शनिवार, 27 अप्रैल 2019

साई व्रत में दोपहर में सो सकते हैं क्या

हर तरफ से  निराश व्यक्ति को मिल जाती है, साईं नाथ की आस तो आप भी कर लीजिए साईं नाथ का उपवास,
मेरे  प्यारे भाइयों एवं बहनों और साई जीवन माला  के दर्शकों आप सभी के प्यार और आशीर्वाद से साई जीवन  माला प्रगति के पथ पर अग्रसर है,सभी दर्शकों को हृदय से साधुवाद जो आप सभी वीडियो को देख रहे हैं, लाइक कर रहे हैं, कमेंट कर रहे, और हमारे ब्लॉगर के पोस्ट को शेयर कर रहे हैं ,और पढ़ रहे हैं,अगर आपने हमारे यूट्यूब चेनेल साई जीवन माला को सब्सक्राइब नहीं किया है, तो कृपया सब्सक्राइब करें, हमारे वीडियो भी देखें साथ में हमारे ब्लॉक को भी पढ़ें, और बैल आइकन को ऑन कर लीजिए,जैसा कि आप सभी जानते हैं, साईं बाबा का व्रत एक ऐसा सरल और सटीक व्रत है ,जिसे करने से शिर्डी के साईं बाबा सभी भक्तों की सारी मनोकामना जरूर पूर्ण करते हैं,फिर भी साईं व्रत को करते समय बहुत सी बातें और सवाल रहते हैं, जिनका समाधान हमारे पास नहीं रहता खासकर उन लोगों के लिए जो पहली बार साईं बाबा का व्रत करती हैं ,आप लोग परेशान मत होना कभी साईं बाबा के व्रत को लेकर, आप सभी और हमारे प्यारे सब्सक्राइबर ने हमें बहुत से मैसेज किए हैं,
आप देख सकते हैं ,ऊपर स्क्रीन पर रिकॉल पंड्या जी ने हमसे पूछा है, कि क्या हम व्रत के दिन दोपहर में सो सकते हैं, आपका सवाल जायज है ,इसलिए मैं इस टॉपिक पर यह वीडियो बना रही हूं ,आशा करती हूं आप लोगों को व्रत  करने में सहूलियत होगी,,जैसे कि आप जानते हैं बाबा जी ने कहा था ,भूखे पेट रह कर ईश्वर की प्राप्ति नहीं हो सकती है, भोजन में संयम रखना शरीर और मन दोनों के लिए उत्तम है, उपवास का तात्पर्य मेरी दृष्टि में इतना ही है कि सप्ताह में 1 दिन एक समय अन्य को त्याग कर अपने इष्ट की पूजा करें,हम दिन भर घर और बाहर के बहुत से काम में व्यस्त रहते हैं ,और साथ में व्रत भी रहते हैं ,जिसके कारण व्रत के दिन हम ज्यादा मेहनती काम कर नहीं पाते और थक जाते हैं, और हमें आराम करने के सिवा कुछ नजर नहीं आता, मैं बता दूं आप लोगों को अगर हमारा शरीर स्वस्थ रहेगा तो ही तो हम व्रत रह पाएंगे ,तो आप मन में कोई भी शंका समाधान ना पाले  और बेफिक्र होकर दोपहर में साईं व्रत की पूजा करने के बाद दोपहर में सो सकते हैं
और यदि आप शाम को साईं बाबा के व्रत में पूजा करते हैं, तो भी आप शाम को सो सकते हैं ,बशर्ते शाम को जब आप पर सो कर उठे तो ,अच्छे से स्नान करने के बाद पीले वस्त्र पहन कर ही साईं जी का व्रत करें, और साईं भक्ति में सच्ची श्रद्धा बनाकर व्रत करें ,साईं बाबा आपका भला करें, व्रत को लेकर अगर और कोई भी शंका और परेशानी है तो आप मुझे कमेंट में जरूर बताएं ,और मैं आपके सारे सवालों का जवाब दूंगी और फिर मिलेंगे ,एक साईं के नए वीडियो के साथ और एक नए ब्लाक के साथ तब तक के लिए जय साईं राम

शुक्रवार, 2 मार्च 2018

इंसान और भगवान

इंसान और भगवान

एक बार एक गरीब किसान एक अमीर साहूकार के पास आया, और उससे बोला कि आप अपना एक खेत एक साल के लिए मुझे उधार दे दीजिये। मैं उसमें मेहनत से काम करुँगा, और अपने खाने के लिए अन्न उगाऊंगा।

अमीर साहूकार बहुत ही दयालु व्यक्ति था। उसने किसान को अपना एक खेत दे दिया, और उसकी मदद के लिए 5 व्यक्ति भी दिए। साहूकार ने किसान से कहा कि मैं तुम्हारी सहायता के लिए ये 5 व्यक्ति दे रहा हूँ, तुम इनकी सहायता लेकर खेती करोगे तो तुम्हे खेती करने में आसानी होगी।

साहूकार की बात सुनकर किसान उन 5 लोगों को अपने साथ लेकर चला गया, और उन्हें ले जाकर खेत पर काम पर लगा दिया। किसान ने सोचा कि ये 5 लोग खेत में काम कर तो रहे हैं, फिर मैं क्यों करू? अब तो किसान दिन रात बस सपने ही देखता रहता, कि खेत में जो अन्न उगेगा उससे क्या क्या करेगा, और उधर वे पाँचो व्यक्ति अपनी मर्जी से खेत में काम करते। जब मन करता फसल को पानी देते, और अगर उनका मन नहीं करता, तो कई दिनों तक फसल सुखी खड़ी रहती।

जब फसल काटने का समय आया, तो किसान ने देखा कि खेत में खड़ी फसल बहुत ही ख़राब है, जितनी लागत उसने खेत में पानी और खाद डालने में लगा दी खेत में उतनी फसल भी खेत में नहीं उगी। किसान यह देखकर बहुत दुखी हुआ।

एक साल बाद साहूकार अपना खेत किसान से वापिस माँगने आया, तब किसान उसके सामने रोने लगा और बोला आपने मुझे जो 5 व्यक्ति दिए थे मैं उनसे सही तरीके से काम नहीं करवा पाया और मेरी सारी फसल बर्बाद हो गयी। आप मुझे एक साल का समय और दे दीजिये मैं इस बार अच्छे से काम करूँगा और आपका खेत आपको लौटा दूँगा।

किसान की बात सुनकर साहूकार ने कहा- बेटा यह मौका बार बार नहीं मिलता, मैं अब तुम्हें अपना खेत नहीं दे सकता। यह कहकर साहूकार वहाँ से चला गया, और किसान रोता ही रह गया।

दोस्तों अब आप यहाँ ध्यान दीजिये –

वह दयालु साहूकार “भगवान” हैं

गरीब किसान “हम सभी व्यक्ति” हैं

साहूकार से किसान ने जो खेत उधार लिया था, वह हमारा “शरीर” है

साहूकार ने किसान की मदद के लिए जो पांच किसान दिए थे, वो है हमारी पाँचो इन्द्रियां “आँख, कान, नाक, जीभ और मन”

भगवान ने हमें यह शरीर अच्छे कर्मो को करने के लिए दिया है, और इसके लिए उन्होंने हमें 5 इन्द्रियां “आँख, कान, नाक, जीभ और मन” दी है। इन इन्द्रियों को अपने वश में रखकर ही हम अच्छे काम कर सकते हैं ताकि जब भगवान हमसे अपना दिया शरीर वापिस मांगने आये तो हमें रोना ना आये।
🌻🌻🌻🌻

गुरुवार, 8 फ़रवरी 2018

The importance of Mahashivaratri

The importance of Mahashivaratri will be closed Mahashivaratri's fasting women Kannari Kanya Baba, old and old, doing this fast in the mind of the family's happiness prosperity says that Mahadev fulfills all the desires of the world; Mahadev was the only power in the world, Was not there any end to the worship of Lord Shiva by the devotion of all the creatures? Whereas the virtue is attained, the crown of the jata on the head of Shiva and the Ganga ji was beautiful. His big leader was like a lotus, he had the nilkandha. He was the treasure of beauty. Jatia's charity was perfect on his head Shivaji's glory is famous in all the three places. By taking names, all the problems of the devotees are removed. If you devote their fast to them, then you will be rewarded with success in life as well as the desired results. On the day of Shivratri, the significance of night awakening is of great significance, while worshiping Shiva, Om Namah, in the mind should always be kept in the mind and after milking them with water, chinta mata Abhishek gives cooling to the chanda. The festival of Shivratri is the festival of the Krishna side of phagun month Chaturdashi is regarded as a special significance of Mahashivaratri, written in Shiva Purana, when there was a conflict between the subject between Brahma ji and Vishnu ji that Who is the greatest of both, the fierce battle between the two occurred after seeing the war of Brahma ji and Vishnu ji, by appearing in the form of a light pillar of Lord Devi Lord Lord Shiva Lord Shiva Ji, this war was completely peaceful. Jai Prakash Pillar appeared on the date that day was the Chaturdasi of the Falgun's Krishna side, hence this festival is called Mahashivaratri. Urwk people of all religions to worship ritual worship of Bholenath is offered the day making bath Shiva Shiva with datura oleander flowers Samir flower cane juice milk Belptr flowers celebrate together in reverence.
Mahashivaratri should do fasting with pomp and whosoeverever fastens Shivaji, whatever the worship of Lord Shiva, he should first collect all the material of worship, sometimes some material is not available, hence milk curd honey sugar Mixing all together, make CG a Panchayat, take bath and then should elect them with water flow, in mind, worship Om Namah Shiva by chanting and worshiping Shiva Braham Due to being a symbol of Brahma, the formless and formless Brahma is reverend for all, just as formless Brahma form is without color, etc. Similarly, the person who is fasting should wake up in the morning after consuming the bath and after consuming it on the head Tilak and throat should take Rudraksh Mala and go to Shiva Mandir and Namaskar should perform Namaskar before Lord Shiva. Saying that Mahadev is pleased with your grace this fastlessness and work anger, people will not suffer from the enemy. Rudraksha holds great virtue and holds all kinds of happiness. It is said that on Monday all the defects related to the moon Offer milk to Mahadev for redress.
If you can not worship Shiva every day, then on Monday, you must make Mahadev very dear on Monday. Parvati Mata too did a lot to achieve Shiva, then she received Kailashwasi Mahadev, on the fasting day of Shivratri, not at all. Keep someone who does not want to tear your hair, offer the same on Shivling. Women do not break the coconut on this day. Flow of the flowing water or do not pay the Shiva Vermilion them Goddess forget not offering.

mahaashivaraatri ka mahatv

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मंगलवार, 6 फ़रवरी 2018

भगवान का भरोसा

(((भगवान का भरोसा)))
एक आदमी ने दुकानदार से पूछा - केले और सेवफल क्या भाव लगाऐ हैं ? केले 50 रु.दर्जन और सेब 80 रु. किलो ।
उसी समय एक गरीब सी औरत दुकान में आयी और बोली मुझे एक किलो सेब और एक दर्जन केले चाहिये - क्या भाव है भैया ? दुकानदार: केले 5 रु दर्जन और सेब 25 रु किलो। औरत ने कहा जल्दी से दे दीजिये । दुकान में पहले से मौजूद ग्राहक ने खा जाने वाली निगाहों से घूरकर दुकानदार को देखा । इससे पहले कि वो कुछ कहता - दुकानदार ने ग्राहक को इशारा करते हुये थोड़ा सा इंतजार करने को कहा।
औरत खुशी खुशी खरीदारी करके दुकान से निकलते हुये बड़बड़ाई - हे भगवान तेरा लाख- लाख शुक्र है , मेरे बच्चे फलों को खाकर बहुत खुश होंगे । औरत के जाने के बाद दुकानदार ने पहले से मौजूद ग्राहक की तरफ देखते हुये कहा : ईश्वर गवाह है भाई साहब ! मैंने आपको कोई धोखा देने की कोशिश नहीं की यह विधवा महिला है जो चार अनाथ बच्चों की मां है । किसी से भी किसी तरह की मदद लेने को तैयार नहीं है। मैंने कई बार कोशिश की है और हर बार नाकामी मिली है।तब मुझे यही तरीकीब सूझी है कि जब कभी ये आए तो मै उसे कम से कम दाम लगाकर चीज़े दे दूँ। मैं यह चाहता हूँ कि उसका भरम बना रहे और उसे लगे कि वह किसी की मोहताज नहीं है। मैं इस तरह भगवान के बन्दों की पूजा कर लेता हूँ ।
थोड़ा रूक कर दुकानदार बोला : यह औरत हफ्ते में एक बार आती है। भगवान गवाह है जिस दिन यह आ जाती है उस दिन मेरी बिक्री बढ़ जाती है और उस दिन परमात्मा मुझपर मेहरबान होजाता है । ग्राहक की आंखों में आंसू आ गए, उसने आगे बढकर दुकानदार को गले लगा लिया और बिना किसी शिकायत के अपना सौदा खरीदकर खुशी खुशी चला गया ।
कहानी का मर्म :-
खुशी अगर बांटना चाहो तो तरीका भी मिल जाता है l
पोस्ट कैसी लगी कमेन्ट करके जरूर बताएं....
संतमत विचार;-बस एक कोशिश कीजिये और अपने आसपास ऐसे ज़रूरतमंद यतीमों, बेसहाराओ को ढूंढिये और उनकी मदद किजिए .........................
मंदिर मे सीमेंट या अन्न की बोरी देने से पहले अपने आस - पास किसी गरीब को देख लेना शायद उसको आटे की बोरी की ज्यादा जरुरत हो ।
आपको पसंद आऐ तो सब काम छोडके ये मेसेज कम से कम एक या दो गुरुप मे जरुर शेयर जरूर करे ।
किसी गुरुप मे ऐसा देवता ईन्सान मिल जाऐ ।
कहीं एसे बच्चो को अपना भगवान मिल जाए ।
कुछ समय के लिए एक गरीब बेसहारा की आँख मे आँख डालकर देखे, आपको क्या महसूस होता है ।
फोटो या विडीयो भेजने कि जगह ये मेसेज कम से कम एक गुरुप मे शेयर जरुर करे ।
स्वयं में व समाज में बदलाव लाने के प्रयास जारी रखें ।

*अनोखी दवाई

💊 *अनोखी दवाई*💊

काफी समय से दादी की तबियत खराब थी . घर पर ही दो नर्स उनकी देखभाल करतीं थीं . डाक्टरों ने भी अपने हाथ उठा दिए थे और कहा था कि जो भी सेवा करनी है कर लीजिये . दवाइयां अपना काम नहीं कर रहीं हैं .

उसने घर में बच्चों को होस्टल से बुला लिया . काम के कारण दोनों मियां बीबी काम पर चले जाते . दोनों बच्चे बार-बार अपनी दादी को देखने जाते . दादी ने आँखें खोलीं तो बच्चे दादी से लिपट गए .

'दादी ! पापा कहते हैं कि आप बहुत अच्छा खाना बनाती हैं . हमें होस्टल का खाना अच्छा नहीं लगता . क्या आप हमारे लिए खाना बनाओगी ?'

नर्स ने बच्चों को डांटा और बाहर जाने को कहा . अचानक से दादी उठी और नर्स पर बरस पड़ीं .

'आप जाओ यहाँ से . मेरे बच्चों को डांटने का हक़ किसने दिया है ? खबरदार अगर बच्चों को डांटने की कोशिश की !'

'कमाल करती हो आप . आपके लिए ही तो हम बच्चों को मना  किया . बार-बार आता है तुमको देखने और डिस्टर्ब करता है . आराम भी नहीं करने देता .'

'अरे! इनको देखकर मेरी आँखों और दिल को कितना आराम मिलता है तू क्या जाने ! ऐसा कर मुझे जरा नहाना है . मुझे बाथरूम तक ले चल .'

नर्स हैरान थी .

कल तक तो दवाई काम नहीं कर रहीं थी और आज ये चेंज .

 सब समझ के बाहर था जैसे . नहाने के बाद दादी ने नर्स को खाना बनाने में मदद को कहा . पहले तो मना किया फिर कुछ सोचकर वह मदद करने लगी .

 खाना बनने पर बच्चों को बुलाया और रसोई में ही खाने को कहा .

'दादी ! हम जमीन पर बैठकर खायेंगे आप के हाथ से, मम्मी तो टेबल पर खाना देती है और खिलाती भी नहीं कभी .'

दादी के चेहरे पर ख़ुशी थी . वह बच्चों के पास बैठकर उन्हें खिलाने लगी .

 बच्चों ने भी दादी के मुंह में निबाले दिए . दादी की आँखों से आंसू बहने लगे .

'दादी ! तुम रो क्यों रही हो ? दर्द हो रहा है क्या ? मैं आपके पैर दबा दूं .'

'अरे! नहीं, ये तो बस तेरे बाप को याद कर आ गए आंसू, वो भी ऐसे ही खाताा था मेरे हाथ से .

*पर अब कामयाबी का भूत ऐसा चढ़ा है कि खाना खाने का भी वक्त नहीं है उसके पास और न ही माँ से मिलने का टैम*

'दादी ! तुम ठीक हो जाओ, हम दोनों आपके ही हाथ से खाना खायेंगे .'

'और पढने कौन जाएगा ? तेरी माँ रहने देगी क्या तुमको ? '

'दादी ! अब हम नहीं जायेंगे यहीं रहकर पढेंगे .' दादी ने बच्चों को सीने से लगा लिया .

 *नर्स ने इस इलाज  को कभी पढ़ा ही नहीं था जीवन में .*

*अनोखी दवाई थी अपनों का साथ हिल मिल कर रहने की.*

दादी ने नर्स को कहा:-

 आज के डॉक्टर और नर्स क्या जाने की भारत के लोग 100 साल तक निरोगी कैसे रहते थे।

छोटासा गांव सुविधा कोई नही
हर घर मे गाय
खेत के काम
कुंए से पानी लाना
मसाले कूटना, अनाज दलना
दही बिलोना मख्खन निकलना

एक घर मे कमसे कम 20 से 25 लोगों का खाना बनाना कपड़े धोना, कोई मिक्सी नही, नाही वॉशिंग मशीन या कुकर
फिर भी जीवन मे कोई रोग नही
मरते दिन तक चश्मे नही और दांत भी सलामत
*ये सभी केवल परिवार का प्यार मिलने से होता था।*
नर्स तो यह सुनकर हैरान रह गई और दादी दूसरे दिन  ठीक हो गई।
            आईये बने हम भी दवा ऐसे ही अपनो की
*🙏💐💐💐💐💐💐💐 🙏*

,जिंदगी की शरूवात

।।माँ के गर्भ  से लेकर ,जिंदगी की शरूवात अथार्त जिंदगी की यात्रा खत्म होने तक भगवान कैसे मिलते हैं और साथ रहते हैं , प्रत्येक स्थिति में वर्णन।।

1.माँ के गर्भ में बच्चा 9 महीने तक उल्टे सिर तपस्या करता है और उसे अपना पुराना जन्म याद रहता है और वह अपने नए जन्म को भगवान के नाम के कीर्तन ओर भजन के लिए मांगता है।।
2. गर्भ से बच्चा मांगता है ,की जब में संसार मे अपनी यात्रा करूँगा तो भगवान आपका भजन ओर कीर्तन से इस यात्रा को सम्पात करूँगा।।
3. लेकिन जैसे ही माँ के गर्भ से बाहर आता है , वह इसलिए रोटा है कि भगवान में अपन तेरे वश से बाहर हु, लेकिन तब धर्मराज भगवान को कहते है कि में इस को किसी पीड़ा या धर्म सकंट में डाल कर आपका नाम का सिमरन या जब जब मुनष्य किसी परेशानी में होगा तो आपका भजन ओर सिमरन करेगा।।
4.हर अथवा प्रत्येक स्तिथि में मनुष्य को ये हमेशा याद रहेगा कि भगवान के भजन के बिना मुक्ति या कष्ट खत्म नई होगा।
5.भगवान ने दो हाथ दिए दान करने के लिए। दो पैर दिए तीर्थो पर घूमने के लिए। दो आँख दी ,संत का दर्शन करने के लिए। दो कान दिए ,भगवान का भजन ओर कीतर्न सुनने के लिए। जीभ दी भगवान के लिए गीत और भजन गाने के लिये।
6.कवि देख देख दुनिया का हाल रोये, भगवान ने कवि से कहा  कि जो मनुष्य जैसा कर्म करे वैसा फल पाए, कवि तू किस बात को लेकर रोये।
7.हर वक्त यही प्रार्थना करो कि भगवान में तुम्हे याद रहू या नही लेकिन में तुम्हे याद करता रहू ,आपको अपनी भगति से खुश करता रहू ओर रिझाता रहू।।
8.भक्ति का करने का नियम ,की अपने अंदर के भ्रम को मिटा कर की जाती है।। भगवान को कुछ नही चाइए बस भाव लेकर भगवान पास जाओ और भाव से भक्ति करो।। ये नही की में कुछ लेकर जाऊ तो भगवान खुश होंगे नही , सिर्फ भ्रम मिटा कर भाव से भक्ति काम आएगी प्रभु को मिलने के लिए।।
9.दिखावे की पूजा नही करो,की  हमे सभी मन्त्र आते ह विधि आती है, किताबी कीड़ा नही बनो बस जो लिखा उसी को पढ़ा और कर ली भगति, नही आने उंदर से भक्ति करो भाव से। भगवान से कहो कि हम कुछ नही जानते , विधि ,पूजा की विधि बस इतना कह कर अपने आप भगवान अपनी राह पर ले जाएगा और पता ही नही लगेगा।।
10.भगवान पर सब छोड़ दो , तुम्हारी परेशानी और कोई भी कष्ट भगवान दूर कर देंगे और तुम किसी प्रकार की टेंशन नही ले पाओगे।।
11. हर अच्छे और बुरे वक्त में धन्यवाद करो भगवान का।। बहुत कुछ सिख जाओगे
12. किसी को भगवान के बारे में कुछ सिखाने से पहले ये सोचे कि आप भी उस बात का अमल करते है या नही।।
13. किसी को उपदेश देने से पहले सोचे आपके परिवार में वैसी शांति है जो दूसरों को सिखाने जा रहे है।
14.चर्चा करनी है भगवान की करो , बेवजह किसी की निंदा नही करो।।
15.हा बस पंडाल में जाकर बैठ जाने को भक्ति नही कहते बल्कि एक एक शब्द पर ध्यान देने को भक्ति कहते हैं।।
16. प्रार्थना एक ऐसा माध्यम है जिससे बड़े से बड़े कष्ट तल जाते है।।
17. भगवान की चर्चा करने को भी भक्ति कहते है ,सत्संग कहते है ये नही की कोई महात्मा हमे कुछ बताये या कथा करे वही सत्संग है।। नही ऐसा कुछ नही।।
18. भगवान की वाइब्रेशन को अपने अंदर महसूस करो , किसी बी समय कहि भी ,किसी भी स्थिति में किसी भी स्थान पर। जहां से याद करो गे वही भगवान है और आएंगे।।
19. कहि जाने की जरूरत नही तुम जहां हो भगवान उसी ओर है, कहि नही घूमने की जरूरत, बस भाव से याद करो भगवान कहि भी आएंगे।।
20. भगवान अपने बच्चो के लिए ओर भक्त के लिए कुछ भी करने को तैयार है। बस थोड़ा भाव से भगवान को याद कर के देखो।
21. जितनी मर्जी किताबे पढ़ लो एक बात यही है कि भगवान भाव के भूखे है केवल।।
22.दान उनको करो जिनको दान की जरूरत है उनको नही जिनके घर पहले ही भरे पड़े हैं।।
23.भेड़ चाल में नही चलो बल्कि कोई परिवार का सदस्य या मित्र गलत दान या भक्ति पर जा रहा है उनकी हेल्प करो, रास्ता दिखाओ।। दुनिया की बात पर मत चलो ,बल्कि तुम दुनिया को एक तरफ रख कर भगवान के मार्ग पर भगवान का साथ लेकर चलो।।
24. भगवान की वाइब्रेशन को महसूस कर के बस जैसे जैसे अन्दर से आवाज़ आती रहे चलते जाओ।।
25. अभी से स्टार्ट करो कुछ समय लगेगा , महीने भी या कुछ साल भी भगवान को पाने के लिए क्योकि अब तक ना जाने या अनजाने में पाप तुमसे हुए है पहले को खत्म होंगे ,भगवान के नाम लेने से उसके बाद जब भगवान मिलेंगे तो नई जिंदगी स्टार्ट होगी।
26. एक टाइम रखो की भगवान से अकेले में बात करने का कहि भी बैठ कर ,किसी भी जगह बस भाव से केवल।। कोई सामग्री की जरूरत नही , किसी प्रकार का ढोंग नही ,केवल भाव की जरूरत है।।
27. भगवान के घर देर है लेकिन अंधेर नही।।
28.विश्वास करना सीखो भगवान पर।। हर स्तिथि में।।
29. ।।आरम्भ भी वही है और अनन्त भी।।
।।जन्म भी वही है और मृत्यु भी।।
।।सुख भी वही है और दुख भी।।
।।वो देव ही नही महादेव है।।
30.किसी भी पाखण्ड या अंध विश्वास में न पड़े , जो भागये में लिखा है वही मिलेगा न उससे ज्यादा या उससे कम।। बस मेहनत करते जाओ और कर्म भी , फल की इच्छा बिना रखे।।
।।जय श्री राम।।

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       *"जय श्री कृष्ण"*
           *"राधे राधे"*
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पूजा करते समय यह चीज गिर जाए तो समझो साक्षात साईं भगवान खड़े हैं पास विशेष संकेत

 जय साईं राम स्वागत है आप सभी का आपके अपने चैनल पर तो जैसा कि आप सभी जानते हैं कि हम सभी बाबा को प्रतिमा पर मूर्ति पर माला चढ़ाते हैं घर की ...