शुक्रवार, 28 जनवरी 2022

पूजा करते समय यह चीज गिर जाए तो समझो साक्षात साईं भगवान खड़े हैं पास विशेष संकेत

 जय साईं राम स्वागत है आप सभी का आपके अपने चैनल पर तो जैसा कि आप सभी जानते हैं कि हम सभी बाबा को प्रतिमा पर मूर्ति पर माला चढ़ाते हैं घर की पूजा में भगवान को माला चढाते हैं फूल चढ़ाते हैं और धोखे से जब वह माला गिर जाता है तो हम चिंतित हो जाते हैं कि आखिर ऐसा क्यों हुआ क्या है इसका संकेत क्या कहीं भगवान् हमसे नाराज हैं या बाबा हमसे गुस्सा है या कुछ और तरह-तरह के खेल हमारे दिल में दिमाग में चलते रहते हैं कि आखिर इसका क्या वजह हो सकता है कि जिसके कारण यह मसाला हमारा चढ़ाया हुआ जो गिर गया इन्हीं बातों को लेकर बाबा के एक भक्त ने आज कमेंट किया है जिनका नाम है कि आखिर सिंह जिन्होंने कमेंट किया है कि हम 9 गुरूवार से साईं बाबा का व्रत मन्नत मांगे हैं और मेरे पास गुरुवार का व्रत हुआ है इन पांच गुरुवार में जब हम पूजा करने बैठते हैं और जब व्रत करना प्रारंभ करते हैं तो हर गुरुवार को साईं बाबा के फोटो से चढ़ा हुआ माला गिर जाता है इसका क्या संकेत है तो देखिए मैं आपको बताना चाहूंगा कि बाबा या भगवान जिसके लिए पूजा करते व्रत करते हैं व्रत के दौरान पूजा के दौरान अगर आपके द्वारा चढ़ा वर्क फूल माला अगर गिरता है तो इसका यह संकेत है कि एक सकती जिस शक्ति के पूजा कर रहे हैं जो बारिश से आप अवश्य करें बाबा वह आपके आसपास है और आपकी प्रार्थना सुन रहे हैं आपकी मनोकामना सुन रहे हैं और आपके ऊपर अपनी अपार कृपा बनाए रखे हुए हैं इस कारण इसके यही संकेत है कि बाबा आपसे पसंद है और आपकी मनोकामना बहुत जल्द पूरी होने वाली है हम जब भी मंदिर में भी जाते हैं जब माता के कि है तो अचानक प्रतिमा से माला फूल गिर जाता है हमारे ऊपर गिर जाता है यह हमारे क्वालिटी गिर जाता है इससे यही संकेत है कि भगवान आपकी भक्ति से प्रसन्न है और आपकी अपनी अपार कृपा करने वाले हैं तो आप सभी को यह जानकारी अच्छी लगी हो तो आप वीडियो को लाइक करें चैनल पर नए सब्सक्राइब करें और बैल आइकॉन ऑपरेशन जरूर करें हम मिलेंगे अगली बार एक नई वीडियो के साथ तब तक के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद ओम साईं

गुरुवार, 6 जनवरी 2022

 क्या हुआ जब गंगा स्नान कर रहे ,भक्त की जान बचाने स्वयं महादेव पहुंच गए 'फिर जो हुआ उसे देखकर सभी लोगों के रोंगटे खड़े हो गए,

 हर हर महादेव नमस्कार दोस्तों हमारे YouTube चैनल में आप सभी लोगों का हार्दिक स्वागत है. यदि कोई भी भक्त दिल से महादेव पर विश्वास रखता है. तो महादेव उसका विश्वास टूटने नहीं देते ऐसी ही सच्ची घटना राजस्थान के चरणीय गांव में रहने वाले कमलेश जी और उनकी मां के साथ घटित हुई. कमलेश जी वैसे तो महादेव के बहुत बड़े भक्त है .


 लेकिन कमलेश जी जब गंगा नदी में डुबकी लगाते हैं तभी अचानक वहां पर पानी का बहाव बहुत ही तेज हो जाता है ,और उसी में महेश जी डूबने लग जाते हैं, महेश जी की बूढ़ी मां यह देखकर बहुत ही चिंतित हो जाती है, जल्दी से दौड़कर उसकी बूढ़ी मां लोगों से मदद मांगने लग जाती है. अब कमलेश जी की हालत बहुत ही बिगड़ने लग जाती है .पानी के बहाव में वह अचानक ही तैरने लग जाते हैं .परंतु कहते हैं ना भक्तों अगर आप पर महादेव का हाथ हो तो काल भी. आपका कुछ नहीं बिगाड़ सकता.

 तभी अचानक कमलेश जी को एक साधु का वहां पर हाथ बिक जाता है, कमलेश जी उस साधु का हाथ पकड़े पकड़े किनारे तक पहुंचते हैं किंतु जब उन्हें होश आ जाता है ,तो जब वहां पर देखते हैं तो वहां पर साधु गायब हो जाते हैं कमलेश जी और उनकी बुढ़ी मां यह समझ जाते हैं यह हमारा रक्षा कोई और नहीं बल्कि स्वयं महादेव ने किया है दोस्तों महादेव अपने भक्तों की रक्षा जरूर करते हैं बस हमारी आस्था और भक्ति उनके प्रति सच्ची होनी चाहिए आशा करता हूं आज की वीडियो आपको अच्छी लगी होगी अच्छी लगी होगी तो वीडियो को लाइक शेयर एंड सब्सक्राइब जरुर कीजिएगा,

 मिलेंगे अगली बार एक खास वीडियो के साथ बहुत-बहुत धन्यवाद

Sai himself came to return the lost purse of a devotee going to shirdi, then everyone including the bus driver were stunned.

 When the lost purse of his devotees returned during the Shirdi yatra, they themselves went to Shirdi after seeing Sai Nath, everyone's senses were blown away Hello friends, all of you are warmly welcome to our YouTube channel, friends, you believe in Sai Baba or not, but Sai We keep seeing and hearing the miracle of

Those who have shared their experience with us, so let's know friends, what happened on this day that the flood of MCD had to come to their devotees or if it happened to return, then let's know the story of Anju Sharma, her friends, my name is Anju Sharma. By the way, I fast on every Thursday of Sai Baba that I believe in Sai Baba wholeheartedly, I am an exclusive devotee of Sai Baba. about 2018 as far as i remember
It was the month of April. I was going to Shirdi to travel by bus because I used to worship Sai selflessly. Baba had infinite grace on me. Sai never let me down when I left for Shirdi by bus. Yes, suddenly a big shark person came and started begging from him, I saw that no one is giving him and he was very helpless and disappointed that the condition was not seen from me, I immediately took out fifty rupees and started fast, everything is going well. Had been
Suddenly I fell asleep when I woke up, I saw that my mobile offers were not at my place, I was very cheap after seeing this, I started remembering Baba and started saying that I do not even have any money and everything Money is also there, my atm card was also in it.
So I came in front of Baba, I said that I always feed the poor and help the needy, I am no one in this world, my father, remove my sorrows, I have come back saying that I have come to the bus. I had made a reservation for both of them to go, due to which I had no problem in coming home, I had spent some time at home that I was sleeping disappointedly on the terrace, then suddenly I saw that the person to whom I had given ₹ 50 was The wind felt outside my house that I was on the terrace and as soon as I reached I saw that
There was no one there, I asked the worker from my home, then came to know that yes had come here, he said that in this committee of the house, I sat and narrated the whole thing to the worker in detail, she was also surprised to hear that too. I started telling me that Baba himself had come, you have seen your lost labor approach, you have seen that there is power in real devotion, whenever you call on Sainath with a sincere heart, Sai Baba comes running in some form or the other, just our devotion. the power must be unwavering towards them

shirdi जा रहे भक्त का खोया हुआ पर्स लौटाने स्वयं आए साईं , फिर जो हुआ बस ड्राइवर सहित सभी हो गए दंग

  जब शिरडी यात्रा के दौरान अपने भक्तों का खोया हुआ पर्स लौटा ने स्वयं गए शिर्डी के सांई नाथ देख कर उड़ गए सभी के होश नमस्कार दोस्तों हमारे YouTube चैनल में आप सभी लोगों का हार्दिक स्वागत है दोस्तों आप साईं बाबा को माने या ना माने लेकिन साईं का चमत्कार हमें देखने और सुनने को मिलता रहता है और ऐसी ही सच्ची घटना हुई कानपुर के रहने वाली अंजू शर्मा जी के साथ 

जिन्होंने अपना अनुभव हमारे साथ साझा किया है तो चलिए दोस्तों जानते हैं कि आखिर इस दिन ऐसा क्या हुआ जो एमसीडी के सैलाब को आना पड़ा अपने भक्तों का हो या हुआ वापस लौटाने तो आइए जानते हैं अंजू शर्मा की कहानी उनकी जुबानी दोस्तों मेरा नाम अंजू शर्मा है वैसे तो मैं साईं बाबा की हर गुरुवार व्रत कि वह साईं बाबा को दिल से मानती हूं मैं साईं बाबा की एक अनन्य भक्त हूं हाल ही में मेरे साथ बाबा ऐसी घटना घटी थी जिसे जीते जी मैं कभी भी भूल नहीं पाऊंगी दोस्तों यह बात है करीब 2018 कि जहां तक मुझे याद है 

अप्रैल का महीना था मैं बस से यात्रा करने शिर्डी जा रही थी क्योंकि मैं निस्वार्थ भाव से साईं की पूजा करती थी बाबा की मुझ पर असीम कृपा बनी हुई थी कभी भी साईं मुझे निराश नहीं होने देते थे मैं जब बस से शिरडी के लिए निकल है जी तभी अचानक एक बड़ा शार्क व्यक्ति आकर उससे भीख मांगने लगा मैंने देखा कि उसे कोई भी नहीं दे रहा है और वह बहुत ही लाचार व निराश था कि हालत मुझसे देखी नहीं गई मैंने तुरंत पचास रुपए निकालकर तेज बरस को शुरू हुई सभी कुछ अच्छा चल रहा था 

अचानक से मेरी नींद लग गई जब मैं उठी तो मैंने देखा कि मेरा मोबाइल ऑफर्स मेरे जगह पर नहीं था मैं यह देखकर बहुत ही चीप हो गई थी मैं बाबा को याद करने लगी और कहने लगी मेरे पास तो अभी कुछ पैसे भी नहीं और सब जितने भी पैसे हैं उसी में थे साथ मेरा एटीएम कार्ड भी उसी में था मैं बहुत घबरा मेरा सब कुछ उसी में मैं किसी से बात नहीं कर सकती थी क्योंकि मेरा फोन कहां था 

तो मैंने बाबा के सामने आई मैंने कहा कि मैं तो हमेशा गरीबों को भोजन करती हूं और जरूरतमंदों की मदद करती हूं मैं हूं तो इस दुनिया में कोई नहीं मेरे पापा मेरी दुख परेशानियां दूर करो यह कह कर मैं वापस आ गई हूं मैंने बस का आने-जाने का दोनों का रिजर्वेशन करा रखा था जिस कारण घर तक आने में मुझे कोई परेशानी नहीं मुझे घर पर कुछ समय व्यतीत हुआ था कि मैं छत पर निराश होकर सो रही थी तभी अचानक मैंने देखा कि जिस व्यक्ति को मैंने ₹50 दी थी वह मेरे घर के बाहर हवा लग रहा था कि मैं छत पर थी और जैसे पहुंची तो मैंने देखा कि


वहां पर कोई नहीं था मैंने अपने घर से काम वाली से पूछा तो पता चला कि हां यहां पर आए थे उन्होंने कहा कि यह घर के उसे यह समिति में मैंने सारी बात बैठकर काम वाली को विस्तार से सुनाई उसे सुनकर वह भी अचंभित थी वह भी मुझसे यही कहने लगी कि स्वयं बाबा आए थे आपका खोया हुआ परिश्रम अप्रोच टो देखा आपने कि असली भक्ति में ही शक्ति होती है अगर आप सच्चे मन से जब भी साईनाथ को पुकारे तो साईं बाबा किसी ना किसी रूप में दौड़े चले आते हैं बस हमारी भक्ति शक्ति उनके प्रति अटूट होनी चाहिए

बुधवार, 5 जनवरी 2022

Everyone was stunned to see Shiva incarnated in the river Ganges to save the life of his devotee #shiv #ganga

 What happened when Mahadev himself reached to save the life of the devotee while bathing in the Ganges 'Then seeing what happened, everyone's hair stood up.


 Har Har Mahadev Hello friends, a warm welcome to all of you in our YouTube channel. If any devotee sincerely believes in Mahadev. So Mahadev does not let his faith break, such a true incident happened with Kamlesh ji and his mother living in Charani village of Rajasthan. By the way, Kamlesh ji is a great devotee of Mahadev.
But when Kamlesh ji takes a dip in the river Ganges, suddenly the flow of water becomes very fast there, and Mahesh ji starts drowning in that, Mahesh ji's old mother gets very worried seeing this, quickly By running, his old mother starts asking people for help. Now Kamlesh ji's condition starts deteriorating very much. He suddenly starts swimming in the flow of water. But it is said that no devotees, if you have Mahadev's hand on you, then also Kaal. Nothing can harm you.
Then suddenly Kamlesh ji gets the hand of a sage there, Kamlesh ji reaches the shore holding that sage's hand, but when he comes to his senses, then when he sees there, the sadhus disappear there Kamlesh. Ji and his old mother understand that this is not protected by anyone else but Mahadev himself, friends, Mahadev definitely protects his devotees, just our faith and devotion should be true towards him, hope today's video
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 See you next time with a special video thank you very much

जब चुड़ैल से अपने भक्त की जान बचाने आए साईं बाबा,फिर जो हुआ देखकर उड़ गए गए सभी के होश #sai #truesto

 चुड़ैल की काली शक्तियों से अपने भक्तों की जान बचाने आए .साईं बाबा और फिर जो हुआ था'सभी लोगों के रोंगटे खड़े हो गए राजस्थान के अनूपशहर में त्रिमूर्ति नाम का एक बहुत ही बड़ा व्यापारी रहा करता था, जो कि अपने मेहनत और लगन के कारण ही इतना बड़ा व्यापारी बन पाया था, वह बहुत ही ईमानदार और सज्जन स्वभाव का व्यक्ति था वह अक्सर गरीब और जरूरतमंद लोगों की सहायता किया करते थे साथ ही त्रिमूर्ति जी साईं बाबा के असीम भक्त थे और वह प्रतिदिन साईं बाबा की सच्ची श्रद्धा के साथ आस्था भाव के साथ पूजा किया करते थे.

 आसपास के लोगों में इनकी अच्छे व्यवहार के कारण त्रिमूर्ति जी का बहुत ही ज्यादा आदर-सम्मान था त्रिमूर्ति जी अच्छे कामों में बहुत ही बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया करते थे सब कुछ सुखमय रूप से व्यतीत हो रहा था परंतु त्रिमूर्ति जी को इस बात का थोड़ा भी अनुमान नहीं था कि आगे बहुत ही बड़ा संकट आने वाला है जब एक दिन त्रिमूर्ति जी अपना दुकान बंद करने के बाद घर जा रहे थे फिर जो उनके साथ ऐसी घटना थी कि उसे देखने और सुनने वाले सभी हैरान हो गए मूर्ति जी पैदल ही अपने घर की ओर बढ़ रहे थे 

अंदर ही चलते चलते वह सुनसान रास्ते में जा पहुंचे जहां बहुत ही अंधेरे के बीच उन्हें एक मोमबत्ती जलती वह बुझती हुई दिखाई दे रही थी उन्होंने उस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और वह अपने मन से आगे बढ़ता रहा तभी उन्हें महसूस हुआ कि पीछे से उन्हें कोई बहुत ही तेज धक्का मारा जिसके कारण वह तुरंत ही जमीन पर गिर गए और तुरंत ही उसके पैर में मोच आ गई और फिर उन्होंने देखा कि उन्हें एक अदृश्य शक्ति वड़ा होने से रोक रही है परंतु त्रिमूर्ति जी को वहां पर कोई भी दिखाई नहीं दे रहा था उन्हें बिल्कुल भी समझ नहीं आ रहा था;

 कि आखिर यह हो क्या रहा है और तभी अचानक त्रिमूर्ति जी को चार रखी महसूस होने लगा कि कोई उनके मुंह को दबाकर उनकी सांसे को बंद कर रहा है उसको इतने कठिन जगह में पागल त्रिमूर्ति जी ने साईं बाबा को आंखें बंद कर याद की और जैसे ही उनकी आंखें खुली का भी उसे अंधेरे से भरी सड़क पर मोमबत्ती के उजाले में एक विशाल था या नजर आई थिंक विशाल शरीर और हाथ में चिंता है और देखते ही देखते अब त्रिमूर्ति जी का झगड़ा हुआ शरीर अचानक से शांत हो गया कुछ ही पल हुए कि वह परछाई भी गायब हो गई त्रिमूर्ति जी तुरंत ही समझ गया कि आज साहिबा नहीं मेरे प्राणों की रक्षा की है उसने तुरंत जब अपने घर पहुंच कर यह सभी बात अपने घरवालों को बताया तो यह सुनने के बाद सभी के होश उड़ गए 

उसी दिन से साईं बाबा को लेकर त्रिमूर्ति जी की आस्था और भी दृढ़ हो गई वीडियो अच्छी लगी होगी तो वीडियो को लाइक शेयर एंड सब्सक्राइब जरुर कीजिएगा बहुत-बहुत धन्यवाद

When Sai Baba came to save the life of his devotee from the witch, then everyone's senses were blown away after seeing what happened #sai #truesto

 Sai Baba came to save the lives of his devotees from the witch's black powers. This was the reason why he was able to become such a big businessman, he was a very honest and gentle person, he often used to help poor and needy people as well as Trimurti ji was an infinite devotee of Sai Baba and he was devoted to Sai Baba every day with true devotion. Used to worship with faith.

Trimurti ji had a lot of respect because of his good behavior among the people around him. There was no estimation that there was going to be a big crisis ahead when one day Trimurti ji was going home after closing his shop, then what happened to him was such an incident that all those who saw and heard him were astonished. headed home
While walking inside, he reached a deserted path where he could see a candle burning in the midst of very dark, he did not pay much attention to him and he kept on moving forward with his mind only then he realized that he was coming from behind. Someone hit very hard due to which he immediately fell on the ground and immediately he sprained his leg and then he saw that an invisible force was stopping him from having the vada.
But Trimurti ji could not see anyone there, he could not understand at all;

 That's what is happening after all and then suddenly Trimurti ji started to feel that someone was closing his breath by pressing his mouth. He opened his eyes to see him in a light of candle on the road full of darkness.
It was huge or was seen, there is a huge body and there is worry in the hand, and on seeing it, now Trimurti ji's quarreled body suddenly became calm, it took a few moments that even that shadow disappeared, Trimurti ji immediately understood that today is not Sahiba. Has saved my life, when he immediately reached his home and told all this to his family members, everyone's senses were blown away after hearing this.
From that day onwards, Trimurti ji's faith in Sai Baba became even stronger, if you liked the video, then please like share and subscribe the video, thank you very much.

मंगलवार, 4 जनवरी 2022

When Sai Baba himself had to come to save the lives of his devotees from the Ichhadhari Nag.

 There used to be a Sai devotee named Vendra in Khajjiar, a small village in New Delhi, he was an infinite devotee of Sai Baba, he used to worship Sai Baba day and night, and together he used to pray for Sai Baba every Thursday. He used to do fasting, he was very poor, he used to earn his living by cutting wood from the nearby forests and selling it in the nearby village, and whatever money he got from that, his need was fulfilled but in his life so much Despite facing some problem I neve

Even he was neither disappointed, nor did he kneel in front of his examiners, Devendra ji believed that no one should pay attention to him, but his Sai Baba is always with him because of his true speech and so much true devotion around there. All the people used to respect Devendra ji very much. It was a matter of one day when he reached in the middle of the forest to cut wood, then what happened was that of Devendra ji, while cutting the wood of Shivraj, he saw that some snakes had come out from the surrounding and all the snakes surrounded him. Surrounded from the side, Devendra ji was very frightened to see all the snakes on his side, he got up and started trying to run away from there, but due to more snakes here, it had become difficult for Barun to escape, then there was something. you started walking towards them Now Devendra ji started feeling that his life was in danger, then he just closes his eyes and starts remembering Sai Baba with true devotion and starts pleading with Sai Baba for his protection with his true devotion. Then what happened there, he blew the senses of Devendra ji, the tree from which he was cutting wood. A thing came from the top of the same tree at a very high speed and he picked up a snake and threw it in the other direction. After doing that, when he started leaving from there, Devendra ji saw it. Seeing that a very divine light is coming out from behind that latter, he immediately understood that it is not a simple matter, it has been sent by Sai Baba himself, he has protected me, Devendra ji immediately handed over Added salutations in front of that matter and immediately thanked Sai Baba there, when Devendra ji went to the village and told all his things to the rest of the people, all the people were astonished, discussions of Devendra ji's devotion started happening in the whole village. Devendra ji's devotion
Friends, if you have liked today's video, then please like share and subscribe the video, we will take this time with their special video, thank you very much.

जब इच्छाधारी नाग से अपने भक्तों के प्राण बचाने साईं बाबा को खुद आना पड़ा #इच्छाधारी (नाग नागिन)

 नई दिल्ली जी के एक छोटे से गांव खजियार में वेंद्र नाम का एक साईं भक्त रहा करता था, वह साईं बाबा का असीम भक्त था ,वह दिन-रात साईं बाबा की पूजा पाठ किया करता ,और साथ में वह हर गुरुवार साईं बाबा के लिए उपवास बिरहा करता था ,वह बहुत ही ग़रीब था, वह पास के जंगलों से लकड़ी काटकर आसपास के गांव में बेचकर अपना गुजारा किया करता था ,और उसी से जो भी धन प्राप्त होता उसी से ही उसकी जरूरत पूरी होती थी परंतु उनके जीवन में इतना कुछ समस्या का सामना करने के बावजूद मैं कभी भी ना तो निराश होते थे, और ना ही उनके परीक्षार्थियों के सामने वह घुटने टेक थे देवेंद्र जी का विश्वास था कि कोई भी साथ उनका ध्यान दें परंतु उनके साईं बाबा सदैव उनके साथ है अपने सच्ची भाषण और इतनी सच्ची श्रद्धा कारण ही वहां के आसपास के सभी लोग देवेंद्र जी को बहुत ही सम्मान किया करते थे,

 एक दिन की बात है जब वह लकड़ी काटने के लिए जंगल के बीचों-बीच पहुंचे फिर जो हुआ उसने तो देवेंद्र जी के हो शिवराज कि लकड़ी काटते समय उन्होंने देखा कि आस-पास से तो कुछ सांप निकल आए हैं और सभी सांपों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया है ,देवेंद्र जी सभी सांपों को अपनी और देख काफी भयभीत हो गए वह उठकर भी वहां से भागने का प्रयास करने लगे परंतु यहां पर सांप अधिक होने के कारण वह बरुन का भागना भी मुश्किल हो चुका था, तब कुछ था. आप उनकी तरफ बढ़ना शुरू कर दिया अब देवेंद्र जी को लगने लगा कि उनके प्राण संकट में आ गए हैं, तब वह अपनी आंखें बंद कर बस सच्ची श्रद्धा के साथ साईं बाबा को याद करने लग जाते हैं एवं साईं बाबा से अपनी सच्ची श्रद्धा के साथ अपनी रक्षा के लिए गुहार लगाने लग जाते हैं फिर वहां जो हुआ उसने तो देवेंद्र जी के होश उड़ा दिए जिस पेड़ कि वह लकड़ी काट रहे थे .उसी पेड़ के ऊपर से एक बात बहुत ही तेज गति से वहां पर आया और वह एक सांप को उठाकर दूसरी दिशा में फेंक दिया इतना करने के बाद वह बाद वहां से जाने लगा तो देवेंद्र जी ने देखा .

कि उस बाद के पीछे से एक बहुत ही दिव्य प्रकाश निकल रहा है यह सब देख कर उन्हें तुरंत ही समझ आ गया यह कि कोई साधारण बात नहीं है इसे स्वयं साईं बाबा ने भेजा है उन्होंने ही मेरी रक्षा की है देवेंद्र जी ने तुरंत ही हाथ जोड़कर उस बात के सामने नमस्कार किया और वहीं पर तुरंत साईं बाबा को धन्यवाद अर्पित किया जब देवेंद्र जी ने गांव जाकर अपनी सारी बात बाकी लोगों को बताई तो सभी लोग हैरानी में पड़ गए पूरे गांव में देवेंद्र जी के भक्ति के चर्चे होने लगे टीके इस प्रकार देवेंद्र जी की भक्ति से प्रसन्न होकर साईं बाबा ने स्वयं आकर उनके प्राणों की रक्षा की है दोस्तों आज के वीडियो आपको अच्छी लगी होगी तो वीडियो को लाइक शेयर एंड सब्सक्राइब जरुर कीजिएगा हम लेंगे यह बार इनकी खास वीडियो के साथ बहुत-बहुत धन्यवाद

When Sai Baba appeared in the middle of the road to save the life of his devotee, then everyone was stunned to see what happened.

 When Sai Baba appeared in the middle of the road to save the lives of his devotees, seeing his real form, people lost their sweat, you are seeing Sai Jeevan Garland, that's the thing about a small village in Lone Kanpur, where the name Shubham used to be a devotee of Sai Baba, he was a great devotee of Sai Baba and used to feed biscuits to dogs on Thursday and used to come there after feeding poor people,

Seeing this, Sai Baba's infinite blessings began to be on him, Shubham got a job in a good place, there I started earning a lot, one day at 11:00, it started raining very heavily and he left for his house. That probably by the time I reach the rain will stop on the way but it did not happen Sourav was leaving the highway with his bike and due to this he could not see anything well Still he was moving forward, suddenly a huge truck was coming from behind at a very high speed, that truck and Shubham's bike was about to collide, only then Sai Baba came and stood with a very huge body. The truck driver himself told this thing, he tells that whenever we have to brake the truck, then we apply the brake very slowly and then our truck comes under control but the surprising thing was that I Seeing Sai Baba did not apply brakes, yet how did that truck stop suddenly?That truck driver still could not understand this, after that I saw Sai Baba sitting behind a person riding a bike, I suddenly panicked at a very high speed and I drove my truck along with the biker. And tried to stop him in gestures, I hit that bike man at a very high speed Hinted that you stop your bike immediately, then he stopped his brother, as soon as I went to tell that biker to tell him, I got a little nervous seeing Sai Baba was not there and I started telling that boy Sai Baba has saved your life this morning. I was coming ahead of the truck, when suddenly Sai Baba appeared in front of me and on hearing this the brakes of the truck automatically applied, you were happy and surprised, first of all he thanked Sai Baba and said to that trucker That Sai Baba lives in my veins, I love him with all my heart, I worship him every day, that's why maybe he did all this to save my life today, this truck driver said I never Didn't see or felt God but maybe because of your true devotion I got darshan of Sai Baba today and started thanking Shubham then you told that when I was on the highway I felt that suddenly my bike It has become very heavy but I adopt it, today I believe this to be true, it is the power in devotion, whose example I have seen today, from today onwards I also refuse Sai Baba from my heart.I will and will worship him with my true heart so that he too stays with me like you, if you like this true incident of ours, then definitely like share and subscribe the video, we will meet Kaur with a special video till then Thank you very much

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जब अपने भक्त की जान बचाने साईं बाबा हुए बीच सड़क में प्रकट, फिर जो हुआ उसे देखकर सभी हो गए दंग #sai

 जब अपने भक्तों की जान बचाने के लिए साईं बाबा हुए बीच सड़क में प्रगट, उनका असली रूप देखकर लोगों के छूटे पसीने ,आप देख रहे हैं साईं जीवन माला ,उस तो यह बात है लोन कानपुर के एक छोटे से गांव की जहां पर शुभम नाम का एक साईं बाबा का भक्त रहा करता था, वह साईं बाबा का बहुत बड़ा भक्त था और गुरुवार को कुत्तों को बिस्किट खिलाया करता था और वहां पर गरीब लोगों को भोजन कर आता था,

 यह देखकर साईं बाबा की असीम कृपा उस पर होने लगी शुभम की अच्छी जगह नौकरी लग गई वहां पर में अच्छा खासा कमाने लगा एक दिन रात में 11:00 बजे बहुत ही जोरों की बारिश होने लगी और वे अपने घर के लिए निकल गया उसे लगा कि मेरे पहुंचते तक शायद रास्ते में ही बारिश बंद हो जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ सौरव अपने बाइक के साथ हाईवे से निकल रहा था और इसके कारण उसे कुछ भी अच्छे से नहीं दिख रहा था

 फिर भी वह आगे बढ़ रहा था पीछे से एक अचानक से बहुत ही बड़ा ट्रक बहुत ही तेज गति से आ रहा था उस ट्रक और शुभम की बाइक की टक्कर होने ही वाली थी तभी आ जाना बहुत ही विशाल शरीर के साथ साईं बाबा आकर खड़े हो गए यह बात खुद ट्रक ड्राइवर ने बताई वे बताते हैं कि कभी भी हमें अगर ट्रक में ब्रेक लगाना होता है तो हम बहुत ही धीरे-धीरे करके ब्रेक लगाते हैं तब जाकर हमारे ट्रक कंट्रोल में आता है लेकिन हैरानी वाली बात तो यह थी कि मैंने साईं बाबा को देखकर ब्रेक नहीं लगाया फिर भी वह ट्रक अचानक से कैसे रुक गया यह बात वो ट्रक ड्राइवर अभी भी नहीं समझ पाया इसके बाद मैंने देखा साईं बाबा एक बाइक चलाते हुए व्यक्ति के पीछे बैठे हुए हैं यह देखकर मैं अचानक से बहुत ही तेज गति से घबरा गया और मैंने बाइक वाले के साथ-साथ अपने ट्रक को चलाया और उसे इशारों इशारों में रोकने की कोशिश की मैंने उस बाइक वाले शख्स को बहुत ही तेज गति से इशारा किया कि तुम तुरंत अपनी बाइक को रोको तब उसने अपने भाई को रोका जैसे ही मैंने उस बाइक वाले को बात बताने के लिए उसके पास गया तो वहां पर साईं बाबा नहीं थे देखकर मैं थोड़ा सा घबरा गया और मैं उस लड़के को यही बताने लगा आज सुबह तुम्हारी जान साईं बाबा ने बचाई है यदि वह बीच में नहीं आते तो तुम्हारे भाई कौन मैट्रक्का बहुत तेज गति से बहुत ही गंदा दुर्घटना हो सकता था जिसमें आज शायद हम दोनों नहीं बच पाते जब मैं ट्रक से आगे ही आ रहा था तभी मेरे सामने अचानक साईं बाबा प्रकट हो गए और अपने आप ट्रक के ब्रेक लग गए यह सुनकर तुम हमको खुशी भी हुई और हैरानी भी हुई सबसे पहले उसने साईं बाबा का शुक्रिया किया और उस ट्रक वाले से कहा कि साईं बाबा मेरी रग-रग में बसते हैं मैं उन्हें दिल से चाहता हूं मैं रोजाना उनकी भक्ति करता हूं इसीलिए शायद उन्होंने आज मेरी जान बचाने के लिए यह सभी किया यह ट्रक ड्राइवर ने बोला मैंने कभी भगवान को नहीं देखा था और ना ही महसूस किया लेकिन शायद आप की सच्ची भक्ति की वजह से मुझे आज साईं बाबा के दर्शन हो गए शुभम का धन्यवाद करने लगा फिर तुमने बताया कि जब मैं हाईवे पर था तब मुझे महसूस हुआ कि अचानक से मेरी बाइक बहुत ही भारी हो गई है लेकिन मैंने उसे अपनाना आज इस बात को मैं सच मानता हूं यह भक्ति में ही शक्ति है जिसका उदाहरण आज मैंने देख लिया आज से मैं भी साईं बाबा को अपने दिल से मना लूंगा और अपने सच्चे मन के साथ उनकी पूजा-अर्चना करूंगा ताकि वह भी आपकी तरह मेरे साथ रहे अगर आपको हमारी यह सच्ची घटना अच्छी लगी होगी तो वीडियो को लाइक शेयर एंड सब्सक्राइब जरूर कीजिएगा हम मिलेंगे कौर ने खास वीडियो के साथ तब तक के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

रविवार, 12 दिसंबर 2021

जब साईं बाबा ने अपने भक्तों को अपने हाथों से भंडारा खिलाया, जानिए कहां हुआ यह अनोखा भंडारा #sai #j

 कि जब साईं बाबा ने अपने हाथों से अपने भक्तों को खाना खिलाया जानिए कहां हुआ ऐसा अनोखा भंडारा जरिए दोस्तों वीडियो शुरू करते हैं नमस्कार दोस्तों साईं बाबा अपने भक्तों की हर एक बड़ा कर लेते हैं अपने भक्तों के आने वाली हर परेशानियों को साईं बाबा पल भर में ही दूर कर देते हैं तो आखिर इस दिन ऐसा क्या हुआ जो स्वयं साईं बाबा को खिलाना पड़ा अपने हाथों से अपने भक्तों को भंडारा और उसी दिन साईं बाबा ने इन पापियों को उनकी हवा क्या है पूरी कहानी है आइए जानते हैं तो दोस्तों अगर आपने अभी तक हमारे चैनल को सबस्क्राइब नहीं किया है लेकिन इस बात की चैनल को सब्सक्राइब करें और बेल आइकन को ऑल पर क्लिक जरूर करें ताकि हमारी सभी आने वाले वीडियो की अपडेट आपको समय पर मिलती रहे दोस्तों यह घटना है छत्तीसगढ़ के बिलासपुर सिटी के एक छोटे से गांव करगी रोड कोटा की जहां साईं बाबा की शिरडी धाम 1972 से स्थापित है और कहा जाता है कि यहां पर तो चमत्कार देखे जाते हैं यहां पर एक साईं बाबा के एक बहुत बड़े भक्त थे उनका नाम आशु व था वह स्कूल जाकर अपने छात्रों को पढ़ाते थे और उनके पढ़ाई को लेकर वह बहुत ही मशहूर थे वह कुछ ही सालों में ना केवल परमानेंट हो गए थे बल्कि assistant से प्रमोट होकर एसोसिएशन बन चुके थे साथ ही साथ उनकी हिंदी किताबों में कई सारी बातें भी छप चुकी थी शासक अपने पूरी सफलता का श्रेय केवल और केवल साईं बाबा को देते थे किंतु एक ऐसा भी समय आता है कि उनके पास आगे बढ़ने के लिए एक भी पैसा नहीं रहता साईं बाबा की दया से उन्हें स्कॉलरशिप मिल चुकी थी जिससे वह आगे बढ़ पाए साईं बाबा के बिना वह अपने जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते थे वे अपने हर एक काम से पहले साईं बाबा से आशीर्वाद लेते और साईं बाबा के केवल आशीर्वाद से ही उनका हर एक काम बन जाता था परंतु तो उनका एक साथी था जो कि दर्शक इसे बिल्कुल भी खुश नहीं था निरंजन भी शासक के साथ कॉलेज में हिंदी बनाया करता था यूं तो वह कॉलेज में शासक से पहले आया हुआ था वरना ही तो वह इतनी सालों में अपने पीएचडी कंप्लीट कर पाए थे और ना ही कोई किताब या रिसर्च पेपर लिख पाए थे जिस कारण उनका प्रमोशन भी नहीं हो पा रहा था धीरे-धीरे उन्हें शक की तरफ इशारा अमावस्या श के प्रति होने लगी और फिर वह शासक को नीचा दिखाने का कोशिश करने लगा पर शासक इन बातों का एक भी बुरा नहीं मानता था वह निरंजन को अपना सीनियर मानकर उनका इज्जत किया करता था उनकी कोई भी कही गई बातों को वह बुरा नहीं मानता था इस बात से निरंजन और भी जरूर जाता था कुछ दिन बाद शासन अपनी प्रमोशन के कारण साईं बाबा का बहुत ही बड़ा भंडारा किया उन्होंने कॉलेज के अपने सभी लोगों को और आसपास के सभी फोटो साईं बाबा के भंडारे में आमंत्रित किया लेकिन जब निरंजन यहां सुना तो वह उसी समय प्राण ले लिया कि मैं कुछ भी क्यों ना हो जाए यह कार्य को होने नहीं दूंगा उन्होंने शासक को बात करने के लिए एक कार्य बनाया नीरज को बहुत ही विश्वास था कि वह अपने कार्य में सफल जरूर होगा और उसके बाद शासक के साथ ऐसा होगा यह उसे जेल जाने से कोई नहीं बचा पाएगा परंतु वह भूल चुका था यह उसकी रक्षा करने के लिए तो पहले से ही साईं बाबा मौजूद है वह पूजा के लिए उस जगह पर गया जहां पर भंडारे के लिए खाना बनाया जा रहा था वह अपने जेल में जहर की बोतल आया हुआ था लोगों से बचकर वह टेस्ट की ओर घुस गया वहां पर खाना बनाने वाले खाना बना कर आराम कर रहे थे बाकी सभी बच्चियों कर लो भी थक चुके थे और उनके बनाए गए सभी वस्तुओं का ढक्कन भी खुला हुआ था और वहीं पर एक जगह उन्होंने खीर बनाया था और उस खीर का ढक्कन कि खुला हुआ था रावण की नजर बचाकर जीत की तरफ बढ़ कर उसमे जहर मिला दिया वह आखिर में जहर डालने वाला था तभी पीछे से उसे एक बूढ़े व्यक्ति ने आवाज लगाया हुआ बेटा निरंजन ने सकुचाते हुए बोला कुछ भी नहीं वह बूढ़े आदमी ने कहा कि अभी भंडारा लगने में समय है अगर तुम्हें अभी ही भूख लग रही है तुम्हें मैं कटोरे में निकाल कर दे देता हूं बाकी मैं भंडारे में लगा दूंगा निरंजन ने सोचा यह तो बहुत ही बढ़िया बात है उसके हिस्से की खीर जब अलग हो जाएगी तो वह बाकी के क्षेत्रों में हर भुला देगा इससे उसकी जान तो बच जाएगी बूढ़े आदमी ने उसे एक दोने में थोड़ी सी खीर देती फिर वह सभी बर्तनों को उठाने के लिए लोगों को बुलाने चला गया इस मौके का फायदा उठाकर निरंजन ने तुरंत पार्टी में जहर मिला दिया फिर चुपचाप आखिरकार दोनों लेकर वह बाहर की तरफ चला गया भंडारा शुरू हुआ वह बूढ़ा आदमी सभी लोगों को अपने हाथों कि आखिर परोस रहा था सभी लोगों ने जी भरकर खाना खाया और आई और सभी लोगों ने शासक को आशीर्वाद दिया बहुत साईं बाबा की जय-जयकार करते हुए वे सभी अपने घर चले गए और ताज्जुब की बात तो यह है कि अपने बारे में इतना कुछ खाने के बावजूद भी उन्हें कुछ भी नहीं हुआ यह मंजर इस विचार में था कि शायद घर जाकर इनकी तबीयत खराब हो जाए वह भी अपने घर जाने वाला था कि तभी अचानक उसे बहुत तेज चक्कर आने लग गए और उसकी आंखों के आगे अंधेरा छाने लगा कुछ ही देर हुए थे कि वह चक्कर खाकर नीचे ज़मीन पर गिर गया जब वह होश में आया तो उसने अपने आप को अस्पताल में पाया डाक्टरों ने बताया कि उसकी हालात बहुत ही खराब दी उसके पूरे शरीर में जहर फैल चुका था फिर उसे एक बूढ़ा आदमी अस्पताल लेकर आए बगैर अस्पताल उसे सही समय पर लेकर नहीं आया होता तो उसका बचना मुश्किल हो जाता निरंजन यह बात समझ नहीं पा रहा था कि सुनहरी वाली हीर खाए ही नहीं उसको शहर के से लग गया और बाकी लोग अ हर्बल खीर खाकर भी कैसे ठीक है इतने में ही नीरज के पास वह बूढ़ा आदमी अंदर आया है निरंजन उससे कुछ पूछता उसने पहले ही वह बूढ़ा आदमी उसको बोल पड़ा मैं जानता हूं कि तुमने कितनी नीच हरकत की थी आज के भंडारे में तुमने खीर में जहर मिलाया हुआ था यह मैंने देख लिया था मैं चाहता तो तुम्हें मरने के लिए छोड़ सकता था मैं चाहूं तो अभी दुबई पुलिस के हवाले कर दिया लेकिन मैं ऐसा नहीं करूंगा तुम जाओ और जिसका तो हिंद सोच रहे थे उससे जाकर माफी मांगकर आओ तभी तुम को मुझ से भी माफी मिलेगी निरंजन अपने किए पर बहुत ही शर्मिंदा हो गया निरंजन बोला कि मुझे अपने किए पर बहुत पछतावा है मैं इंसानियत से बहुत ही गिर चुका था लेकिन मेरे इतना कुछ करने के बावजूद किसी के भी शरीर में जहर क्यों नहीं फैला कभी बूढ़े आदमी ने जवाब दिया कि मेरे छूने दो ऐसे ही देर में पहले में सारे शहर तुरंत ही खत्म हो गए और मेरे ही छूने से पूरा शहर तो हमारे शरीर में आग है रंजन ने तुरंत पूछा आप कौन है बूढ़े आदमी ने कहा मन की आंखों से देखो तुम्हें सब पता चल जाएगा निरंजन ने जैसे ही अपनी आंखें पास कि उसे सामने में बहुत ही विशाल साईं बाबा सामने दिखाई दिए निरंजन की आंखें आंसुओं से भर आए और उसकी हाथ अपने आप ही साईं बाबा के प्रति झुक गए वह निरंतर रो रहा था वह ठीक होकर शासक के घर गया और सारी घटना सुनाकर उससे माफी मांगी शासक ने तुरंत नीरज को अपने गले से लगा लिया जब सभी लोगों को इस बात की भनक हुई तो सभी लोगों ने इसे इस केवल और केवल साईं बाबा का ही चमत्कार माना और सभी लोगों ने साईं बाबा का जयकारे लगाने लगे वह सभी लोग बहुत ही जोर-जोर से साईं बाबा का जय-जयकार करने लगे तो दोस्तों कैसी लगी आज की हमारी तो हमें नीचे कमेंट में लिखकर जरूर बताइएगा अगर आप चैनल पर नए हैं तो चैनल को सबस्क्राइब और शेयर कीजिए काया और ज्यादा से ज्यादा इस वीडियो को शेयर कीजिए का या मिलेंगे अगली बार देख नहीं खास वीडियो के साथ तब तक के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद सा

शनिवार, 16 अक्टूबर 2021

जब अपने भक्त को बचाने खुद साईं बाबा दौड़े चले आए फिर जो चमत्कार हुआ उसे देखकर लोगों के होश उड़ गए

 क्या हुआ जब बाढ़ में फंसे भक्तों को बचाने स्वयं साइन आपको आना पड़ा और फिर जो चमत्कार हुआ उसे देखकर सभी लोग हैरान हो गए ओम साईं राम दोस्तों नमस्कार हमारे YouTube चैनल में आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है दोस्तों आज हम आपको कंगना ठाकुर के साथ हुए आईनाथ की ऐसी सच्ची घटना सुनाने जा रहे हैं जिसे सुनकर आपके भी रोंगटे खड़े हो जाएंगे इसे सुनकर आपके पैरों तले ज़मीन खिसक जाएगी दरअसल दोस्तों हम बात कर रहे हैं बाल घाटी में रहने वाली कंगना ठाकुर की जिन्होंने हमारे साथ ही बाबा की एक ऐसी सच्ची घटना शेयर की है और बताया है कि कैसे स्वयं ही बाबा ने बाढ़ के दौरान उनके प्राणों की रक्षा की दोस्तों कंगना ठाकुर बताती है कि वह साईं बाबा को दिल से मानती है और निस्वार्थ होकर उनकी पूजा पाठ भी जिया करती है वह कहती है शायद मेरी भक्ति से प्रसन्न होकर बहुत के मुझसे आकर स्वयं साईनाथ ने मेरे प्राणों की रक्षा की थी हेलो दोस्तों इस बात में आज भी कोई दो राय नहीं है जो भक्त सच्ची श्रद्धा से साईं बाबा को याद करता है तो अवश्य ही साईंनाथ उनकी मुराद सुनकर किसी ना किसी रूप में दौड़े चले आते हैं तो आइए दोस्तों जानते हैं कि कैसे साईनाथ ने अपने भक्तों को बाहर निकालकर कंगना ठाकुर की रक्षा की दोस्तों बाल घाटी के छोटे से गांव में रहने वाली कंगना ठाकुर जी साईं बाबा के एक अनन्य भक्त थी वह हर रोज सुबह उठकर कायनात के मूर्ति में दूध अर्पण किया करती थी उसके बाद ही वह अपने दिनचर्या के कामों को शुरू किया करती थी गांव वाले भी कंगना की भक्ति को देखकर बहुत ही खुश रहते थे बात उस समय की है जब बाल घाटी के मौसम बिल्कुल खराब हो चुका था बिल्कुल सुबह से ही बहुत बारिश हो रही थी कहना जी बताती हैं यह वह बारिश होते हुए भी साईं बाबा को दूध अर्पण करने मंदिर चले जाती है घरवालों के बहुत समझाने के बाद भी कंगना मानती और साईं बाबा के मंदिर चली जाती है कंगना जी बताती है कि शायद साईं बाबा उनकी परीक्षा लेना चाह रहे थे इसीलिए उन्होंने हार नहीं मानी और तेज बारिश में भी मंदिर के तरफ निकल गई जैसे ही कंगना आगे बढ़ने को निकली अ चाहत स्वरों से बारिश होने लगी आसमान में बहुत जोरों शोरों से बिजली कड़कने लगी थी मानो जैसे कोई बादल फटने वाले हैं ऐसे मौसम को देखकर कंगना जी साईं बाबा का नाम लेते हुए मंदिर के तरफ निकल रही थी जैसे ही वह आगे बढ़ी रही थी लोग कहना ने देखा वहां के नदी पर बहुत तेज तूफान पैदा हो रही है उन्होने देखा आदि में तेज पानी के लहरें उत्पन्न हो रही है जो लगातार बहुत तेजी से उनकी तरफ बढ़ रही है लेकिन कंगना जी फिर भी नही रुकी और साईं बाबा का नाम लेते हुए वह आगे बढ़ने लग जाती है तब यह बहुत ही भयानक पानी की लहर कंगना से टकराती है और जिसके कारण कंगना पानी में डूबने लग जाती है एक पल लिए कंगना को लगता है कि शायद उनका आखिरी समय आ चुका है लेकिन कंगना अपने परिवार को ना याद करते हुए सच्चे मन से साईं नाथ का चालीसा पढ़ने लग जाती है पानी में सांस ना लेने की वजह से अंगना बेहोश हो जाती है तभी कंगना को ऐसा सपना देखता है जिसे देखकर वह फूट-फूट कर रोने लग जाती है व्युत्क्रम है वह साक्षात साईं बाबा के सामने खड़ी हुई थी साईं बाबा उससे पूछते हैं लिए प्रिय भक्त जब तुम्हें पता था कि तुम्हारा आखरी समय आ चुका है फिर भी तुम्हारे मुख पर केवल मेरा ही नाम क्यों था तो कंगना कहने लग जाती है यह साईनाथ मैंने बचपन से यह और केवल आपको ही पूजा है मैं जानती थी कि मैं अपने जीवन में अगर इसी तरीके से सच्ची श्रद्धा भाव से पूजा-पाठ आपके प्रति करते रहूंगी तो आप एक ना एक दिन मुझे दर्शन जरूर देंगे और मेरा जीवन हमेशा के लिए सफल हो जाएगा साहिबा मंद-मंद मुस्काते हैं और कंगना से कहने लग जाते हैं कि जब मृत्यु नजदीक कि दो बड़े से बड़ा भक्त भी केवल और केवल अपने परिवार को याद करता है उस माह को याद करता है जिसने उसे बचपन से पाला हो लेकिन तुम्हें देख कर आज मुझे यकीन हो गया कि मुझसे भी बड़ा कोई है वह लोग केवल मेरा भक्त ही है और तभी साईं बाबा अपना हाथ उठाते हैं और भक्तों के ऊपर रखते हैं और कहते हैं अस्तु और तभी अचानक कंगना की आंखें खुल जाती है और कंगना देखती है कि उनके नजदीक ही एक साधु बाबा गुज़रे हैं वह अपने आपको साईं बाबा के मंदिर में पाती है जहां पर साईं बाबा के मंदिर के पास ही एक सफेद पोशाक पहना हुआ एक साधु खड़ा हुआ था और कंगना उन्हें देखकर बहुत ही घबरा जाती है लेकिन वह पल भर में ही समझ जाती है यह कोई और नहीं बल्कि स्वयं साईं बाबा ही है जिन्होंने नदी में डूबने से इन के प्राणों की रक्षा की है और क्षण भर में ही उतर नहीं वे साधु बाबा कहां गायब हो जाते हैं

जब यमराज से अपने भक्त की जान बचाने साईं बाबा ने मृत्यु को ही टाल दिया फिर जो हुआ देखकर सभी हैरान

 जब साईं बाबा ने एक भक्तों के लिए स्वयं त्याग दिए अपने प्राण फिर जो हुआ उसे देखकर आप भी आंखों से आंसू आ जाएंगे दोस्तों आज की जो सच्ची घटना हम आपको दिखाने जा रहे हैं इसे देखकर आपके भी आंखों में आंसू आ जाएंगे विजयदशमी का महापर्व है जी हां दोस्तों यह वही दिन है जब शिरडी के साईं बाबा ने पंद्रह अक्टूबर 1918 को 02:15 पर अपने प्राण त्याग दिए दे और आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि बाबा ने एक भक्तों के लिए अपने प्राणों को त्याग दिए थे आखिर कौन था वह जिसकी बाबा ने स्वयं बचा ली जान और अपने दिए प्रांत को चलिए शुरू करते हैं दोस्तों आप देख रहे हैं साईं जीवन माला YouTube चैनल आपके अपने चैनल में आप सभी का बहुत-बहुत हार्दिक स्वागत है आपने अभी तक केवल बाबा के जीवन काल ही कथाएं सुनी है अब आप सभी धानपुर कि बाबा के निर्माण कार्य का वर्णन सुनिए जी हां 28 सितंबर सन उन्नीस 18 को बाबा को साधारण सजा और मतलब बुखार आया और यह बुखार दो से तीन दिन तक रहा इसके उपरांत थी बाबा ने भोजन करना बिल्कुल ही त्याग दिया इससे उनका शरीर दिन-प्रतिदिन दुर्बल होने लगा और कुछ 17 दिनों के बाद अर्थात पंद्रह अक्टूबर सन् 1998 को 2:30 पर साईं बाबा ने अपने शरीर का त्याग किया यह जो समय है बाबा के प्रिय भक्त के अनुसार पत्र से प्राप्त हुआ था जो उन्होंने ज्यादा का आखिरी थोड़े को लिखा था भक्तों इसके दो वर्ष के पूर्व ही साईं बाबा ने अपने समाधि दिन का संकेत कर दिया था परंतु उस समय कोई भी समझ नहीं सका घटना इस प्रकार है कि विजयदशमी के दिन जब लोग शाम के समय की सीमा लांघ से लौट रहे थे तो बाबा सहसा ही क्रोधित हो गए सिरका कपड़ा कंपनी और अंगूठी निकालकर वह उसके टुकड़े-टुकड़े करके जलती हुई अखंड धूनी में फेंक दिया बाबा के द्वारा पावती प्राप्त करनी बहुत तेज चलने लगी और उससे कहीं अधिक बाबा के मुखमंडल की कांति चमक रही थी यह पूर्ण दिगंबर खड़े थे और उनकी आंखें अंगारे के समान चमक रही थी होने आवेश में आकर उच्च स्वर में कहा कि लोगों यहां आओ मुझे देखकर पुलिस चकल लोग कि मैं हिंदू हूं यह मुसलमान सभी लोग कहां पर रहते थे किसी को भी कुछ समझ नहीं आ रहा था और कोई भी उनके पास जाने का शहादत नहीं कर रहा था और बाबा बहुत क्रोधित अवस्था में थे जी हां कुछ समय के पश्चात रामचंद्र पाटिल जो थे बहुत बीमार हो गए उन्हें बहुत अधिक कष्ट तथा और उनके बहुत उपचार परंतु जीवन से हताश होकर वे अपने मित्रों के अंतिम क्षणों की ओर आ चुके थे तभी एक रात्रि को बाबा उसकी सिरहाने पर प्रकट हुए और बोले अब एक दिन मध्यरात्रि के समय बाबा अनायास ही उनके सिरहाने प्रकट हुए पाटिल उनके चरणों से लिपट कर कहने लगे कि मैंने अपने जीवन की समस्त आशाएं छोड़ दी हैं अब कृपा का मुझे इतना तो निश्चित बताइए कि मेरे प्राण कब निकलेंगे बाबा ने कहा घबराओ नहीं तुम्हारा कुंडी वापस ले ली गई है और तुम सिगरेट स्तोत्र जाओगे मुझे तो केवल तात्या का भय है कि सन उन्नीस सौ अट्ठारह में विजयदशमी के दिन उसका देहांत हो जाएगा किंतु यह भारत किसी से प्रगट ना करना और ना ही उसे बतलाना अन्यथा वह भयभीत हो जाएगा रामचंद्र पाटिल को स्वस्थ हो गया परंतु उन्हें तात्या के जीवन के लिए निरासा तु उन्हें ज्ञात था कि बाबा के कहब कभी असत्य नहीं होते हैं रामचंद्र ने सईंया त्यागी वह चलने फिरने लगे और उसके बाण 1918 का वह समय आ गया है अब बाबा ने कहा था कि तात्या पाटील इस दिन विजयदशमी के ओं अपने प्राण त्याग देंगे लेकिन विधि का विधान कुछ ऐसा पलटा कि बाबा का भी स्वास्थ्य खराब हो गया बाबा जैसे ही विजयदशमी का दिन आया तात्या की तो नारी की गति मंद होने लगी और उसकी मृत्यु निकट दिखलाई देने लगी उसी समय एक विचित्र घटना घटी तात्या की मृत्यु टल गई और उसके प्राण बच गए परंतु उसके हान पर स्वयं साईं बाबा प्रस्थान कर गए और ऐसा प्रतीत हुआ जैसे कि परस्पर हस्तांतरण हो गया हो सभी लोग कहने लगे कि बाबा ने तात्या के लिए अपने प्राण त्यागे ऐसा उन्होंने शुरू किया यह वही जाने क्योंकि यह बात हमारी बुद्धि के बाहर है ऐसा भी प्रतीत होता है कि बाबा ने अपने अंतिम काल का संकेत त्याग का नाम लेकर ही किया था और दूसरे दिन फिर 16 अक्तूबर को बाबा ने दासगणू को पंढरपुर में स्वप्न दिया और सभी बातें बताई तो भक्तों आपको क्या लगता है कि क्या साईं बाबा ने स्वयं ही तात्या पाटील के प्राण त्यागे थे या सिर्फ एक संकेत था हिस्सा ही तो कण-कण में है कैसी लगी आपको यह वीडियो कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं वीडियो कर अच्छी लगे तो लाइक करें ज्यादा जगह शेयर करें मिलेंगे अलीम आज़मी खास वीडियो के साथ तब तक के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद अ

बुधवार, 13 अक्टूबर 2021

जब खंबे के बिजली से बचाने आए साई बाबा फिर जो हुआ उसे देखकर सभी लोग हो गए दंग #sacchightna #sai #mira

 में अधिक खर्च चीकू लगा बिजली का तेज झटका वेल साईं बाबा का हुआ एक ऐसा चमत्कार जिसे देखकर आसपास खड़े सभी लोग हो गए हैं राम नमस्कार दोस्तों हमारे YouTube चैनल में आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है साईं बाबा ने अपने द्वारकामाई में भक्तों से कहा था कि कण-कण में भगवान का वास है मनुष्य पशु-पक्षी पेड़-पौधे हवा पानी हर जीव-जंतु में प्रभु का वास है बस देखने वाले का भाव दृढ़ और आस्था प्रबल होना चाहिए साथ में उसके अंदर श्रद्धा और भक्ति का भाव भी जरूर होना चाहिए आज हम आपको एक सच्चे भक्तों की सच्ची श्रद्धा की एक सच्ची घटना आपको सुनाने जा रहे हैं ही वर्षों की बात है उत्तर प्रदेश के एक छोटे से गांव में नाम का एक भक्त रहा करता था जो कि चटाई बनाने वाले कारखाने में चटाई बनाने का काम करता में काफी समय से साईं बाबा की भक्ति में लगा रहता था अरविंद के परिवार में उसकी पत्नी उसका एक 12 साल का पुत्र था जिसका नाम था आशु अरविंद बचपन से ही अपने बच्चे को एक अच्छी शिक्षा प्रदान किया करता के साथ ही वह अपने बच्चे को साईं बाबा के चमत्कार के किस्से हर समय सुनाया करता था आंसू को भी साईं बाबा की कहानी किस्से बहुत ही खुश कर देते थे वह अरविंद के जीवन में जब भी कोई समस्या आती तो वह सिर्फ और सिर्फ साईं बाबा की शरण में जाता सब कुछ सुखमय व्यतीत हो रहा था तब एक दिन रविंद्र को कारखाने जाने में विलंब हो गया तो वह घर से बिना भोजन किए ही कारखाने चला गया जिसके कारण उसकी पत्नी ने अपने पति के लिए अपने बेटे आंसुओं के हाथों खाने का डिब्बा भेजा आशु घूमते-घूमते अपने पिताजी के लिए जज्बा लेकर जा रहा था दूसरी तरफ अरविंद भी खाने से घर की तरफ जल्दी से निकल रहा था बीच मार्ग में पहुंचकर अरविंद ने अपने बेटे को अपनी तरफ आते हुए देखा परंतु फिर जो हुआ उसे देख कर कोई भी यकीन नहीं कर पाया लेकिन बीच दूर में आशु ने अपने पिता को नहीं देखा आगे दूर में बिजली के खंबे से टूटी हुई तार बीच सड़क में लटक रही थी आशु बिजली की तार की तरफ बढ़ा और खेल-खेल में उसने उस बिजली के तारों को पकड़ लिया था और को पकड़ते ही उसे तेज बिजली का करंट लगा और आंसुओं तार से चिपक कर रह गया यह देखकर अरविंद अपने पुत्र को बचाने के लिए उसके पास दौड़ा और तार को छुड़ाने के लिए कोई लकड़ी ढूंढने लगा जल्द ही वहां बहुत सारे लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई किसी को भी आशु को उस बिजली के तार से दूर करने का कोई भी मार्ग नहीं दिख रहा था व अरविंद ने साईं बाबा से अपने पुत्र के प्राणों की रक्षा के लिए गुहार लगाई थी भीड़ को चीरता हुआ एक कुत्ता पर छलांग मारते हुए आया और अपनी छलांग से उसने तार को पकड़कर खींच दिया और सड़क के दूसरे किनारे की तरफ गिर गया आंसुओं की हाथ से तो तार का करंट हट गया पर करंट के कारण आशु का हाथ जल गया और उसकी जान बच गई और ना जाने कैसे इतने तेज करंट से वहां कुत्ता भी बच गया यह देखकर वहां पर खड़े सभी लोग हैरान हो गए श्याम को समझ आ गया कि यह खुद साईं बाबा ने ही इस कुत्ते को भेजा है उसके बच्चे की प्राण की रक्षा करने के लिए भक्तों कर आप सभी को हमारी यह खास जानकारी एक खास वीडियो अच्छी लगी हो तो इस वीडियो को लाइक करें ज्यादा से ज्यादा शेयर करें मिलेंगे एक बार एक नई खास वीडियो के साथ तब तक के लिए बहुत-बहुत धन

जब एक गरीब व्यक्ति को रातों-रात साई बाबा ने बना दिया अमीर आदमी फिर जो हुआ उसे देख कर हो जाओगे हैरान

 जब साईं बाबा ने एक गरीब व्यक्ति के सारे संकट को पल भर में गायब कर दिया नमस्कार दोस्तों हमारे YouTube चैनल में आप सभी का हार्दिक हार्दिक स्वागत है दोस्तों तमिलनाडु के एक गांव में आशीष नाम का एक व्यक्ति अपने पत्नी के साथ रहा करता था हाथी गरीब था उसके लिए काफी गरीब था उसके बाद खाने के लिए भी पैसे नहीं थे वह काम करता है लेकिन पैसा इतना नहीं जुटा पाता इतना नहीं कमा पाता कि वह अपनी सारी जरूरतें पूरी कर सके उसकी पत्नी हमेशा उससे ताने मार के स्कूल नीचा दिखाया करती थी और आपके ही बाबा का बहुत ही बड़ा भक्त था वह दिन-रात साईं बाबा की पूजा पाठ किया करता था और प्रार्थना करता साईं बाबा सारा संसार सुखी रहे और मेरा घर भी चल सके मुसी मुझे अगस्त धंधे ;

भेजिए परंतु उसकी इच्छा कभी पूरी नहीं हो सकी इस वजह से कि उसकी पत्नी ने उससे कहा करती थीं कि उमर दिनभर साईं बाबा की पूजा करते हो साईं बाबा अगर होते तो तुम्हारी सुन लेते इस संसार में भगवान नाम का कोई चीज एवरीवन नहीं परंतु आशीष का साईं बाबा पर बहुत ही विश्वास था कि साईं बाबा उसकी एक ना एक दिन जरूर सुनेंगे आशीष एक दिन सुबह उठकर मंदिर या उसने देखा कि मंदिर काफी गंदा दिख रहा है उसने झाड़ू उठाया और मंदिर को साफ करना चालू कर दिया तभी एक व्यक्ति वहां पर आया और सीढ़ियों पर आंखों पर पहुंच गया तब उस बूढ़े व्यक्ति से आशीष ने पूछा कि आप बहुत परेशान दिख रहे हैं अगर कोई परेशानी है तो आप मुझे बता दे मैं उसे दूर कर सकूंगा उस बूढ़े व्यक्ति ने बताया कि मैंने दो दिन से कुछ नहीं खाया है और मुझे बहुत कमजोरी हो रही है और मत चल भी नहीं पा रहा हूं यह सुनकर आशीष को दया आ गई

 और उन्होंने कहा कि चलिए मैं आपको भोजन करा देता हूं आशीष उस बुजुर्ग व्यक्ति को अपने घर ले गया आशीष की पत्नी उस समय घर में भोजन ही बना रही थी कुछ देर बाद आशीष की पत्नी ने भोजन लेकर आया और सभी ने मिलकर साथ में भोजन किया सभापति ने कहा कि आप थक चुके होंगे एक काम कीजिए हक मेरे साथ यही पर कुछ देर आराम कर दीजिए कुछ देर बाद जब आशीष वहां से उठा तो उसने देखा कि वह बुजुर्ग व्यक्ति वहां पर नहीं है उसने अपनी पत्नी को बुलाकर पूछा कि वह व्यक्ति कहां गया तो उसकी पत्नी बोली मुझे नहीं पता मुझे नहीं मालूम कि वह कहां गया और मैंने तो इसे यहीं पर तो देखा था सोते हुए लेकिन ना जाने वह वृद्ध व्यक्ति कहां गया वहां पर एक है रखा हुआ था और उन लोगों ने जैसे ही इस थैली को खोला उसने बहुत सारे सोने के सिक्के तहसील को देखकर आशीष ने अपनी पत्नी से बोला कि अगर वह व्यक्ति इतना अमीर खा उसने मुझसे झूठ क्यों बोला वह दोनों कुछ समझ नहीं पा रहा इसलिए उन लोगों ने निर्णय किया कि इसे हम यहीं पर रहने देते हैं जब वह आएगा तो वहां से ले जाएगा उन लोगों ने उस जगह से एक सिक्का भी नहीं निकाला 

और कुछ देर बाद रात हो गई रात में बिरजू को एक सपना आया साईं बाबा ने आकर उन्हें कहा मैं तुम्हारी भक्ति से प्रसन्न हूं तुम्हारी तकलीफ हैं मुझे देखी नहीं गए वह पहला को तुम लोग ही रखो इससे तुम लोगों के जीवन की सारी तकलीफे दूर हो जाएगी और तुम लोग एक बेहतर और एक खुशहाल जिंदगी जी पाओगे है और आशीष की उसी समय आंख खुल गई उसने सारी बात जाकर अपनी पत्नी को बताई पत्नी को अपने पति की बात सुनकर अपने आप पर गिरा होने लगे और उसने अपने पति को कहा कि मैं आपको झूठा बोलती थी मैं आपको कितना लड़ती थी इस संसार में भगवान है उन दोनों ने मिलकर साईं बाबा के आगे हाथ जोड़ कर उनका शुक्रिया किया और आसिफ के साथ-साथ अब उसकी पत्नी भी साईं बाबा के व्रत रखने लगी और बाबा की अराधना करने लो भक्तों यह थी कि एक गरीब परिवार की कहानी जिसमें स्वयं साईं बाबा ने आकर 

उन गरीब परिवार के लोगों को संकटों से बचा लिया आपके क्या विचार है कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं वीडियो अच्छी लगी हो तो लाइक करें ज्यादा से ज्यादा शेयर करें मिलेंगे अगले आवाज वीडियो के साथ तब तक के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

जब एक मृत महिला को साईं बाबा ने किया जिंदा,उसके बाद जो हुआ उसे देख सब हैरान हो गए #घटना #sai #miracl

जब रातोरात एक तांत्रिक ने लिए एक महिला की जान फिर कैसे साईं बाबा ने महिला के शरीर में उनकी जान कैसे साईं बाबा ने दिया उस महिला को जीवनदान.

आज  हम आपको यही बताएंगे आज हम आपके लिए लेकर आए हैं साईं बाबा से जुड़ी एक खास वीडियो उसे देख कर आपके पैरों तले ज़मीन खिसक जाएगी .

नमस्कार दोस्तों हमारे YouTube चैनल में आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है, यह बात तो हम भी जानते हैं कि साहिबा सदैव ही सभी भक्तों का रक्षा करने इसी भी परिस्थिति पर दौड़े चले आते हैं वह तो प्रेत निशांत जैसी शक्तियों को खत्म करने के लिए साईं बाबा की अवधि छिड़की जाती है इसके अलावा तांत्रिक शक्तियों को भी विफल करने के लिए साईं बाबा के विभूति को ही पूजा जाता है कई बार नकारात्मक ऊर्जा का इस्तेमाल करने से कुछ लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ जाती है यह कहानी उत्तराखंड से महेंद्र भट्ट ने दी है,

 बनर्जी ने बताया कि कैसे उन्होंने अपने पड़ोसी की मदद करके उसके मृत पति पवन दिलाया कि हां महेंद्र जी साईं बाबा के परम भक्त हैं को यकीन है कि आज भी साहिब उनके साथ साए की तरह रहते हैं लेकिन उसका पड़ोसी राजेश उसे बिल्कुल भी पसंद नहीं कर पाते हर समय दुश्मनों की नजर से देखता रहता था इक बार महेंद्र देर रात अपनी नौकरी से घर जा रहा था इसी बीच राजेश के घर से धुआं निकलता देख वह घबरा गए और उसके घर में सीधा अंदर घुस गए अंदर जाकर देखते हैं कि वहां पर तांत्रिक क्रियाओं का याद कल आप और रहा है 


जिसका विरोध करते हुए हैं एनर्जी ने राज्यों से कहा यह सब गलत है का हर्जाना तुम्हें चुकाना पड़ जाएगा उन यह सभी इसी मकसद से करवा रहे हो तो राजेश ने बताया कि मुझे दस सालों से सुख की प्राप्ति नहीं हुई है करण मुझे यह सब करवाना पड़ रहा है कि इस पर महेंद्र जी को बहुत ही गुस्सा आया लेकिन वह यही सोचकर चुपचाप वहां से चले गए यह एक बच्चे की भावना के लिए एक बाप की कामना है फिर कुछ दिनों बाहर अमावस्या के दिन जब वो अच्छा जी खाना खाकर अपने घर की छत घूम रहे थे तब भी राजेश जी के घर से काफी धुआं आने लगा वह समझ गया कि आज फिर से वही अंधविश्वास वाला काम किया जा रहा है एनर्जी जाकर राजेश के बारे में पूरी कहानी अपने बीवी को बता दी और उससे और उसकी बीवी से रहने के लिए हिदायत दी अगले दिन साइज अतिथि साईं जी के जयंती पर महेंद्र जी हर दिन अपने घर के बाहर से भंडारा करवाते थे इस बार भी उन्होंने भंडारा करवाया लेकिन इस भंडारे में राजेश शामिल नहीं हुआ फिर भंडारा खत्म होने के बाद महेंद्र ने पड़ोसी होने के नाते भंडारे के खिचड़ी और कुड़ी राजेश और उसकी पत्नी को देने के लिए उसके घर गया वहां जाकर महेंद्र ने देखा कि राजेश की बीवी उसके घर में मरी पड़ी हुई है

 यह देखकर महेंद्र जी के पैरों तले जमीन खिसक गई फिर महेंद्र जी ने राजा से पूछा यह सब कैसे हो गया तुम्हारी बीवी इस तरह से कैसे मर गई और तक तो वह ठीक थी अब राजेश ने बताया कि उसके साथ धोखा हुआ है तांत्रिक ने उसके पत्नी की जान लेकर अपने आपको शक शौचालय बनाया है मुझे अपने बच्चे की सपने दिखाकर वह मेरी पत्नी के जान के साथ खिलवाड़ किया मुझे समझ नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूं बेहतर को यह बात सुनकर काफी दुख हुआ और उसने राज्य से कहा अब तुम्हारी पत्नी की जान केवल और केवल साईं बाबा ही बचा सकते हैं जो कि इन सबको केवल और केवल वहीं काट सकते हैं,

 अगर साईं बाबा की कृपा तुम पर हुई तो तुम्हारी पत्नी के प्राण साईं बाबा स्वयं बचा लेंगे इसके लिए तुम्हें अभी एक उपाय करना होगा राजेश ने महेंद्र जी से कहा मैं सब कुछ करने को तैयार हूं अब बस मुझे बताया कि मुझे करना क्या होगा अब महेंद्र ने बताया कि इस साइज जयंती के पावन अवसर पर तुम साईं बाबा के मंदिर में जाकर उनकी पूजा-अर्चना कराओ और साईं बाबा की अवधि भी लगा कराना यदि तुम्हें अगर अपनी पत्नी का जीवन दान चाहिए तो तुम्हें ऐसा ही करना होगा बाकि भगवान पर भरोसा छोड़ दो फिर राजी नंगे पांव जैसे ही मंदिर साईं बाबा के मंदिर जाने को निकला तो मौसम का मिजाज अचानक बदल गया जोरों से बहुत बारिश होने लगी और बहुत कि बिजली कड़कने लगी ऐसा भयानक ऑसम देखते ही महेंद्र जी ने राजेश का हौंसला बढ़ाया इन सबसे मडर आगे बढ़ हो या पता तुम्हारी बीवी को जीवनदान मिल जाए यह कहकर महेंद्र घर गया और अपनी पत्नी को लेकर राजेश के घर वापस आ गया इसके बाद राजेश ने महेंद्र जी के बताए गए उपायों को साईं बाबा के मंदिर में जाकर किया इसके बाद जब वह अपने घर वापस आया तो उसकी पत्नी मृत अवस्था में पड़ी हुई थी,

 कुछ देर बाद महेंद्र जी ने एक डॉक्टर को लेकर आया और डॉक्टर ने तुरंत राजीव जी की पत्नी को मुंह से सांस लेने की कोशिश की और रिएक्शन भी लगाया सीवीआर भी दिया फिर डॉक्टर ने राज्य का यह जिंदा है तो है किसने कहा कि यह मर चुकी है यह सुनकर राजेश हैरान हो गया और खुशी के मारे रोने लगा इसके बाद डॉक्टर ने कहा कि इन्हें जल्दी से जल्दी अस्पताल में भर्ती करवाना होगा फिर राजेश अपनी पत्नी को महेंद्र के साथ लेकर अस्पताल ले गया और केंद्र को शुक्रिया अदा करने लगा महेंद्र ने कहा देखा साईं बाबा को मानने का फल यदि तुम अपने बच्चे की खुशी पाने के लिए थोड़ा सा और सब्र कर लेते तो तुम्हें यह दिन देखना नहीं पड़ता फिर राजेश को अपनी करनी पर अफसोस होने लगा और उसके तीन दिन बाद जब उसकी पत्नी सही सलामत अपने घर वापस आ गई तो उन्होंने मिलकर साईं बाबा की भक्ति करना शुरू कर दिया और घर की हर दीवारों पर साईं बाबा का नाम और उनकी तस्वीर लगा दिया अब वह पति-पत्नी साईं बाबा के परम भक्त बन चुके हैं,

 और वाकई इस कहानी को सुनने के बाद आप भी साईं बाबा के चमत्कारों को समझ गए होंगे उनकी भक्ति में कितनी शक्ति है यह रातोरात उन्होंने एक महिला को जीवनदान दे दिया,

 यदि आपको हमारी वीडियो अच्छी लगी हो तो वीडियो को लाइक शेयर एंड सब्सक्राइब जरुर कीजिएगा और कमेंट में हमें लिखकर जरूर बताइएगा कि आपको यह वीडियो कैसा लगा हम मिलेंगे एक और नहीं खास वीडियो में तब तक के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद

जब हजार फुट ऊंची पहाड़ी से नीचे गिरी बस फिर कैसे बचे यात्री खुद देख कर हैरान हो जाओगे #miracles

 कि जब हजार फुट ऊंची पहाड़ियों से घिरी एक बर,

 उसके बाद जो हुआ सभी का दिल बैठ गया. आज के इस वीडियो में हम आपको बताएंगे एक खास रहस्यमई चमत्कार आप देख रहे हैं साईं जीवन माला YouTube चैनल,

 जाको राखे सांइयां मार सके ना कोय. अर्थात जिसके साथ साईं हैं, उसका कूर कार और कोई भी कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता ऐसी ही एक खास कहानी के बारे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं, जो हमें भेजी है कश्मीर में रहने वाले एक पंडित रतन कुमार जी ने रतनजी कश्मीर के निवासी हैं ,जिनकी आयु इस समय 81 वर्ष है रतनजी लंबे समय से साईं बाबा के उपासक हैं ,वे प्रतिदिन नियमबद्ध तरीके से साईं बाबा की पूजा अर्चना किया करते हैं रतन जी अपने बच्चे और पौत्र-पौत्रियों के साथ रहते हैं, उनके परिवार में सभी साईं बाबा के प्रति सच्ची अच्छा और आस्था रखते हैं, दोस्तों सब कुछ सुखमय रूप से व्यतीत हो रहा था,

 इसी वर्ग उनके और उनकी परिवार की इच्छा हुई कि वह अपने परिवार के साथ साईं बाबा के दर्शन करने के लिए शिरडी धाम को जाएं उन्होंने अपने घर में सभी के साथ मिलकर योजना बनाई तब मिलाकर उनके घर में 25 से 30 लोग थे सभी ने मिलकर एक छोटी बस का इंतजाम किया और 5 जुलाई को यात्रा के लिए निकल गए सभी लोग साईं बाबा की भक्ति में रम करें साईं बाबा के भजन और गीत गाते हुए आगे बढ़ रहे थे बड़ा ही भक्तिपूर्ण माहौल बना हुआ था परंतु आगे जो संकट आने वाला था उससे सभी अनजान थे कुछ ऐसा होने वाला था कि किसी ने सोचा भी नहीं था 10 से 12 घंटे का सफर पूर्ण करने के बाद रतन कुमार जी अपने पूरे परिवार के साथ शिरडी साईं बाबा के दरबार में पहुंच गए.

 सभी लोगों ने मिलकर साईं बाबा के बहुत ही अच्छे से दर्शन किए और दर्शन करने के बाद सभी वापस अपने घर की ओर निकल पड़े वापस आते समय रतन कुमार भी की बस एक ऊंची चट्टान पर चल रही थी उसी समय बस खराब होकर बंद हो गई ड्राइवर की लाख कोशिश के बाद भी बस चालू नहीं हो रही थी बस ऊंची चढ़ाई से नीचे की तरफ लुढ़कने लगी ड्राइवर पीछे जाकर बस को ब्रेक लगा रहा था लेकिन ब्रेड भी काम नहीं कर रहे थे और पीछे खाई को देखकर रतन कुमार जी और उनकी सभी परिवार के लोग काफी ही भयभीत हो गए जब ड्राइवर के द्वारा बस को लाख कोशिश करने के बाद भी रोका जा नहीं सका नवरत्न कुमार जी ने शिरडी के साईं बाबा को याद करके बोला हे साईं बाबा मुझे अपने प्राणों की कोई फ़िक्र नहीं पर मेरे पौत्र-पौत्री और अपने छोटे-छोटे बच्चों की रक्षा कीजिए वरना अनर्थ हो जाएगा उसके बाद हुआ उसे देखकर सभी के होश उड़ गए तेज रफ्तार से खाई में व्यक्ति बस अचानक से रास्ते में ऐसे सूख गई जैसे किसी ने बीच में उन्हें पकड़ लिया हो ड्राइवर चिल्ला कर कहने लगा मैंने तो ब्रेक लगाएं ही नहीं पर यह बस कैसे रुक गई,

 किसी को कुछ समझ में नहीं आया कि आखिर यह क्या हुआ कैसे हुआ परंतु रतन कुमार जी समझ गए थे कि जो प्रार्थना उन्होंने साईं बाबा से कि है साईं बाबा ने उनकी सुन ली है और उन सभी के प्राणों की रक्षा की है वहां पर मौजूद किसी भी व्यक्ति को अपनी आंखों पर यकीन नहीं हो रहा था परंतु सत्य तो यही था रतन कुमार जी का साईं बाबा पर पूर्ण विश्वास और साईं बाबा से की गई प्रार्थना के कारण साईं बाबा ने उनकी सुन ली और अपने भक्तों के प्राणों की रक्षा की भक्तों आपका क्या विचार है नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं और साथ ही कमेंट बॉक्स में जय साईं राम अवश्य ही लिखें वी अच्छी लगी हो तो लाइक करें ज्यादा से ज्यादा शेयर करें मिलेंगे अगली बार एक नई खास वीडियो के साथ तब तक के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद है

जब ट्रेन दुर्घटना से लाखों लोगों की जान बचाने, स्वयं साई बाबा के श्यामसुंदर घोड़े को आना पड़ा #sai

 क्या हुआ जब ट्रेन दुर्घटना से लाखों लोगों की जान बचाने स्वयं साईं बाबा के सवारी श्यामसुंदर घोड़ा दौड़े चले आए, फिर जो हुआ उसे देखकर सभी लोग हैरान हो गए,

 ओम साईं राम नमस्कार दोस्तों  आप सभी का बहुत-बहुत स्वागत है.

 दोस्तों आज हम आपको साईं बाबा के सवारी श्याम सुंदर घोड़े की एक ऐसी सच्ची घटना आपको सुनाने जा रहे हैं जिसे सुनकर आप के पसीने छूट जाएंगे दोस्तों यह आंखों देखी सच्ची घटना हमारे साथ साझा की है बिहार के रहने वाले कमल सिंह की और बताया कि कैसे स्वयं श्याम सुंदर घोड़े ने अपने लाखों भक्तों की जान बचाई, वो दोस्तों चलिए जानते हैं, आखिर इस दिन ऐसा क्या हुआ जब साईं बाबा के श्यामसुंदर थोड़ा को आना पड़ा रेल दुर्घटना से लाखों लोगों की जान बचाने दोस्तों मेरा नाम कमल सिंह है और मैं बिहार के एक छोटे से गांव में रहता हूं बिहार के सभी जनसंख्या से तो आप सभी अच्छे से वाकिफ है यहां पर ज्यादा से ज्यादा लोग ट्रेन में सफर करते हैं और यहां पर लोगों की ट्रेन में तालाब भी बहुत सावधान रहती है उस दिन ट्रेन हादसे में अगर साईं बाबा के श्याम सुंदर घोड़े ने मेरी जान बचाई होती तो पता नहीं कितने लोगों की जान चली जाती थी हादसा बिहार में हुआ था दरअसल तब की है जब मैं उसी ट्रेन में छपरा की तरफ जा रहा था उस ट्रेन में मेरे साथ बैठे हुए लोगों को जरा सा भी अंदाजा नहीं था कि इतना बड़ा हादसा होने वाला है और ना ही मुझे इस बात की थोड़ी सी भी भर भी मुझे नहीं थी ट्रेन अपनी रफ्तार चल रही थी और हम सब सफर का आनंद उठा रहे थे समय थोड़ा गुजरने के बाद कुछ ऐसी घटना घटी जिसे देखकर हम सब सह जाते हैं और हम सब सफर का आनंद उठा रहे थे समय बीतता गया और कुछ समय बाद हमारे साथ ऐसी घटना घटी जिसे देखकर हम सब सहन जाते हैं उस समय जब मानसी से सहरसा की तरफ भागती नदी के पूर्व तूफानी रफ्तार से चल रही थी तभी किसी को अंदाजा नहीं होता यह रफ्तार एकदम से रुकने वाली है उस दिनों जी में का मौसम था और जबरदस्त बारिश हो रही थी पट्टियों पर फिसलन थी और आप मशीनरी भी अपनी जुबान पर थी पूल के आगे का रास्ता एक झील का रूप ले चुका था और और अगर ट्रेन आगे जाती तो ट्रेन जेल की चपेट में आकर बुरी तरीके से टूट जाता यह बहुत बड़े हादसे का रूप ले लेता लेकिन जब ट्रेन अचानक रुकी और हम सबको मालूम पड़ा कि हम सब बहुत बड़े हादसे से बच गया जब हमारा सामना एक बुरे सत्य होता है सच सुनकर हम सभी सह जाते हैं उस समय वहां पर एक ऐसा चमत्कार वजह से हम सभी सुनकर दंग रह जाते हैं ड्राइवर उस फूल को क्रॉस करने वाला था एक तभी उस फूल पर दूर पर ही खड़ा एक घोड़ा नजर आया कि देखकर ड्राइवर सोचता है कि अगर चलती हुई ट्रेन से थोड़ा टकराता है तो शायद गाड़ी पटरी से उतर सकती है बहुत बड़ा हादसा हो सकता है यहां तक कि हजारों लोगों की जान भी जा सकती है यह देखकर ड्राइवर बिना कुछ सोचे-समझे इमरजेंसी ब्रेक मार दी ड्राइवर के ब्रेक मारने के बाद घोड़े की जान भी बच जाती है और बहुत खौफनाक फ्लेक्सीड ब्लुटूथ देर बाद ड्राईवर को जब पता चला कि आगे तरफ का रास्ता एक झील का रूप ले चुका है और ट्रेन के आगे जाने के बाद बहुत बड़ा हादसा हो सकता था तब ड्राइवर होने की तरफ देखता है और सोचता है कि अगर यह घोड़ा बीच में नहीं आया होता तो मैं ट्रेन नहीं रोकता है वह बहुत बड़ा हादसा होता दोस्तों यह ड्राइवर ने घटना हम सबको बताई और हम सब यह सभी बातें सुनकर उस घोड़े को धन्यवाद करने लग जाते हैं कहते हैं ना ऊपर वाले साईं बाबा का हाथ हम सब पर रहता है और वह हमारी मदद किसी भी रूप में आकर अभी भी कहीं भी करते हैं उस दिन भी साईं बाबा नहीं गढ़ श्याम सुंदर घोड़ा को हम सभी की जान बचाने के लिए भेजा था यह बहुत बड़ा चमत्कार था और आज भी मुझे याद है और हमेशा मेरी जिंदगी भर याद रहेगा मैं उस दिन को कभी नहीं भूल सकता तो दोस्तों जैसा कि आपने देखा यह सभी कोई काल्पनिक कथा नहीं थी ना ही कल्पना यह एक सत्य था जिस चमत्कार को हम आपको बताएं और इस चमत्कार का साक्षी केवल एक ही नहीं बल्कि और उसमें बैठे हजारों लोग भी हैं जिन्होंने उस समय यह सब पीछे अपनी आंखों से देखा था और कानों से सुना था यह एक सत्य घटना है अगर आपको यह खास वीडियो यह खास जानकारी पसंद आई हो तो वीडियो को लाइक शेयर एंड सब्सक्राइब जरुर कीजिएगा हम लेंगे और नहीं खास वीडियो में तब तक के लिए बने रहिए बहुत-बहुत धन्यवाद

मंगलवार, 5 अक्टूबर 2021

 When a 5-year-old child fell in the well, then everyone's senses were blown away seeing the miracle that Sai Baba showed, Hello friends, welcome to all of you,


 In your own YouTube channel, 

There lived a boy named Chhotu in a village in Andhra Pradesh, in his childhood, his parents left him in the stairwell of the temple, because they were unable to take care of him, the temple priest took that child to the temple. He picked it up from the ladder and started taking care of it himself. Pandit ji did not have a child of his own. That's why he started seeing that Chhotu as his child, as Chhotu grew up. That pandit ji used to narrate many more tales of Sai Baba to him,

Because she herself was worshiping in the temple of Sai Baba. Chhotu used to listen to all these stories with great enthusiasm. 1 time Chhotu's faith became very strong and strong, he used to worship Sai Baba according to the regular rules and also used to observe Sai Baba's fast on every Thursday,

After a few years, Chhotu grew up and started going to the university and one day something happened that he was surprised to see all the villagers at the time of Pandit ji; It is a matter of one day that Chhotu was returning to the university house, then on the way he saw that there was a deep well on the side of the road; And in the same pit of the well, a small dog's child is trapped between the stones,

Chotu, seeing all this, went ahead to help the child, after a lot of effort, Chhotu took that dog's child out of there but his foot slipped while walking behind and Chhotu himself fell into the well, he started drowning and he helped. But there was no one there to help him, it has been a long time when he did not understand any way, then he remembered that my father had taught me that when no one supports you, remember sai baba 

He will definitely help Chotu did the same, he prayed for help remembering Sai Baba, just now something happened that all the people got fed up seeing that the keeping on top of them suddenly came down Chhotu also pulled the rope Caught it quickly and the rope also slowly started coming up, Shortly the match came and when Chhotu came out and saw there was no one there,

He didn't understand who was pulling this person up after all. Thinking about this, he reached the Panditji of the temple and all of his own past told that Panditji to his father, Mahant Ji Panditji after listening to Chhotu. Became emotional and explained that no one else helped you but Sai Baba himself, this thing spread in the whole village and there were discussions of Sai Baba's miracles and Chotu's faith and devotion from that day onwards. Became more determined towards Sai Baba

Devotees, if you like this true incident related to Sai Baba, then like the video and subscribe to our channel and share as much as possible.


See you next time with new video till then thank you very much

पूजा करते समय यह चीज गिर जाए तो समझो साक्षात साईं भगवान खड़े हैं पास विशेष संकेत

 जय साईं राम स्वागत है आप सभी का आपके अपने चैनल पर तो जैसा कि आप सभी जानते हैं कि हम सभी बाबा को प्रतिमा पर मूर्ति पर माला चढ़ाते हैं घर की ...