत है आप सभी का आपके अपने चैनल पर तो जैसा कि आप सभी जानते हैं कि हम सभी बाबा को प्रतिमा पर मूर्ति पर माला चढ़ाते हैं घर की ...
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